पैरा शटलर प्रेमा विश्वास नहीं खेल पाएंगी एशियन गेम्स

प्रविष्टि रद्द होने से निराश, प्रधानमंत्री मोदी से की न्याय की अपील

11वीं रैंक खिलाड़ी की प्रविष्टि भेजी, आठवीं रैंक की प्रेमा को ठेंगा

खेलपथ संवाद

पंतनगर। खेलतंत्र की उदासीनता के कारण अंतरराष्ट्रीय पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रेमा विश्वास की एशियन पैरा गेम्स-2026 में प्रविष्टि समय पर नहीं भेजी जा सकी। इस कारण वह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भाग नहीं ले पाएंगी, जिससे वह बहुत मायूस हैं। उन्होंने एक्स पर ट्वीट कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से न्याय के लिए मार्मिक अपील की है।

दिनेशपुर निवासी प्रेमा विश्वास ने बताया कि उनकी एकल एशियन रैंक आठ है। महिला युगल में वह शीर्ष छह में हैं। इसके बावजूद उनकी एशियन पैरा गेम्स-2026 की प्रविष्टि पहले भेजी ही नहीं गई। बाद में जब भेजी गई, तो बहुत देर हो चुकी थी। इस वजह से अब उनकी प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जा रही है।

प्रेमा विश्वास ने सवाल किया कि इसमें उनकी क्या गलती है। जब एकल में रैंक 11 तक के खिलाड़ियों की प्रविष्टि भेजी गई है, तो उनकी प्रविष्टि क्यों नहीं भेजी गई। प्रेमा ने कहा, क्या मेरी वर्षों की मेहनत का इतना भी अधिकार नहीं कि मुझे भारत के लिए खेलने का एक निष्पक्ष अवसर मिले? उन्होंने प्रधानमंत्री से मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। प्रेमा ने नियमों के तहत उनकी प्रविष्टि स्वीकार करवाने या खेलने का अवसर दिलाने की हरसम्भव कोशिश करने की मांग की है।

खिलाड़ी की पृष्ठभूमि और संघर्ष

प्रेमा विश्वास ने बताया कि वह एक गरीब परिवार से आती हैं। उनके पिता नहीं हैं, उनके पास नौकरी भी नहीं है और कोई स्थायी प्रायोजक भी नहीं है। उन्होंने लोगों से मदद मांगकर और मुश्किल हालात में प्रशिक्षण लेकर देश के लिए खेला है। उनके लिए यह कोई सामान्य टूर्नामेंट नहीं, बल्कि कॅरिअर का पहला और शायद आखिरी एशियन पैरा गेम्स है। उनके पास वर्षों तक इसी तरह खेलने और फिर से रैंक बनाने का आर्थिक सहारा नहीं है।

प्रधानमंत्री से की भावनात्मक अपील

प्रेमा ने प्रधानमंत्री से पूछा कि क्या वह इस देश की बेटी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि वह कोई अहसान नहीं, सिर्फ न्याय मांग रही हैं। उसने भारत के लिए खेलने का सपना देखा है। उन्हें अपने तिरंगे के लिए खेलने का सिर्फ एक मौका चाहिए।

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