खेलपथ प्रतिनिधि जिद और जुनून से हर मुकाम हासिल किया जा सकता है। बस इरादे मजबूत होने चाहिए। मंजिलें खुद कदम चूमती हैं। फिर वह खेल का मैदान हो, अम्पायरिंग हो या फिर खेल संघ की जिम्मेदारी हो। पुरुषों का वर्चस्व तोड़ महिला खिलाड़ियों ने हर जगह अपनी छाप छोड़ी है। आओ जानें दुनिया की कुछ ऐसी ही महिला खिलाड़ियों को जिन्होंने वर्ष 2019 में अंतरराष्ट्रीय फलक पर नई बुलंदियों को चूमा।&n.......
नई दिल्ली। भारत के दिग्गज टेनिस खिलाड़ी लिएंडर पेस ने संन्यास का संकेत कर दिया है। 46 वर्षीय पेस ने बुधवार को जानकारी देते हुए बताया कि 2020 उनके करियर का आखिरी साल होगा। इसके बाद वे टेनिस को अलविदा कह देंगे। 1996 ओलंपिक में एकल में पदक जीत चुके पेस ने सोशल मीडिया पर सभी को क्रिसमस की बधाई देते हुए अपने संन्यास की जानकारी दी। पेस की जहां तक बात है इस दिग्गज ने 18 युगल और मिश्रित ग्रैंड स्लैम खिताब जीते हैं। इतना ही नहीं उन्होंने 54 ट्रॉफियां .......
सरकार ने हाल ही अकादमी को की पांच करोड़ रुपये की मदद खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। एक सही खिलाड़ी जीवन भर खेल की बेहतरी के बारे में ही सोचता है। ओलम्पिक में देश की पहली महिला पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी भी उन्हीं में से एक हैं। कर्णम मल्लेश्वरी ने यमुनानगर में वेटलिफ्टिंग की अकादमी खोलने के लिए सिडनी ओलम्पिक में जीते गए पदक के बदले मिली राशि को ही दांव पर लगा दिया। इस अकादमी में अब गरीब बच्चों को मुफ्त में ट्रेनिंग दी जा रही है। मल्लेश्वर.......
'फ्रॉम द हर्ट' पुस्तक का विमोचन नई दिल्ली| भारत की दिग्गज धावक दुती चंद ने कहा है कि उन्हें टोक्यो ओलम्पिक की तैयारी करने में परेशानी आ रही है। दुती ने यह बात राष्ट्रीय राजधानी में इकरामा स्पोर्ट्स लिटरेचर फेस्टिवल में अपनी किताब 'फ्रॉम द हर्ट' पर चर्चा के दौरान कही। यह इस लिटरेचर फेस्टिवल का दूसरा संस्करण हैं। दो दिन तक चले इस फेस्टिवल के पहले दिन दुती की किता.......
हाथ में तिरंगा लेकर पैदल खरगोन से दिल्ली को निकले रिटायर्ड पुलिसकर्मी तारक कुमार खेलपथ प्रतिनिधि खरगोन: हॉकी के जादूगर मेजर ध्यान चंद को भारत रत्न दिए जाने की मांग काफी समय से चल रही है। इसी को लेकर मध्य प्रदेश के खरगोन पुलिस विभाग से रिटायर हुए तारक कुमार प.......
नौ नेशनल खिताब जीतने वाली पहली महिला मुक्केबाज श्रीप्रकाश शुक्ला रोहतक। कहते हैं यदि कुछ हासिल करने की इच्छा-शक्ति हो तो वह एक न एक दिन जरूर मिलती है। कविता चहल बेशक मैरीकाम जैसी ख्यातिनाम मुक्केबाज न हों लेकिन राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी में वह उनसे भी आगे हैं। 81 किलोग्राम भारवर्ग में अपने दमदार पंचों से वह एक-दो नहीं अब तक नौ बार राष्ट्रीय च.......
मलेशिया में जीते दो पदक, नीलू के खाते में अब 74 अंतरराष्ट्रीय पदक महिला सशक्तीकरण का नायाब उदाहरण श्रीप्रकाश शुक्ला वाराणसी। उम्र सिर्फ एक संख्या है। यदि आप में जीत और कुछ करने की इच्छा-शक्ति हो तो कोई कार्य असम्भव नहीं है। 47 साल की उम्र में 74 अंतरराष्ट्रीय पदक जीतकर वाराणसी की नी.......
भारत का राष्ट्रीय खेल है हॉकी। दुनिया के ओलंपिक खेलों में ऐसे भी दिन रहे कि किसी और खेल से चाहे स्वर्ण पदक न आये, लेकिन भारत को इस खेल में स्वर्ण पदक मिल ही जाता था। न मिलता तो उसका मुख्य प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान इसे जीत लेता। लेकिन दि.......
पुण्यतिथि पर विशेष श्रीप्रकाश शुक्ला ओलम्पिक के आठ स्वर्ण और एक विश्व खिताब का मदमाता गर्व हर भारतीय को कालजयी दद्दा ध्यानचंद की याद दिलाता है। नपे-तुले पास, चीते सी चपलता, दोषरहित ट्रेपिंग, उच्च स्तर का गेंद नियंत्रण और सटीक गोलंदाजी हॉकी के मूल मंत्र हैं, दद्दा ध्यानचंद की हॉकी भी मैदान में प्रतिद्वंद्वी को कुछ यही पाठ पढ़ाती थी। 29 अगस्त, 1905 को परतंत्र भारत के प्रयाग नगर में एक तंगहाल गली में सोमेश्वर दत्त सिंह के घर जन्मे ध्यान.......
खेलपथ प्रतिनिधि जालंधर। कहते है कि मां बनने के बाद एक महिला का जीवन बहुत ही बदल जाता है। हां, सच है क्योंकि महिला पहले से ज्यादा मजबूत हो जाती है। उसकी ममता उसकी कमजोरी नहीं ताकत बन जाती है। अपनी इसी ममता का परिचय देते हुए टाटा मोटर्स सीनियर राष्ट्रीय कुश्ती चैम्पियनशिप में एक बच्चे की मां अनीता श्योराण ने गोल्ड हासिल किया। यह बात इससे भी ज्यादा खास है, क्योंकि अनीता ने इस चैंपियनशिप में कॉमनवेल्थ गेम्स की ब्रान्ज मेडलिस्ट दिव्या को ह.......