जूलियस येगो की सलाह से नीरज चोपड़ा डायमंड लीग में हुए सफल
पेरिस ओलम्पिक के रजत पदक विजेता भारतीय स्टार ने खुद किया खुलासा
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। पेरिस ओलम्पिक में रजत पदक जीतकर भारत का मान बढ़ाने वाले भाला फेंक स्टार नीरज चोपड़ा ने गुरुवार की देर रात लुसाने डायमंड लीग में भी अपना जलवा बिखेरा। उन्होंने अपने अंतिम प्रयास में सत्र का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए 89.49 मीटर का श्रेष्ठ थ्रो किया और दूसरे स्थान पर रहे। अब नीरज ने बताया कि कीनिया के जूलियस येगो की सलाह ने उनके लिए मददगार साबित हुई।
नीरज लुसाने में अपनी लय में नहीं दिखे और लगातार एंडरसन पीटर्स से पीछे रहे। नीरज शुरुआती चार प्रयास में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर सके थे और चौथे स्थान पर चल रहे थे, लेकिन पांचवें प्रयास में उन्होंने दम दिखाया और शीर्ष तीन में जगह बनाई। मैच के बाद नीरज ने बताया कि जूलियस येगो की धैर्य बनाए रखने की सलाह उनके लिए मददगार साबित हुई।
चोपड़ा ने कहा - एंडरसन पीटर्स ने 90 मीटर थ्रो किया, मेरा शरीर अच्छा महसूस नहीं कर रहा था लेकिन अंदर से संघर्ष करने की पूरी भावना थी। मुझे वास्तव में अपनी वापसी पसंद आई। आखिरी थ्रो में मैंने ज्यादा नहीं सोचा, बस अपना सर्वश्रेष्ठ दिया। मैंने शुरुआती प्रयास में ही अच्छा करने का सोचा था लेकिन यह थ्रो सही नहीं रहा। जूलियस येगो ने मुझे कहा धैर्य बनाये रखो तुम दूर तक भाला फेंकोगे। मैं शांतचित रहने की कोशिश कर रहा था।
येगो 83 मीटर के प्रयास के साथ छठे स्थान पर रहे। चोपड़ा ने कहा कि उनके लिए प्रतियोगिता का दिन थोड़ा अजीब रहा क्योंकि शुरुआत में उन्हें लगा था कि वह बेहतर परिणाम नहीं दे पाएंगे। उन्होंने कहा- शुरुआत में मैंने नहीं सोचा था कि मैं बहुत दूर तक फेंकूंगा लेकिन अंत में यह अच्छा रहा। यह पूछे जाने पर कि वह इस सत्र में और कितनी प्रतियोगिताओं में भाग लेंगे? इस पर नीरज ने कहा- हो सकता है कि दो या एक प्रतियोगिता में भाग लूं और फिर मेरे लिए यह सत्र खत्म हो जायेगा। अभी कुछ कहना सही नहीं होगा लेकिन शायद ब्रुसेल्स (डायमंड लीग का समापन) में इस साल का अपना आखिरी टूर्नामेंट खेलूं।
इस सत्र का डायमंड लीग फाइनल 14 सितंबर को ब्रुसेल्स में होगा। फाइनल के लिए क्वालीफाई करने के लिए चोपड़ा को समग्र तालिका में शीर्ष-छह में रहना होगा। लम्बे समय से चली आ रही जांघ की चोट से जूझ रहे चोपड़ा ने अगले साल के लिए अपने लक्ष्यों के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उनकी प्राथमिकता पूर्ण फिटनेस हासिल करने पर होगी। उन्होंने कहा- पहला लक्ष्य, डॉक्टर के पास जाना और जांघ की चोट को 100 प्रतिशत फिट करना है। इसके साथ ही मैं तकनीकी रूप से बेहतर होने की कोशिश करूंगा ताकि भाले को और दूर तक फेंक सकूं।
