नौकरी के लिए खिलाड़ी को खेल विभाग में पांच साल सेवा देना जरूरी
खेल निदेशक दीप्ति सिंह ने दी जानकारी, 243 खिलाड़ियों को मिलनी है सरकारी
खेलपथ संवाद
हल्द्वानी। उत्तराखंड के राष्ट्रीय खेलों (नेशनल गेम्स) में पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को पांच साल खेल विभाग में नौकरी अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए खेल विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत इन खिलाड़ियों को नियुक्ति के बाद शुरुआती 5 वर्षों तक खेल विभाग में ही अपनी सेवाएं देनी होंगी। हल्द्वानी में पत्रकारों से बातचीत में खेल निदेशक दीप्ति सिंह ने यह जानकारी दी।
उत्तराखंड सरकार फिलवक्त पदक विजेता 243 खिलाड़ियों को नौकरी देने की तैयारी कर रही है। खेल निदेशक ने बताया कि खिलाड़ियों को आउट ऑफ टर्न सरकारी नौकरी देने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। वित्त, युवा कल्याण, खेल और परिवहन विभाग ने इसके लिए खाली पदों का ब्योरा उपलब्ध करा दिया है। वित्त विभाग की स्वीकृति के बाद अब इस प्रस्ताव को राज्य कैबिनेट में लाने की तैयारी है। खेल विभाग द्वारा तैयार किए गए नए नियमों के पीछे का उद्देश्य खिलाड़ियों के खेल और अभ्यास को निरंतर बनाए रखना है।
खेल विभाग में 5 साल की अनिवार्य सेवा के दौरान खिलाड़ी नियमित अभ्यास के साथ-साथ राज्य और देश के लिए नए पदक जीतने पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे। विभाग ने इस नए नियम का प्रस्ताव तैयार कर अंतरिम स्वीकृति के लिए शासन को भेज दिया है। उन्होंने कहा कि शासन से मंजूरी मिलते ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
