एशिया कप विश्व रैंकिंग में भारतीय कम्पाउंड तीरंदाजों का दबदबा जारी
मिश्रित टीम को स्वर्ण तो पुरुष व्यक्तिगत वर्ग में किया क्लीन स्वीप
खेलपथ संवाद
बैंकाक। भारतीय कंपाउंड तीरंदाजों ने एशिया कप विश्व रैंकिंग टूर्नामेंट के पहले चरण में अपना दबदबा जारी रखा है। मिश्रित टीम ने जहां स्वर्ण पदक जीता तो वहीं, महिला टीम रजत पदक हासिल करने में सफल रही। पुरुषों के व्यक्तिगत वर्ग में तो भारत ने क्लीन स्वीप कर लिया। इस टूर्नामेंट में भारत ने अब तक दो स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक अपने नाम कर लिया है और उसके कुल पदकों की संख्या आठ हो गई है जो पिछले साल के टूर्नामेंट के बराबर है।
दिन का मुख्य आकर्षण पुरुषों के कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में क्लीन स्वीप रहा। उदय कंबोज ने रोमांचक फाइनल में हमवतन प्रथमेश जवकर को 145-144 से हराकर अपना पहला अंतरराष्ट्रीय स्वर्ण पदक जीता, जबकि अनुभवी खिलाड़ी रजत चौहान ने कांस्य पदक हासिल किया। भारत इस स्पर्धा में क्लीन स्वीप करने में सफल रहा। 18 वर्षीय तेजल साल्वे ने तटस्थ ध्वज के तहत प्रतिस्पर्धा कर रही रूसी तीरंदाज मारिया दिमिडियुक को 144-135 से हराकर महिला कंपाउंड व्यक्तिगत वर्ग में कांस्य पदक जीता। सुबह के सत्र का मुख्य आकर्षण चिकिता तनिपार्थी और रजत चौहान की शीर्ष वरीयता प्राप्त मिश्रित टीम जोड़ी थी, जिन्होंने स्वर्ण पदक मुकाबले में दूसरी वरीयता प्राप्त मलयेशिया को 158-156 से हराया।
चिकिता, राज कौर और तेजल साल्वे की भारतीय महिला कंपाउंड टीम को फाइनल में कजाकिस्तान की विक्टोरिया ल्यां, डायना युनुसोवा और रोक्साना युनुसोवा से 227-229 से हारने के बाद रजत पदक से संतोष करना पड़ा। भारतीय महिला टीम पिछली बार कांस्य पदक ही जीत पाई थी और इस तरह से उसने अपने प्रदर्शन में सुधार किया। भारत ने मजबूत शुरुआत की और 12 तीरों के बाद आधे चरण में 115-113 की बढ़त बना ली। तीसरे सेट में हालांकि भारतीय टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा और वह 54 अंक ही बना सकी, जबकि कजाकिस्तान की टीम ने 58 अंक बनाए। इस तरह से उसने 171-169 की बढ़त हासिल कर ली। चौथे और अंतिम सेट में दोनों टीम ने समान 58 अंक बनाए और इस तरह से भारतीय टीम को तीसरे सेट के खराब प्रदर्शन के कारण रजत पदक से ही संतोष करना पड़ा।
