महाराष्ट्र के किशोर ने ‘टेबल टेनिस' में बनाया नया ‘गिनीज रिकॉर्ड'

लातूर। महाराष्ट्र के लातूर के 14 वर्षीय किशोर ने ‘टेबल टेनिस' पैडल का इस्तेमाल कर एक घंटे में सबसे अधिक 9512 ‘ऑल्टरनेट हिट' का ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' बनाया। ‘गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड' की वेबसाइट के अनुसार, पी. हरिकृष्णा ने इस साल एक अक्टूबर को पिछले एक हजार हिट का रिकॉर्ड तोड़ते हुए नया रिकॉर्ड बनाया।  शहर स्थित ‘राजा नारायणलाल लाहोटी इंग्लिश स्कूल' ने 20 दिसम्बर को हरिकृष्णा को सम्मानित कि.......

बचपन से ही मुझे मार-धाड़ पसंदः मनीषा मौन

कोलोन विश्व कप में लगाया स्वर्णिम पंच पड़ोसी बच्चों को मुक्कों से पीट देती थी, इसलिए घर वालों ने सिखाई बॉक्सिंग खेलपथ प्रतिनिधि नई दिल्ली। बचपन से ही मार-धाड़ में दक्ष मनीषा मौन ने शनिवार को कोलोन शहर में हुई विश्व कप मुक्केबाजी में स्वर्णिम पंच लगाकर भारत को गौरवान्वित किया। इस प्रतियोगिता में भारतीय मुक्केबाजों ने तीन स्वर्ण सहित कुल नौ मेडल जीते। इसी के साथ भारतीय मुक्केबाजों ने अपने 67 दिनों के यूरोपीय प्रशिक्षण और प्रतियो.......

अंडर 13 में इश्मित ने जीता बैडमिंटन का खिताब

बहादुरगढ़। शहर की एचएल सिटी स्थित बैडमिंटन एकेडमी में चल रही शाइनिंग स्टार बैडमिंटन प्रतियोगिता के अंडर 13 वर्ग का खिताब इश्मित सिंह ने जीत लिया है। इश्मित ने दिव्यम सचदेवा को 21-11 और 21-12 के अंतर से दो सीधे सेटों में हराया। इससे पहले इश्मित ने सेमीफाइनल में मनन कुमार को 21-15, 21-14 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी। अंडर 13 के विजेता इश्मित और उपविजेता दिव्यम को भारतीय तैराकी संघ के सह सचिव अनिल खत्री और खेल प्रेमी अमित जून ने पुरस्कार देकर सम्मा.......

मायरा व अनिरुद्ध ने जीता स्टेट अवार्ड

चंडीगढ़/पंचकूला। सेक्टर 23 स्थित गवर्नमेंट काॅलेज आफ योग में चंडीगढ़ स्टेट योगासन चैम्पियनशिप का आयोजन किया गया। योग में 8 और 10 वर्षीय आयु वर्ग में मायरा खट्टर व अनिरुद्ध ने स्वर्ण पदक हासिल किया। इस प्रतियोगिता का आयोजन चंडीगढ़ योग एसोसिएशन की तरफ से किया गया था।  10 से 12 वर्षीय आयु वर्ग में कार्तिक और श्री शर्मा ने स्वर्ण पदक प्राप्त किया। 12 से 14 आयु वर्ग में विनायक व जया को शीर्ष स्थान मिला। वहीं, 14 से 16 वर्षीय आयु वर्ग में राम क.......

मेंडोका ने हंगरी में खिताब के साथ अपना पहला ग्रैंडस्लैम नार्म हासिल किया

नई दिल्ली। भारत के युवा अंतरराष्ट्रीय मास्टर लियोन ल्यूक मेंडोका ने हंगरी में रिगो शतरंज अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का खिताब जीतकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम नार्म हासिल किया। गोवा के चौदह वर्षीय मेंडोका ने छह बाजियां जीती, दो ड्रॉ खेली और एक हारी। वह दस खिलाड़ियों के बीच शीर्ष पर रहकर चैम्पियन बने।  इस प्रतियोगिता में तीन ग्रैंडमास्टर ने भी हिस्सा लिया था। मेंडोका ने नौ में से सात अंक बनाए। यह टूर्नामेंट कोविड-19 के प्रोटोकॉल के अनुरूप आयोजित किया गया था। .......

