हावरंग एकेडमी के होनहारों ने केवीएस नेशनल में दिखाया जौहर
गोल्डन गर्ल मृदुला बिटिया ने कटाया एसजीएफआई का टिकट
जब मेहनत पदक बनती है, तो इतिहास लिखा जाता है
खेलपथ संवाद
चेन्नई/बेंगलुरु। हावरंग एकेडमी के होनहार खिलाड़ियों ने एक बार फिर अपनी बादशाहत सिद्ध कर दी है। हाल ही में केवीएस की नेशनल ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में केवीएस चेन्नई रीजन के 23 खिलाड़ियों ने अपना कौशल दिखाया जिनमें से सात खिलाड़ियों ने पदक जीतकर चेन्नई रीजन का गौरव बढ़ाया। केवीएस की राष्ट्रीय प्रतियोगिता में हावरंग एकेडमी के 12 खिलाड़ियों (आठ छात्र तथा चार छात्राएं) ने हिस्सा लिया जिसमें से चार ने पदक जीते। गोल्डन गर्ल मृदुला अब राष्ट्रीय स्कूली खेलों में दमखम दिखाने वाली चेन्नई रीजन की एकमात्र खिलाड़ी होंगी।
केवीएस की नेशनल ताइक्वांडो चैम्पियनशिप में केवीएस चेन्नई रीजन के होनहारों ने कुल सात पदक जीते, जिनमें एक गोल्ड, एक सिल्वर तथा पांच ब्रांज मेडल शामिल हैं। इन पदकों में हावरंग एकेडमी के खिलाड़ियों का एक गोल्ड, एक सिल्वर तथा दो ब्रांज मेडल का योगदान रहा। केवीएस नेशनल में हावरंग एकेडमी की मृदुला ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अण्डर-19 बालिका वर्ग के 52 किलो भारवर्ग में गोल्ड मेडल पर कब्जा जमाया। मृदुला ने पटना, भोपाल, गुवाहाटी तथा देहरादून रीजन की खिलाड़ियों को परास्त कर यह स्वर्णिम सफलता हासिल की।
हावरंग एकेडमी की गोल्डन गर्ल मृदुला के अलावा तेजस्वी गुप्ता ने सिल्वर मेडल जीता। तेजस्वी को एसजीएफआई की प्रतीक्षा सूची में रखा गया है। केवीएस नेशनल में हावरंग एकेडमी के उदित यादव और लिंसी टीना ने कांस्य पदक जीतकर अपने रीजन का गौरव बढ़ाया। वह पटना, वाराणसी तथा जम्मू की खिलाड़ियों को परास्त कर सेमीफाइनल तक पहुंचीं। तिनसुकिया के खिलाफ सेमीफाइनल में वह सिर्फ एक अंक से फाइनल से चूक गईं, लेकिन ब्रांज के साथ अपनी राष्ट्रीय उपलब्धि दर्ज की।
17 वर्षों की निरंतर सेवा से मिल रही कामयाबी
यह सफलता केवल 2026 की नहीं बल्कि अफवा- हावरंग एकेडमी के लगभग 17 वर्षों की निरंतर सेवा और खिलाड़ी प्रोत्साहन का नतीजा है। वर्ष 2011 से एकेडमी ने हजारों चेन्नई रीजन मेडलिस्ट, केवीएस नेशनल प्रतिभागी और नेशनल मेडलिस्ट तैयार किए। हावरंग एकेडमी के खिलाड़ी लगभग हर वर्ष केवीएस नेशनल में पदक जीतते रहे हैं तथा लगातार एसजीएफआई स्तर पर चेन्नई रीजन का प्रतिनिधित्व करते आए हैं। कई वर्षों से केवीएस नेशनल ताइक्वांडो टीम में हावरंग एकेडमी से प्रशिक्षित खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व 50 से 80 फीसदी तक रहा है।
खेल से राष्ट्र निर्माण
यह उपलब्धि इंडियन एयरफोर्स के अनुशासन, अफवा के सहयोग, हावरंग एकेडमी के प्रशिक्षण, प्रशिक्षकों की मेहनत और अभिभावकों के विश्वास का परिणाम है। एकेडमी के संस्थापक डॉ. अशोक कुमार लेंका का कहना है कि हमारा उद्देश्य केवल खिलाड़ी बनाना नहीं, बल्कि अनुशासित, आत्मविश्वासी और राष्ट्र के प्रति समर्पित युवा तैयार करना है। मृदुला का स्वर्ण, तेजस्वी का रजत, उदित और लिंसी के कांस्य, केवल चार पदक नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत, पसीने, संघर्ष और विश्वास की कहानी हैं।
