कोच के प्रयासों से उज्बेकिस्तान पहुंची उदीयमान फुटबालर निधि
अंडर 17 भारतीय टीम में हुआ चयन, अनफिट लिखकर रोक दी राह
खेलपथ संवाद
बहादुरगढ़। हरियाणा की बेटी निधि की इंडिया अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम तक पहुंचने की कहानी संघर्ष और जुझारूपन से भरी है। बेंगलुरु में चयन कैम्प के लिए पहुंचने से पहले उनके नाम के सामने अनफिट दर्ज था, जबकि वह पूरी तरह फिट थी। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि निधि को कैम्प की जानकारी भी आधिकारिक तौर पर नहीं मिली थी।
निधि को इसकी जानकारी दोस्तों से मिली तो उन्होंने अपने मेंटोर कोच सुदर्शन सिंह से सम्पर्क किया। कोच ने एआईएफएफ से बात की तो अनफिट दर्ज होने का मामला सामने आया। चयनित खिलाड़ियों को 6 अगस्त तक बेंगलुरु पहुंचना था और यह जानकारी 5 अगस्त को मिली। समय बेहद कम था।
कोच सुदर्शन सिंह ने तुरंत फ्लाइट टिकट की व्यवस्था कराई, जरूरी दस्तावेज और औपचारिकताएं पूरी कराईं और निधि को बेंगलुरु पहुंचाया। कैम्प में पहुंचने के बाद निधि ने अपनी प्रतिभा साबित की और अब इंडिया अंडर-17 महिला फुटबॉल टीम से उज्बेकिस्तान में दम दिखाया। भारतीय टीम का पहला मुकाबला 27 अगस्त और दूसरा 30 अगस्त को हुआ।
बस चालक पिता पवन और गृहिणी मां की बेटी निधि ने सीमित संसाधनों में यह मुकाम हासिल किया है। कोच सुदर्शन सिंह और कोच रोहित पराशर के मार्गदर्शन में तैयार हुई निधि की कहानी बताती है कि प्रतिभा को एक मौका मिल जाए तो अनफिट जैसा एक शब्द भी उसका रास्ता नहीं रोक सकता।
