नेत्रा कुमानन का टेनिस-नृत्य के बाद नौकायन बना जूनुन

ओलम्पिक टिकट हासिल करने वाली पहली भारतीय महिला की कहानी खेलपथ संवाद नई दिल्ली। नेत्रा कुमानन ने 12 साल की उम्र तक टेनिस, साइकिलिंग, बास्केटबॉल के साथ भरतनाट्यम में भी हाथ आजमा लिया था लेकिन नौकायन से जुड़ने के बाद उन्हें जिंदगी का असली मकसद मिला, जिसे उन्होंने ओलम्पिक टिकट हासिल करने वाली पहली भारतीय नौकाचालक बनकर सार्थक किया। चेन्नई की 23 साल की इस खिलाड़ी ने ओमान में ही एशियाई क्वालीफायर की ‘लेजर रेडियल’ स्पर्धा में शीर.......

मुझे खिलाड़ियों से खिलवाड़ बर्दाश्त नहींः सुशील कुमार

स्कूल गेम्स फेडरेशन के दूसरी बार अध्यक्ष बने  परीक्षा के बाद नेशनल स्कूल गेम्स शुरू हो सकते हैं खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसजीएफआई) के नए अध्यक्ष बने सुशील कुमार ने कहा कि खिलाड़ियों के भविष्य के साथ कोई खिलवाड़ करेगा, यह मुझे बर्दाश्त नहीं है। मुझे जो जिम्मेदारी मिली है, मैं उसको अच्छे से निभाऊंगा। दो बार के ओलम्पिक मेडलिस्ट पहलवान सुशील कुमार ने कहा कि जो चुनाव दिसम्बर में हुए थे। उनमें स्प.......

शूटर एलावेनिल की कहानी उन्हीं की जुबानी

पांच खेलों में हाथ आजमाया फिर शूटिंग को अपनाया खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। 21 साल की एलावेनिल वलारिवान 10 मीटर एयर राइफल में दुनिया की नंबर-1 शूटर हैं। उन्होंने हाल ही में दिव्यांश सिंह पंवार के साथ 10 मीटर राइफल मिक्स्ड में गोल्ड जीता था। उनकी बचपन से ही खेलों में रुचि थी। एथलेटिक्स, बैडमिंटन, जूडो, हैंडबॉल और कबड्‌डी में हाथ आजमाए। स्टेट में मेडल भी जीते। पहली बार शौकिया तौर पर शूटिंग की। यह खेल पसंद आया। फिर गन फॉर ग्लोरी एकेड.......

शूटर यशस्विनी का अगला लक्ष्य ओलम्पिक गोल्ड

कोरोनाकाल में घर पर ही रेंज बनाकर प्रैक्टिस की विश्व निशानेबाजी में दो स्वर्ण और एक कांस्य पदक जीता खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। भारतीय बेटियां इन दिनों अपनी प्रतिभा और जुनून से नए प्रतिमान स्थापित कर रही हैं। इन्हीं बेटियों में शामिल है पंचकूला की उदीयमान निशानेबाज यशस्विनी देसवाल। यशस्विनी ने दिल्ली में चल रहे आईएसएसएफ शूटिंग वर्ल्ड कप में दो गोल्ड और एक ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया है। वह 10 मीटर एयर पिस्टल के इंडिविजुअल और टीम.......

पहले ओलम्पिक मेडल फिर शादीः प्रवीण जाधव

नौ साल बाद ओलम्पिक में पहुंची भारतीय आर्चरी टीम बातचीत में कहा मजदूर माता-पिता को एक अच्छा घर देने की हसरत नई दिल्ली। टोक्यो ओलम्पिक के रिकर्व इवेंट के लिए भारतीय आर्चरी टीम की घोषणा हो गई है। तीन ट्रायल के बाद महाराष्ट्र के प्रवीण जाधव टॉप पर रहे। अतनुदास दूसरे और तरुणदीप तीसरे स्थान पर रहे। ये तीनों ओलम्पिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। प्रवीण का यह पहला ओलम्पिक होगा। उन्होंने बातचीत में कहा कि आर्चरी ही उनका जीवन है। अगर वे इसम.......

