शारीरिक शिक्षकों की हर मुराद पूरी करेंगे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
नेता प्रतिपक्ष रहते सम्राट चौधरी कई बार किए अपनी आवाज बुलंद
खेलपथ संवाद
पटना। बिहार के अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों पर सरकार की कृपा बरसने वाली है। उन्हें अपने वर्तमान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बहुत उम्मीदें हैं। अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के रहते उनका भला नहीं हुआ तो फिर कभी नहीं होगा। इसकी वजह एमएलसी और नेता प्रतिपक्ष रहते हुए सम्राट चौधरी का बिहार विधान परिषद में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों के मुद्दों को कई बार मजबूती से उठाया जाना माना जा रहा है।
नेता प्रतिपक्ष रहते हुए सम्राट चौधरी कई मर्तबा विधान परिषद में शारीरिक शिक्षकों की मांगों, वेतन संबंधी अड़चनों और नियमितीकरण के मामलों पर अपनी आवाज बुलंद कर चुके हैं। आज वह बिहार के मुख्यमंत्री हैं ऐसे में उन्हें बिना विलम्ब किए अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक कर हजारों रिक्त पदों पर बहाली करनी चाहिए।
देखा जाए तो अब मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली बिहार सरकार शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों की समस्याओं के समाधान और उन्हें पूर्णकालिक करने की दिशा में कार्य कर रही है। हाल ही में उनके स्तर से शारीरिक शिक्षकों के वेतन भुगतान और उनकी पोस्टिंग को लेकर सकारात्मक कदम उठाए गए हैं। शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों के फरवरी से बाधित वेतन भुगतान के संबंध में हाल ही में मुख्यमंत्री ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए वेतन जारी करने के निर्देश दिए थे। राज्य में शारीरिक शिक्षा के विकास और खेल को बढ़ावा देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है।
हाल ही में बिहार शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक संघ के अभिनंदन समारोह में शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी भी अंशकालिक शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशकों को पूर्णकालिक किए जाने तथा रिक्त पदों पर बहाली के सकारात्मक संकेत दे चुके हैं। फिलवक्त राज्य में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और खेल मंत्री भारतीय जनता पार्टी के हैं, ऐसे में शारीरिक शिक्षा और योग को मजबूती देकर सरकार स्वस्थ बिहार के संकल्प को बड़ी आसानी से पूरा कर सकती है।
शिक्षा को लेकर सम्राट चौधरी सरकार सकारात्मक सोच दिखा रही है। उसने अगले 5 वर्षों में एक लाख शिक्षकों की नियुक्ति तथा प्रत्येक वर्ष कम से कम लगभग 20 हजार शिक्षकों की नियुक्ति करने की बात कही है। इसके लिये हर वर्ष जुलाई महीने में नियुक्ति संबंधी विज्ञापन जारी किया जाएगा। चूंकि यह जुलाई माह चल रहा है, लिहाजा शिक्षकों तथा शारीरिक शिक्षकों की बहाली की घोषणा कभी भी हो सकती है।
सम्राट चौधरी सरकार ने शिक्षकों के स्थानान्तरण को पारदर्शी एवं सुगम बनाने को लेकर शिक्षा विभाग को निर्देशित किया है कि महिला शिक्षकों का स्थानान्तरण यथासम्भव गृह जिले के अपने प्रखण्ड की गृह पंचायत की बगल के पंचायत में तथा पुरूष शिक्षकों को गृह जिले के अपने गृह प्रखण्ड के बगल के प्रखण्ड में स्थानान्तरण की नीति बनायी जाए। देखा जाए तो बिहार के 14 हजार शहरी शासकीय स्कूलों में तय सीमा से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं जबकि ग्रामीण क्षेत्र के लगभग चार हजार स्कूलों में शिक्षकों की बहुत कमी है। कई स्कूलों में तो शिक्षक न होने से ताला जड़ा हुआ है। उम्मीद है कि अब सम्राट चौधरी सरकार युवाओं का मनोरथ पूरा कर बिहार में एक नई इबारत लिखेगी तथा देश के सामने बिहार नजीर बनेगा।
