टीटागढ़ जूडो अकादमी में होनहारों के सपनों को मिलती उड़ान

अनगिनत उपलब्धियां पर सरकार और एसोसिएशन से कोई मदद नहीं

खेलपथ संवाद

कोलकाता। जूडो सिर्फ एक खेल नहीं बल्कि जीवन जीने की कला है। इससे मानसिक शांति के साथ आत्मरक्षा का बल मिलता है। टीटागढ़ जूडो अकादमी पश्चिम बंगाल का जाना-पहचाना खेल केन्द्र है। यहां अनुभवी प्रशिक्षकों द्वारा प्रतिभाशाली बालक-बालिकाओं को सही तकनीक सिखाकर उनके सपनों को उड़ान दी जाती है। यहां के कई खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपने दमदार प्रदर्शन से प्रदेश को गौरवान्वित कर चुके हैं।

पश्चिम बंगाल की टीटागढ़ जूडो अकादमी कोलकाता में स्थित एक बेहतरीन और उभरता हुआ खेल केन्द्र है, जो युवाओं को जूडो, कुश्ती और शारीरिक शिक्षा का प्रशिक्षण देकर उनके सपनों को नई उड़ान दे रही है। यहां साधारण परिवार के बच्चों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुँचने का मौका मिलता है। यह स्थान बच्चों में खेल की भावना और अनुशासन का विकास करता है। सच कहें तो टीटागढ़ जूडो अकादमी आज के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रही है। यह स्थान उनके सपनों को सच करने का एक अनूठा मंच है।

यहां अनुभवी कोच मोहम्मद साहेब के मार्गदर्शन में युवाओं और बच्चों को जूडो, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो और योग का प्रशिक्षण दिया जाता है। यह अकादमी किन्नसन मजदूर क्लब, 57, बैरकपुर ट्रंक रोड, टीटागढ़, कोलकाता में स्थित है। यह अकादमी न केवल देश का भविष्य गढ़ रही है बल्कि हर होनहार को जीत के मंत्र भी सिखा रही है। यहां 50 से अधिक प्रतिभाएं सुबह-शाम प्रशिक्षक मोहम्मद साहेब की निगरानी में अपना कौशल निखारती देखी जा सकती हैं।

इस अकादमी की प्रतिभाएं विभिन्न प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर पश्चिम बंगाल को गौरवान्वित कर रही हैं। यहां से प्रशिक्षण हासिल आदिल ने 2023 में हुई कैडेट नेशनल चैम्पियनशिप के -60 किलोग्राम भारवर्ग में ब्रांज मेडल जीतकर अकादमी को पहचान दी। कामयाबी की इसी फेहरिश्त में 2025 में सीबीएसई के स्कूल नेशनल में वैष्णवी शर्मा ने -78 किलोग्राम भारवर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर पश्चिम बंगाल का गौरव बढ़ाया। इसी तरह चांदनी कुमारी शॉ ने दिल्ली में हुए स्कूल नेशनल गेम्स के -70 किलोग्राम भारवर्ग तथा अंजलि सेन ने +70 किलोग्राम भारवर्ग में सिल्वर मेडल जीते।

इसी तरह अकादमी की अंकिता चौधरी खेलो इंडिया में गोल्ड मेडल जीत चुकी हैं जबकि परवेज खेलो इंडिया यूथ गेम्स में प्रतिभाग कर चुके हैं। अकादमी के सन्नी पासी की 2023 में पांचवीं रैंक थी जबकि इशिका अग्रहरि की 2026 में चंडीगढ़ नेशनल में सातवीं रैंक रही। 2026 में ही चंडीगढ़ में हुई सीबीएसई नेशनल में सयान मंडल ने ब्रांज मेडल जीतकर पश्चिम बंगाल का गौरव बढ़ा चुके हैं।  

इस मार्शल आर्ट और फिटनेस प्रशिक्षण केन्द्र में युवाओं और बच्चों में अनुशासन, शारीरिक फिटनेस, आत्मविश्वास और आत्मरक्षा के कौशल को बढ़ावा देने का काम किया जाता है। अफसोस की बात है कि बेहतरीन सफलता के बाद भी टीटागढ़ जूडो अकादमी के होनहारों को पश्चिम बंगाल जूडो एसोसिएशन (कोलकाता), स्कूल शिक्षा विभाग तथा सरकार द्वारा अभी तक कोई आर्थिक प्रोत्साहन नहीं मिला है। अकादमी के संचालक और प्रशिक्षक एमडी साहेब जहां सरकारी उदासीनता से काफी दुःखी हैं वहीं मेडलिस्टों का कहना है कि यदि उन्हें अच्छी सुविधाएं और आर्थिक प्रोत्साहन मिले तो वे राष्ट्रीय ही नहीं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पश्चिम बंगाल को गौरवान्वित कर सकते हैं।   

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