कॉमनवेल्थ गेम्स का आगाज आज से, 125 भारतीय खिलाड़ी आठ खेलों में उतरेंगे
1,168 मेडल्स के लिए 78 देशों के 3,000 से अधिक एथलीट्स में होगा मुकाबला
इस बार हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे बड़े खेल गायब
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। स्कॉटलैंड के शहर ग्लासगो में आज 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत होगी। 2 अगस्त तक चलने वाले इस इवेंट में 74 देशों के 3,000 से ज्यादा खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। 10 खेलों में 215 गोल्ड सहित कुल 1,168 मेडल दांव पर होंगे। भारत के 125 खिलाड़ी 8 खेलों में देश का प्रतिनिधित्व करेंगे।
कॉमनवेल्थ गेम्स की शुरुआत 1930 में कनाडा के हैमिल्टन में हुई थी। तब इसे ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा जाता था। पहले एडीशन में ब्रिटिश साम्राज्य से जुड़े 11 देशों के 400 से ज्यादा खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। इसमें एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, लॉन बॉल्स, रोइंग, स्वीमिंग और रेसलिंग जैसे खेल शामिल थे।
1930 से 1950 तक इस टूर्नामेंट को ब्रिटिश एम्पायर गेम्स कहा गया। 1954 में इसका नाम बदलकर ब्रिटिश एम्पायर एंड कॉमनवेल्थ गेम्स किया गया। 1970 में यह ब्रिटिश कॉमनवेल्थ गेम्स बना और 1978 से इसे कॉमनवेल्थ गेम्स के नाम से जाना जाता है। इसका आयोजन हर चार साल में होता है। इसका मकसद कॉमनवेल्थ देशों के खिलाड़ियों को बड़े इंटरनेशनल मंच पर कम्पटीशन का अवसर देना है। भारत ने पहली बार 1934 में हिस्सा लिया था।
हॉकी, क्रिकेट, शूटिंग, बैडमिंटन और कुश्ती जैसे बड़े खेल गायब
इस बार कुल 10 खेलों में 215 मेडल इवेंट्स होंगे। इनमें 47 पैरा-स्पोर्ट्स मेडल इवेंट्स शामिल हैं। क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन, शूटिंग, कुश्ती, टेबल टेनिस और स्क्वैश जैसे खेल ग्लासगो 2026 का हिस्सा नहीं हैं। भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में सबसे ज्यादा मेडल शूटिंग में ही जीते हैं।
भारत का प्रदर्शन कैसा रहा है?
भारत ने 1934 में कॉमनवेल्थ गेम्स में डेब्यू किया था। भारत ने 1930, 1950, 1962 और 1986 को छोड़कर बाकी सभी एडीशन में हिस्सा लिया है। लंदन 1934 गेम्स में भारत की ओर से छह एथलीटों ने हिस्सा लिया था। भारतीय दल ने 10 ट्रैक एंड फील्ड इवेंट्स और एक कुश्ती स्पर्धा में भाग लिया। इसी एडीशन में भारत ने अपना पहला मेडल जीता था। पहलवान राशिद अनवर ने पुरुषों की 74 किलोग्राम फ्रीस्टाइल कुश्ती में कांस्य पदक जीतकर कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए पहला मेडल हासिल किया था। 1934 में डेब्यू के बाद से भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स में कुल 564 मेडल जीते हैं। इनमें 203 गोल्ड, 189 सिल्वर और 172 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं।
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में नया क्या होगा?
कॉमनवेल्थ माइल की वापसी: एथलेटिक्स में कॉमनवेल्थ माइल की वापसी होगी। यह इवेंट आखिरी बार 1966 में हुआ था यानी करीब 60 साल बाद इसकी वापसी हो रही है। 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ गेम्स में 1500 मीटर की जगह 1 मील यानी 1.609 किलोमीटर की रेस कराई जाएगी। इस बार मेंस के साथ विमेंस की माइल रेस भी होगी। सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम: 2026 में छह खेलों में पैरा-स्पोर्ट्स को पूरी तरह शामिल किया गया है। यह कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास का सबसे बड़ा पैरा-स्पोर्ट प्रोग्राम है।
कितने वेन्यू पर होंगे इवेंट्स- कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का आयोजन ग्लासगो के चार अलग-अलग वेन्यू पर किया जाएगा। ग्लासगो दूसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी करेगा। इससे पहले 2014 में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन किया था।
ओपनिंग सेरेमनी में चानू-लवलीना फ्लैग बियरर होंगी
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी 23 जुलाई 2026 को होगी। समारोह ग्लासगो के ओवीओ हाइड्रो एरीना में भारतीय समयानुसार रात 12:30 बजे से 2:30 बजे तक होगा। भारत की ओर से मीराबाई चानू और लवलीना बोरगोहेन फ्लैग बियरर होंगी। इसमें मशहूर ब्रिटिश सिंगर टॉम वॉकर परफॉर्म करेंगे।
मेडल में दिखेगा शहर की पहचान और इतिहास
ग्लासगो 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के मेडल्स में मेजबान शहर की पहचान, इतिहास और समावेशिता की झलक दिखेगी। पुरस्कार विजेता आर्टिस्ट और डिजाइनर मिलित्सा मिलेनकोवा ने मेडल डिजाइन किए गए हैं। ये मेडल ग्लासगो के लैंडमार्क्स, कोट ऑफ आर्म्स, औद्योगिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान से प्रेरित हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में पहली बार मेडल्स में ब्रेल और टैक्टाइल एलिमेंट्स शामिल किए गए हैं।
भारत में 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क के टीवी चैनल पर किया जाएगा। इसके अलावा ऑनलाइन लाइव स्ट्रीमिंग सोनी लिव ऐप और वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। आप इन खेलों का लुत्फ डीडी स्पोर्ट्स पर भी मुफ्त में उठा सकते हैं।
भारत के 125 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे, पिछली बार से 85 कम
स्कॉटलैंड के ग्लासगो में 23 जुलाई से शुरू होने वाले 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स के लिए भारत ने अपने 125 एथलीटों के दल की घोषणा कर दी है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस दल में 77 पुरुष और 48 महिला खिलाड़ी शामिल हैं। भारतीय खिलाड़ी कुल 13 खेल विधाओं में अपनी चुनौती पेश करेंगे।
