सफलता में बहुत लोगों का होता है हाथः मारिन

स्पेन की बैडमिंटन स्टार कैरोलिना मारिन ने सैयद मोदी इंटरनेशनल टूर्नामेंट में महिला सिंगल्स खिताब जीता। वे पहली बार चैंपियन बनीं हैं। मारिन ने भी कहा- ‘भारत में खेलना तो मुझे हमेशा ही अच्छा लगता है। यहां की ऑडियंस बहुत चियर करती है। अभी अगले साल ओलिंपिक खेल लूं, फिर प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) में खेलने आने के बारे में भी सोचती हूं।’ मारिन सोशल साइट पर या फिर खेल के बारे में बात करते हुए हमेशा I की जगह हम लिखती हैं। वे इसकी वजह बताती हैं- खिलाड़ी की ज.......

पिता की मौत भुलाने को मंजू रानी बनी मुक्केबाज

विश्व महिला मुक्केबाजी चैम्पियनशिप में जीता चांदी का पदक भारत की 19 वर्षीया मुक्केबाज मंजू रानी को विश्व महिला मुक्केबाजी चैंपियनशिप के फाइनल में हार का सामना क.......

मैं ग्राउंड रेसलिंग में खा गई मातः विनेश

अब ओलम्पिक पदक जीत पति से किया वादा पूरा करूंगी श्रीप्रकाश शुक्ला नई दिल्ली। पहलवान विनेश फोगाट ने नया इतिहास रच दिया है। वह देश की पहली ऐसी पहलवान बन गई हैं, जिसने वर्ल्ड चैम्पियनशिप के मेडल के साथ ओलम्पिक के लिए क्वालीफाई किया है। इस तरह विनेश फोगाट अपने पहलवान पति सोमबीर से किया हर वादा पूरा कर रही हैं और अब केवल ओलम्पिक मेडल जीतने का वादा बाकी है। विनेश का कहना है कि मुझमें अभी काफी कमियां हैं जिन्हें दूर कर वह ओलम्पिक मेडल भी जी.......

मैं टोक्यो ओलम्पिक में तिरंगा लहराना चाहती हूंः सपना कुमारी

रांची। हिन्दुस्तान अखबार की ओर से रांची में आयोजित 'पूर्वोदय 2019' सम्मेलन में झारखंड की युवा एथलीट सपना कुमारी मंच पर आईं। इस दौरान उन्होंने टोक्यो ओलम्पिक के लिए अपनी तैयारियों और एथलेटिक्स की दुनिया में अब तक की अपनी यात्रा के बारे में बताया। सपना कुमारी 100 मीटर हर्डल इवेंट में पार्टिसिपेट करती हैं। सपना ने कहा कि मैं टोक्यो ओलम्पिक में तिरंगा लहराना चाहती हूं। सपना ने कहा, 'मुझे स्पोर्ट्स में कोई इंटरेस्ट नहीं था। मैं अपनी बहन स्नेहा सिंह को देखकर.......

ओलम्पिक स्वर्ण के लिए मेरी कैबिनेट में एक पदक खाली हैः पीवी सिंधु

ओलम्पिक गोल्ड के लिए अभी से तैयारियों में जुटीं पीवी  शीर्ष भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी पी वी सिंधु ने कहा कि विश्व चैम्पियनशिप के स्वर्ण पदक ने रियो ओलंपिक को छोड़कर पिछले सभी फाइनल में हारने के जख्म को भर दिया है। और उन्हें उम्मीद है कि अगले साल तोक्यो में वह इस कमी को भी पूरा कर लेंगी, जिसके लिए उन्होंने ट्रॉफियों की कैबिनेट में एक जगह खाली रखी है। ओलंपिक रजत पदक विजेता सिंधु ने बासेल में अपने लगातार तीसरे फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को 21-7 21-7 से हराकर विश.......

ईरानी कबड्डी प्रशिक्षक शैलजा की कहानी उन्हीं की जुबानी

जकार्ता एशियाड में ईरान ने भारत को 27-24 से हराकर पहली बार महिला कबड्डी में गोल्ड मेडल जीता है। ईरानी टीम को कामयाबी दिलाने वाली कोच हैं शैलजा जैन धोपडे। महाराष्ट्र के खेल विभाग में 32 साल कोचिंग देने वाली शैलजा ने अपने अनुभव बताते हुए कहा कि भारत को कबड्डी खेल में सावधान रहने की जरुरत है क्योंकि कई देश इस खेल में बेहतर कर रहे हैं। शैलजा ने कहा कि मेरे प्रशिक्षण से कबड्डी का स्वर्ण पदक जीतने वाली ईरानी टीम ने कड़ी मेहनत की बदौलत चैम्पियन भारत का मानमर्दन किया। ईरानी टीम की कोच बनने पर शैलजा क.......

अन्य खिलाड़ियों को भी मिले क्रिकेटर्स जैसा प्यार

हिमा और दुती ने कहा- 19 दिन में पांच गोल्ड जीतने वाली 19 साल की हिमा दास और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में गोल्ड जीतकर आईं 23 साल की दुती चंद दोनों फर्राटा धावक हैं। असम की हिमा दास क्रिकेटर्स के मुकाबले अपनी ऐतिहासिक उपलब्धियों को बेहद कम तवज्जो मिलने से दुखी हैं। ओडिशा की दुती चंद को भी यही मलाल है। दुती के मुताबिक, ‘‘11 सेकंड दौड़ने के लिए वर्षों एड़ियां घिसी हैं। धावक रोज सुबह 4 बजे उठकर 8-8 घंटे प्रैक्टिस करता है। ऐसे में अगर देश उसकी उपलब्धियों को नजरअंदा.......

ज्यादा खेलना समझदारी का सूचक नहीं : एमएसके प्रसाद

भारतीय क्रिकेट टीम के राष्ट्रीय चयनकर्ता एमएसके प्रसाद ने मौजूदा चयन समिति में शामिल पूर्व खिलाड़ियों के औसत अंतर्राष्ट्रीय रिकार्ड पर आलोचकों द्वारा लगातार निशाना साधे जाने पर मंगलवार को कहा कि वह इस बात को नहीं मानते ‘अगर आपने अधिक मैच खेले हैं तो.......

नये वजन वर्ग में दबदबा बनाने में लगेगा समय: विनेश

खेलपथ प्रतिनिधि लखनऊ। वजन वर्ग में बदलाव के साथ विनेश फोगाट की मानसिकता में भी बदलाव आया है और इस स्टार महिला पहलवान को यह .......

स्टार क्रिकेटर स्मृति मंधाना ने सुनाई अपनी दास्तां

'लोग कहते थे कि काली हो गई तो शादी कौन करेगा' नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की स्टार बल्लेबाज स्मृति मंधाना का मानना है कि एक समय ऐसा भी था, जब उनकी मां चाहतीं थीं कि वह क्रिकेट की जगह टेनिस जैसा कोई व्यक्तिगत खेल चुनें लेकिन क्रिकेट के प्रति उनके प्यार के आगे मां को झुकना पड़ा और आज उनके करियर को तराशने में उनके माता-पिता का सबसे अहम योगदान है. अपनी बल्लेबाजी से सबका ध्यान आकर्षित कर चुकीं मंधाना को इस साल आईसीसी ने 'साल .......