गोला फेंक खिलाड़ी विधि चौधरी डोप परीक्षण में फेल

एशियाई अंडर-23 चैम्पियनशिप से बाहर, फेड कप में जीता था स्वर्ण

जूनियर धाविका निपम चौहान भी अस्थायी रूप से निलम्बित

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश की प्रतिभावान गोला फेंक खिलाड़ी विधि चौधरी डोप परीक्षण में विफल हो गई हैं जिसके बाद उन्हें चीन के ओर्डोस में गुरुवार से शुरू हो रही एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप से बाहर कर दिया गया है। राष्ट्रीय खेल 2025 में स्वर्ण पदक जीतने वाली 21 साल की विधि को एशियाई अंडर 23 चैम्पियनशिप के लिए 54 सदस्यीय भारतीय टीम में शामिल किया गया था।

इस मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने कहा, 'हां, वह डोप परीक्षण में विफल हो गई है और एशियाई अंडर-23 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में हिस्सा नहीं लेंगी।' सम्पर्क करने पर पटियाला के एनसीओई में ट्रेनिंग करने वाली विधि ने पुष्टि की है कि वह अंडर-23 महाद्वीपीय चैम्पियनशिप के लिए चीन नहीं जा रही हैं। उन्होंने कहा, मैं चैम्पियनशिप के लिए नहीं जा रही हूं।

विधि ने इसके अलावा कोई जानकारी नहीं दी। विधि का नमूना मई में प्रतियोगिता के इतर लिया गया था। उन्होंने 2025 में सीनियर फेडरेशन कप में 16.10 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक जीता था। मौजूदा सत्र में उन्होंने नौ मई को पंजाब के संगरूर में इंडियन एथलेटिक्स सीरीज (सीनियर) पांच में 16.35 मीटर के प्रयास के साथ दूसरा स्थान हासिल किया था जो उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

निपम चौहान अस्थायी रूप से निलम्बित

इस बीच भारत की सबसे तेज महिला जूनियर धाविका और एशियाई अंडर-20 चैम्पियनशिप की पदक विजेता निपम चौहान एनाबॉलिक स्टेरॉयड स्टैनोजोलोल और इसके मेटाबोलाइट के लिए दो बार पॉजिटिव पाई गई हैं और उन्हें अस्थायी रूप से निलम्बित कर दिया गया है। 19 साल की निपम ने अप्रैल में कर्नाटक के तुमकुर में जूनियर फेडरेशन कप में 100 मीटर का स्वर्ण पदक जीतने के दौरान 11.53 सेकेंड का समय लिया था और नया जूनियर राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया था।

उनका पहला डोप नमूना 24 अप्रैल को तुमकुर में प्रतियोगिता के दौरान लिया गया था। बाद में 12 मई को बंगलूरू में नाडा के अधिकारियों ने प्रतियोगिता के इतर एक और डोप नमूना लिया। दोनों नमूने पॉजिटिव पाए गए। उन्होंने मई में हांगकांग में हुई एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में 100 मीटर दौड़ में कांस्य और चार गुणा 100 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। अगर वह डोपिंग की दोषी पाई जाती हैं तो इस बात की संभावना है कि भारत उन दो पदक को गंवा देगा जो उसने एशियाई अंडर-20 चैम्पियनशिप में जीते थे।

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