फिट इंडिया चैलेंज में लखनऊ के अर्णव प्रताप को तीसरा स्थान

होनहार अर्णव का मूलमंत्र, कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती खेलपथ प्रतिनिधि लखनऊ। प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती बस उसे प्रोत्साहित करने वाले होने चाहिए। फिट इंडिया चैलेंज प्रतियोगिता में तीसरा स्थान हासिल कर लखनऊ के होनहार अर्णव प्रताप सिंह ने इसी बात को सिद्ध किया है। अर्णव प्रताप सिंह ने फिट इंडिया चैलेंज प्रतियोगिता में शानदार .......

जम्मू-कश्मीर का गौरव है जिम्नास्ट बवलीन कौर

खेल ही नहीं पढ़ाई में भी अव्वल खेलपथ प्रतिनिधि जम्मू। बेटियां कहीं की हों उनमें नीलगगन में उड़ान भरने का हुनर आ गया है। कभी आतंकवाद के साए में रहने वाले जम्मू-कश्मीर में अब बेटियां हर क्षेत्र में कौशल दिखाने को बेताब हैं। ऐसी ही बेटियों में जिम्नास्ट बवलीर कौर भी शामिल है। यह बेटी खेल ही नहीं पढ़ाई में भी अव्वल है। जम्मू-कश्मीर के साथ राष्ट्रीय जिम्नास्टिक जगत में बवलीन कौर बड़ा नाम हैं। छोड़ी सी आयु में बवलीन ने जिम्नास्टिक म.......

छह साल के बच्चे की फिटनेस और फुटबॉल स्किल्स लाजवाब

अरात का सपना फुटबॉल विश्व कप में सबसे कम उम्र का खिलाड़ी बनना नई दिल्ली। लिओनेल मेसी हो या क्रिस्टियानो रोनाल्डो, इन दिग्गज फुटबॉलरों के खेल और फिटनेस की दुनिया दीवानी है। आज कल के वक्त में क्रिकेट, फुटबॉल, टेनिस या कोई अन्य खेल, हर जगह खिलाड़ी खेल के साथ अपनी फिटनेस पर बहुत ध्यान देते हैं और उसके लिए कड़ी ट्रेनिंग करते हैं। सोशल मीडिया पर भी ये खिलाड़ी लगातार अपनी फिटनेस और ट्रेनिंग की वीडियो डालते रहते हैं। लेकिन इन सबके बीच एक छह साल के बच्.......

टेनिस में मध्य प्रदेश की महक

श्रीप्रकाश शुक्ला आज जहां भारत जैसे देश में बेटियों को कोख के अंदर ही मार दिया जाता है वहीं ऐसे अभिभावकों की भी कमी नहीं है जोकि बेटियों की तरक्की के लिए अपना घर-बार तक बेच देते हैं। पुलेला गोपीचंद जैसे लोग देश की प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर शोहरत दिलाने के लिए जहां अपना घर गिरवी रख देते हैं वहीं विनय जैन जैसे पिता बेटी की कामयाबी के लिए न केवल नौकरी छोड़ते हैं बल्कि अपना आशियाना भी गिरवी रखने में संकोच नहीं करते। भारत में .......

हालात और मजबूरी, बेटियों की बना दी खेलों से दूरी

चमकने से पहले ही बुझ गए उम्मीदों के चिराग श्रीप्रकाश शुक्ला ग्वालियर। खेलों में सुनहरा करियर है लेकिन भारत जैसे देश में खिलाड़ी बनना बहुत कठिन काम है। खेल संस्कृति का अभाव और खराब सिस्टम खिलाड़ियों का न केवल मनोबल तोड़ता है बल्कि उन्हें असमय ही खेलों से नाता तोड़ लेने को भी मजबूर कर देता है। देश में प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन देश की .......