ऑटो चालक ने दिए बेटी के सपनों को पंख

चेहरा खराब हुआ तो कोई शादी नहीं करेगा खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। बेटियां मान हैं, बेटियां अभिमान हैं। यह बातें उनके लिए सटीक बैठती हैं जो बेटियों को बेटों के बराबर महत्व देते हैं। एक ऑटो चालक समाज के लिए नजीर है जिसने अपनी बेटी के सपनों को पंख दिए और बेटी ने भी पिता को निराश न करते हुए मुक्केबाजी जैसे खेल में एक मिसाल कायम कर दी। जी हां, भारतीय महिला मुक्केबाज विंका की कहानी उन अभिभावकों के लिए उदाहरण है जोकि बेटियों को पराया धन मानत.......

क्रिकेट से पहले फुटबॉल खेलते थे केरल के ओपनर मोहम्मद अजहरुद्दीन

इंडियन प्रीमियर लीग के 2021 सीजन में सभी टीमों की नजर है इस युवा पर साक्षात्कार नई दिल्ली। इंडियन प्रीमियर लीग के 2021 सीजन के लिए नीलामी 18 फरवरी को होगी। इससे पहले इस साल सैयद मुश्ताक अली टूर्नामेंट में सबसे तेज शतक लगाने वाले केरल के ओपनर मोहम्मद अजहरुद्दीन को लेकर काफी चर्चाएं चल रही हैं। ऐसा माना जा रहा है कि वे नीलामी में सबसे महंगे घरेलू क्रिकेटर्स में से एक हो सकते हैं। दो साल पहले भी अजहरुद्दीन का नाम ऑक्शन लिस्ट में था। 201.......

मैंने समाज के तानों को बनाया अपनी ताकतः लवलीना बोरगोहाईं

मोहम्मद अली और माइक टायसन के वीडियो देखती है गांव बारह मुखिया की बेटी  खेलपथ प्रतिनिधि गुवाहाटी। असम का गांव बारह मुखिया अब लवलीना बोरगोहाईं की वजह से मशहूर है। 23 साल की लवलीना 69 किलो वर्ग में दुनिया की तीसरी वरीयता प्राप्त महिला मुक्केबाज हैं। 15 की उम्र में बॉक्सिंग शुरू करने वाली लवलीना ने 19 की उम्र में एशियन बॉक्सिंग में कांस्य जीता। 2018 में इंडियन ओपन में गोल्ड फिर आइबा विश्व मुक्केबाजी में कांस्य जीता। टोक्यो ओलम्पिक क.......

वसीम अकरम बनना चाहते थे नदीम

कोच ने उन्हें बिशन सिंह बेदी की तरह स्पिनर बनाया पिता को भी विश्वास नहीं था बेटा क्रिकेटर बनेगा चेन्नई। टीम इंडिया को इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नई टेस्ट में 227 रन से शिकस्त झेलनी पड़ी। भारतीय टीम 4 टेस्ट की सीरीज में 0-1 से पिछड़ गई। इस मैच के लिए भारत की प्लेइंग इलेवन में अक्षर पटेल और कुलदीप यादव को नजरअंदाज करते हुए शाहबाज नदीम को जगह दी गई थी। यह लेफ्ट-ऑर्म स्पिनर नदीम के करियर का दूसरा टेस्ट था, जिसमें उन्होंने 4 विकेट लिए। .......

कप्तान और मैनेजमेंट ने हमेशा मुझ पर भरोसा दिखायाः अजिंक्य रहाणे

बतौर खिलाड़ी आपका योगदान हमेशा शत-प्रतिशत होना चाहिए मुम्बई। कंगारुओं को उन्हीं की धरती पर पराजय का हलाहल पिलाने वाले कप्तान अजिंक्य रहाणे का कहना है कि उन्हें टीम में बने रहने को लेकर कभी भी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा। कप्तान और मैनेजमेंट ने हमेशा मुझ पर भरोसा दिखाया। भारत के अजेय टेस्ट कप्तान अजिंक्य रहाणे ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐतिहासिक सीरीज जीत का श्रेय नहीं लेना चाहते। वे जीत का श्रेय पूरी टीम को देते हैं। वे कहते हैं कि जब आप एक मै.......