राष्ट्रमंडल खेलों के शुभारम्भ पर लवलीना-मीराबाई चानू ने थामा तिरंगा

74 देशों के 3000 से अधिक खिलाड़ी 10 खेलों में ले रहे हैं हिस्सा

खेलपथ संवाद

ग्लासगो। कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 का आधिकारिक आगाज बीती रात को एक शानदार उद्घाटन समारोह के साथ हुआ जिसमें ओलम्पिक पदक विजेता मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन ने भारतीय दल की अगुआई की। स्कॉटलैंड के शहर ग्लास्गो में आयोजित होने वाले ये खेल दो अगस्त तक चलेंगे। किंग्स चार्ल्स-तृतीय ने इन खेलों का आधिकारिक आगाज किया।

टोक्यो ओलम्पिक की पदक विजेता भारत की महिला वेटलिफ्टर मीराबाई चानू और महिला मुक्केबाज मीराबाई चानू ओवीओ हायड्रो में आईं और पूरे स्टेडियम ने उनका शानदार स्वागत किया। इसके बाद ये दोनों 125 खिलाड़ियों के भारतीय दल के साथ शामिल हो गईं। जैसे ही भारतीय दल स्टेडियम में आया उसका जोरदार स्वागत किया गया। दर्शकों ने ऐसा स्वागत किसी और देश का नहीं किया।

इस ओपनिंग सेरेमनी के साथ 33वें कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज हुआ। इन खेलों में कुल 74 देश हिस्सा ले रहे हैं जिनके 3000 खिलाड़ी 10 खेलों में पदक जीतने की रेस करेंगे। ग्लास्गों में छह जगह ये खेल खेले जाएंगे। छह पैरा गेम भी इसमें शामिल हैं।

किंग्स चार्ल्स तृतीय ने क्वीन कैमिला के साथ कॉमनवेल्थ का हेड होने के नाते आगाज किया। मार्च 2025 में बगिंघम पैलेस में जो मैसेज उन्होंने रखा था उसे ओपनिंग सेरेमनी वाले दिन पढ़ा और फिर खेलों की शुरुआत की घोषणा की। सेरेमनी से पहले, किंग्स चार्ल्स ने इन खेलों में अपने देश के लिए बेटन संभालने वाले खिलाड़ियों से मुलाकात की। इस समारोह में स्कॉटलैंड के पहले मिनिस्टर जॉन स्वीनी भी शामिल रहे।

कई खेलों को नहीं मिली जगह

इस बार कॉमनवेल्थ गेम्स पिछली बार की तुलना में काफी छोटे पैमाने पर आयोजित किए जा रहे हैं। बर्मिंघम में पिछली बार हुए खेलों में कुल 19 खेल थे, लेकिन इस बार सिर्फ 10 खेलों को जगह मिली है। हॉकी, बैडमिंटन, निशानेबाजी, क्रिकेट, कुश्ती, हॉकी जैसे कई खेल इस बार शामिल नहीं किए गए हैं। दरअसल, इन खेलों का असली मेजबान ऑस्ट्रेलिया का विक्टोरिया शहर था, लेकिन बजट की समस्या के कारण मेजबानी छोड़ दी और फिर ग्लास्गो ने इसे इमरजेंसी में अपने साथ किया, लेकिन कम समय होने और कम बजट होने के चलते खेलों का आकार भी कम कर दिया गया।

इस बार सिर्फ चार वेन्यूज पर खेलों का आयोजन हो रहा है। ये वेन्यूज पहले से ही ग्लास्गो में मौजूद हैं। कोई नया स्टेडियम इन खेलों के लिए नहीं बनाया गया है। इस बार खिलाड़ियों के लिए खेल गांव भी नहीं है और होटलों में उन्हें ठहराया गया है। आमतौर पर जब कॉमनवेल्थ गेम्स, एशियाई खेल या ओलंपिक खेल जैसे आयोजन होते हैं तो सभी खिलाड़ियों को एक साथ ठहराने के लिए खेल गांव बनाया जाता है जो इस बार नहीं हैं।

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