डोपिंग ने बिगाड़ा कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के पदकों का समीकरण
अब तक तीन खिलाड़ियों को किया गया बाहर, अन्य पर भी संदेह
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। राष्ट्रमंडल खेलों में भारत के पदकों को झटका प्रतिद्वंद्वी खिलाड़ियों से नहीं बल्कि अपने ही खिलाड़ियों की करतूतों से लगता दिख रहा है। अब तक भारत के तीन खिलाड़ी बिना खेले ही भारतीय दल से बाहर हो चुके हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स शुरू हो चुके हैं लेकिन भारतीय दल डोपिंग से हैरान है। अब तक वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह, जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार और तूलिका मान टीम से बाहर हो चुके हैं।
डोपिंग नियमों के उल्लंघन के कारण भारत का वेटलिफ्टिंग कोटा घटा दिया गया है। इसके चलते वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह को टीम से बाहर होना पड़ा। वहीं, भारतीय जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार भी डोप टेस्ट में फेल होने के बाद खेलों से बाहर हो गए हैं। भारतीय वेटलिफ्टिंग महासंघ ने कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए 12 सदस्यीय टीम चुनी थी, जिसकी अगुआई ओलम्पिक रजत पदक विजेता मीराबाई चानू कर रही हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स से ठीक पहले भारत को सूचना मिली कि डोपिंग उल्लंघनों के चलते देश का वेटलिफ्टिंग कोटा 12 से घटाकर 11 कर दिया गया है। सूत्रों के अनुसार, महासंघ को इस कटौती की जानकारी बुधवार को ही मिली। इसके बाद टीम में बदलाव करते हुए दिलबाग सिंह को बाहर करने का फैसला लिया गया।
सूत्रों ने बताया कि दिलबाग सिंह पहले से पीठ की चोट से जूझ रहे हैं। बर्मिंघम में लगे तैयारी शिविर के दौरान भी वह अभ्यास नहीं कर सके थे। ऐसे में कोटा कम होने के बाद उन्हें टीम से हटाने का निर्णय लिया गया। इन खिलाड़ियों के डोपिंग मामलों का पड़ा असर
भारत के वेटलिफ्टिंग कोटे में कटौती की वजह क्वालिफिकेशन अवधि के दौरान सामने आए कई डोपिंग मामले हैं। पुरुष वर्ग में एन अजित (71 किलोग्राम), साईराज परदेशी (88 किलोग्राम) और हरचरण सिंह (110 किलोग्राम) डोपिंग के कारण प्रतिबंधित हुए थे। इसके अलावा महिला वेटलिफ्टर वंशिता वर्मा (86 किलोग्राम) पर भी एंटी-डोपिंग नियमों के उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था। इन लगातार मामलों के कारण भारतीय वेटलिफ्टिंग को एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नुकसान उठाना पड़ा।
जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार भी डोप टेस्ट में फेल
भारत को दूसरा झटका जूडो से लगा। स्टार जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार प्रतियोगिता से बाहर हो गए हैं। आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोप टेस्ट में उनके नमूने में एनाबॉलिक स्टेरॉयड पाया गया, जिसके बाद उन्हें कॉमनवेल्थ गेम्स से हटाना पड़ा। कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो प्रतियोगिताएं 31 जुलाई से शुरू होंगी और अरुण कुमार भारत के प्रमुख दावेदारों में शामिल थे।
जूडोका तूलिका ठिकाने की जानकारी नहीं देने पर निलम्बित
राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 की रजत पदक विजेता जूडोका तूलिका मान को पिछले 12 महीनों में तीन बार रहने के स्थान की जानकारी देने में नाकाम रहने के कारण अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया है जिससे उन्हें ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेलों से भारतीय टीम से हटा दिया गया है। तूलिका (27 वर्ष) ने 2022 के बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में 78 किलोग्राम से अधिक वजन वर्ग में रजत पदक जीता था और इस बार भी वह पदक की प्रबल दावेदार थीं। अब उन पर दो साल के प्रतिबंध का खतरा मंडरा रहा है।
कॉमनवेल्थ गेम्स में वेटलिफ्टिंग भारत के सबसे सफल खेलों में से एक रहा है। ऐसे में कोटा कम होना और दो प्रमुख जूडो खिलाड़ी का बाहर होना भारत की पदक संभावनाओं पर असर डाल सकता है। हालांकि, मीराबाई चानू, बिंदियारानी देवी और अन्य अनुभवी खिलाड़ी अब भी भारत की उम्मीदों का केंद्र बने हुए हैं।
