मुस्कान बेटी ने स्वर्ण पदक जीत बढ़ाया हरियाणा का गौरव

शानदार प्रदर्शन से एशियन गेम्स का टिकट किया पक्का
पिता ने कहा- बेटी ने गांव पहाड़ी का नाम रोशन किया
खेलपथ संवाद
भिवानी। बेटी मुस्कान श्योराण ने नई दिल्ली में चल रहे खेलो इंडिया पैरा गेम्स की शॉटपुट प्रतियोगिता में 4.92 मीटर गोला फेंककर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुस्कान ने इस स्वर्णिम सफलता के साथ ही पैरा एशियन गेम्स का टिकट भी पक्का कर लिया है।
राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्णिम कामयाबी हासिल करने वाली भिवानी की बेटी मुस्कान श्योराण अब पैरा एशियन गेम्स में हिस्सा लेकर देश का नाम रोशन करेगी। इस प्रतियोगिता में दूसरे स्थान पर राजस्थान की खिलाड़ी रही जिसे मुस्कान ने 1.4 मीटर पीछे छोड़ते हुए स्वर्ण पदक जीत हरियाणा का झंडा बुलंद किया।
मुस्कान के पिता रमेश श्योराण ने बताया कि पिछले दिनों मुस्कान ने नेशनल में भी गोल्ड मेडल जीता था। इससे पहले 2024 में पैरा नेशनल चैम्पियनशिप गुजरात में स्वर्ण पदक भी मुस्कान जीत चुकी है। सबसे बड़ी बात यह है कि पैरा गेम्स शॉटपुट में मुस्कान ने नेशनल में गोल्ड मेडल जीतकर ही शुरूआत की थी। गेम के साथ-साथ मुस्कान सैनिक हाई स्कूल से 10वीं कक्षा की पढ़़ाई भी अच्छे प्रदर्शन से कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुस्कान की दिव्यांगता से उनके मन में कहीं ना कहीं निराशा जरूर थी, लेकिन अपने बुलंद हौसले की बदौलत आज उसी दिव्यांगता को पछाड़ते हुए मुस्कान ने हरियाणा व उनके गांव पहाड़ी का नाम रोशन किया है तथा आज उन्हें मुस्कान के पिता के नाम से जाना जाने लगा है, जोकि उनके लिए गर्व की बात है।
उन्होंने बताया कि मुस्कान को इस गेम के लिए बलवान डीपीई ने प्रेरित किया तथा मदन कोच ने मुस्कान की प्रतिभा को तराशने का काम किया। यही नहीं राष्ट्रीय पैरा ओलम्पिक के उपाध्यक्ष सत्यप्रकाश सांगवान भी उन्हें व उनकी बेटी को समय-समय पर आवश्यक दिशा-निर्देश देते रहते हैं।