ड्रैग-फ्लिकर जुगराज सिंह के नाम चार साल में 100 मैच
अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों का शतक, हॉकी इंडिया ने दी बधाई
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्टार डिफेंडर और ड्रैग-फ्लिकर जुगराज सिंह ने अपने करियर में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे कर लिए हैं। उन्होंने यह मुकाम नीदरलैंड के रॉटरडैम में जर्मनी के खिलाफ खेले गए एफआईएच प्रो लीग मुकाबले के दौरान हासिल किया। इस उपलब्धि पर हॉकी इंडिया ने उन्हें बधाई दी है।
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने जुगराज की मेहनत और निरंतर प्रदर्शन की प्रशंसा करते हुए कहा कि 100 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलना किसी भी खिलाड़ी के लिए बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि डेब्यू के बाद से जुगराज ने लगातार अपने खेल में सुधार किया है और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की उनकी क्षमता के साथ-साथ मजबूत डिफेंस उन्हें भारतीय टीम का अहम सदस्य बनाती है। टिर्की ने कहा कि यह उपलब्धि जुगराज की कड़ी मेहनत, समर्पण और खेल के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने भी जुगराज को बधाई देते हुए कहा कि 100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करना गर्व का क्षण है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में जुगराज ने साहस, निरंतरता और शानदार प्रदर्शन का परिचय दिया है।उनके अनुसार, कठिन परिस्थितियों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले जुगराज आज देशभर के युवा ड्रैग-फ्लिकरों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं।
पंजाब के अमृतसर निवासी 29 वर्षीय जुगराज सिंह ने वर्ष 2022 में दक्षिण अफ्रीका में आयोजित एफआईएच प्रो लीग के दौरान भारतीय सीनियर टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय पदार्पण किया था। अपने दमदार प्रदर्शन और घातक ड्रैग-फ्लिक्स की बदौलत उन्होंने जल्द ही भारतीय टीम की डिफेंस लाइन में स्थायी जगह बना ली।
कई बड़ी सफलताओं के रहे हिस्सा- जुगराज सिंह भारतीय टीम की कई महत्वपूर्ण उपलब्धियों में अहम भूमिका निभा चुके हैं। एशिया कप 2025 में स्वर्ण पदक विजेता भारतीय टीम के सदस्य। 2023 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक। 2024 एशियन चैंपियंस ट्रॉफी में स्वर्ण पदक। 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक।
जुगराज बोले- देश के लिए और सम्मान जीतना चाहता हूं
100 अंतरराष्ट्रीय मैच पूरे करने पर खुशी जाहिर करते हुए जुगराज सिंह ने कहा कि भारत के लिए खेलना उनका बचपन का सपना था और इस उपलब्धि तक पहुंचना उनके लिए बेहद सम्मान की बात है। उन्होंने अपने परिवार, हॉकी इंडिया, कोचिंग स्टाफ और टीम के साथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के विश्वास और सहयोग ने उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनने में मदद की है।
जुगराज ने कहा, 'भारत के लिए खेला गया हर मैच मुझे कुछ नया सिखाता है। इस सफर ने मुझे कई यादगार पल दिए हैं। मेरा लक्ष्य लगातार मेहनत करना, टीम की सफलता में योगदान देना और देश के लिए अधिक से अधिक सम्मान जीतना है।' 100 अंतरराष्ट्रीय मैचों का आंकड़ा छूना किसी भी खिलाड़ी के करियर में एक विशेष उपलब्धि माना जाता है। जुगराज सिंह ने कम समय में भारतीय हॉकी में अपनी अलग पहचान बनाई है और वह आने वाले वर्षों में भी टीम के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
