ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में कई एथलीट पदक के मजबूत दावेदार: अंजू बाबी
गुरुवार से शुरू होंगे खेल, भारत की सबसे ज्यादा उम्मीदें एथलेटिक्स पर टिकीं
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल गुरुवार से शुरू हो रहे हैं। इस बार भारत की सबसे ज्यादा उम्मीदें एथलेटिक्स में होंगी। नीरज चोपड़ा, सर्वेश कुशारे, गुरिंदरवीर सिंह, मुरली श्रीशंकर, पारुल चौधरी जैसे सितारे राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगे। भारत इस बार एथलेटिक्स में पिछले प्रदर्शन से आगे निकल सकता है।
विश्व एथलेटिक्स चैम्पियनशिप की पदक विजेता और भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (एएफआई) की उपाध्यक्ष अंजू बाबी जार्ज का मानना है कि आगामी राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय एथलेटिक्स दल शानदार प्रदर्शन करेगा और पिछली बार के आठ पदकों के बराबर या उससे ज्यादा पदक जीत सकता है। भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) की ओर से आयोजित विशेष बातचीत में अंजू ने कहा, बीते कुछ वर्षों में भारतीय एथलेटिक्स ने वैश्विक मंच पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। भारतीय एथलेटिक्स की मौजूदा सफलता किसी एक खिलाड़ी या एक योजना का परिणाम नहीं बल्कि पिछले एक दशक से लगातार किए गए सामूहिक प्रयासों का फल है।
उन्होंने कहा कि पहले खिलाड़ियों को राष्ट्रीय शिविर में एक ही व्यवस्था के तहत अभ्यास करना पड़ता था, चाहे वह उनकी जरूरतों के अनुरूप हो या नहीं। अब स्थिति पूरी तरह बदल चुकी है। आज खिलाड़ी तय कर सकते हैं कि उन्हें किस कोच के साथ और कहां प्रशिक्षण लेना है। यदि उन्हें विदेश में तैयारी करनी है तो टारगेट ओलम्पिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) उसका भी समर्थन करती है। खेल मंत्रालय, साई, एथलेटिक्स महासंघ और अन्य संस्थाओं ने मिलकर ऐसा माहौल बनाया है, जहां खिलाड़ी सिर्फ अपने प्रदर्शन पर ध्यान दे सकते हैं।
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की सम्भावनाओं पर अंजू बेहद उत्साहित नजर आईं। उन्होंने कहा कि पिछले संस्करण में भारत ने आठ पदक जीते थे और इस बार भी ऐसी ही उम्मीद है। उनके अनुसार सबसे बड़ा अंतर यह है कि इस बार ओलम्पिक चैम्पियन नीरज चोपड़ा टीम का हिस्सा हैं, जो पिछली बार चोट के कारण नहीं खेल पाए थे। उन्होंने कहा, सिर्फ नीरज ही नहीं, हमारे पास कई मजबूत पदक दावेदार हैं।
सर्वेश कुशारे, मुरली श्रीशंकर, लम्बी कूद, तिहरी कूद और ऊंची कूद के खिलाड़ी भी बेहतरीन फार्म में हैं। पुरुष वर्ग में हमारी सम्भावनाएं काफी मजबूत हैं। महिला वर्ग में चुनौती थोड़ी कठिन जरूर है, लेकिन प्रियंका और पारुल जैसी खिलाड़ियों से अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। भारतीय खिलाड़ियों के लिए अपने संदेश में उन्होंने कहा कि हमारे खिलाड़ी पूरी तरह तैयार हैं। उन्हें हर स्तर पर सहयोग मिल रहा है। अब सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है और तिरंगे की शान बढ़ाकर लौटना है।
भारत अब एक-दो खिलाड़ी पर निर्भर नहीं
विश्व चैम्पियनशिप में भारत के लिए पहला पदक जीतने वाली अंजू ने कहा कि एक खिलाड़ी और अब प्रशासक के रूप में उन्हें सबसे अधिक खुशी इस बात की है कि भारत अब सिर्फ एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भर नहीं है। आज कई स्पर्धाओं में भारतीय एथलीट विश्व स्तर पर पदक जीतने की क्षमता रखते हैं।
अंजू ने खेलो इंडिया और टारगेट ओलम्पिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) जैसी योजनाओं को भारतीय खेलों में आए बदलाव की सबसे बड़ी ताकत बताया। उनके अनुसार अब जमीनी स्तर से ही प्रतिभाओं को खोजा जा रहा है और उन्हें आधुनिक प्रशिक्षण, वैज्ञानिक सहयोग, पोषण, उपकरण और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं का अनुभव दिया जा रहा है।
ओलम्पिक की तैयारियों के लिए अहम
2036 ओलम्पिक की मेजबानी की भारत की महत्वाकांक्षा पर अंजू ने कहा कि राष्ट्रमंडल खेल और एशियाई खेल जैसे बड़े आयोजन भविष्य की तैयारियों के लिए बेहद अहम हैं। उनके अनुसार यदि 2030 राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी अहमदाबाद करता है तो इससे न सिर्फ विश्वस्तरीय खेल ढांचा विकसित होगा, बल्कि 2036 ओलम्पिक की तैयारियों को भी मजबूत आधार मिलेगा। 2030 राष्ट्रमंडल खेल हमारे लिए ओलम्पिक की रिहर्सल जैसे होंगे। तब तक सभी जरूरी बुनियादी ढांचे तैयार हो जाएंगे और 2036 तक केवल छोटे-मोटे सुधार करने होंगे। खिलाड़ियों को भी बड़े आयोजन के माहौल का अनुभव मिलेगा।
नीरज-अरशद की प्रतिद्वंद्विता को उत्सुकता से देखती है दुनिया
नीरज चोपड़ा और पाकिस्तान के अरशद नदीम के बीच होने वाली बहुचर्चित टक्कर पर अंजू ने कहा कि दोनों खिलाड़ियों के मुकाबले को दुनिया बेहद उत्सुकता से देखती है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि एथलेटिक्स में यह किसी युद्ध की तरह नहीं, बल्कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने कहा, भारत और पाकिस्तान का मुकाबला हमेशा भावनाओं से जुड़ जाता है। लोग इसे अलग नजरिए से देखते हैं, लेकिन खिलाड़ियों के लिए यह एक पेशेवर प्रतियोगिता होती है। नीरज और अरशद दोनों बड़े खिलाड़ी हैं और इस बार मुकाबला और भी दिलचस्प होगा। इसके अलावा भारत के रोहित यादव भी शानदार प्रदर्शन करने में सक्षम हैं। मुझे लगता है कि भाला फेंक में भारत दो पदक जीत सकता है।
