खिलाड़ियों को फिटनेस-डोपिंग और देश की छवि बचाने की लेनी होगी शपथ

एशियाई खेलों से पहले भारतीय खेल प्राधिकरण मांग रहा सट्टेबाजी से दूर रहने का शपथ पत्र

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। जापान में होने वाले 20वें एशियाई खेलों से पहले इन खेलों में हिस्सा लेने वाले भारतीय खिलाड़ियों को फिटनेस-डोपिंग और देश की छवि बचाने की शपथ लेनी होगी। भारतीय खेल प्राधिकरण एशियाई खेलों में इस बार देश का प्रतिनिधत्व करने वाले खिलाड़यों का आधिकारिक रूप से नैतिकता के बंधन में बांध रहा है।

भारतीय खिलाडि़यों को 19 सितम्बर से ऐची-नागोया में होने जा रहे इन खेलों में उतरने से पहले अपनी फिटनेस और डोपिंग नियमों की जानकारी होने के साथ देश का नाम खराब नहीं करने, मैच फिक्सिंग और सट्टेबाजी से दूर रहने का शपथ पत्र देना होगा। साई ने सभी खेल संघों से एशियाड में भाग लेने वाले खिलाडि़यों और प्रशिक्षकों से शपथ पत्र भरवाने और नेशनल स्पोर्ट्स रिपोजिटरी सिस्टम (एनएसआरएस) पर रजिस्ट्रेशन कराने का निर्देश दिया है।

इसके तहत खिलाड़ी को अपनी और अपने जमीनी स्तर से इलीट स्तर के कोच की जानकारी मुहैया करानी होगी। शपथ पत्र के तहत खिलाड़ियों को अपना मेडिकल फिटनेस पत्र भी लगाना होगा। साई ने निर्देश दिया है कि कोई भी अनफिट खिलाड़ी एशियाई खेलों में भाग नहीं लेगा। ओलम्पिक हों, एशियाई खेल या फिर राष्ट्रमंडल खेल, इनमें देश की प्रतिष्ठा दांव पर होती है। हालांकि इन खेलों से पहले मौखिक रूप से खिलाडि़यों को अनुशासन में रहने और तिरंगे का मान रखने का पाठ पढ़ाया जाता है, लेकिन इस बार लिखित में शपथ पत्र भी देना होगा।

इस बार खेलभावना का ध्यान रखने, मैच फिक्सिंग, सट्टेबाजी, आयु की धोखाधड़ी से दूर रहने, अनुशासन में रहने और देश, भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) और अपने राष्ट्रीय खेल संघ (एनएसएफ) का नाम नहीं खराब करने की बात कही गई है। यह शपथ पत्र खिलाडि़यों से सभी राष्ट्रीय खेल संघों से भरवाने को कहा गया है जिसमें खिलाड़ी के हस्ताक्षर होंगे और एनएसएफ की मुहर और पदाधिकारी के हस्ताक्षर होंगे।

कोच को लेकर शपथ पत्र पहले भी भरवाया गया है। ऐसा पदक विजेता के कोच को दिए जाने वाले कैश अवॉर्ड के विवादों से बचने के लिए किया जा रहा है। पदक विजेता के कोच का कैश अवार्ड हमेशा विवादों में रहता है, ज्यादातर खिलाड़ी कैश अवॉर्ड के लिए अपने असली कोच के बजाय अपने पिता या रिश्तेदार का नाम प्रस्तावित करते थे। वहीं सभी खिलाड़ियों का मेडिकल फिटनेस प्रमाण पत्र अनिवार्य किया गया है। साथ ही खिलाड़ियों के दांतों का परीक्षण भी अनिवार्य किया गया है। खेल संघ को फिटनेस प्रमाण किसी मान्यता प्राप्त डॉक्टर से उपलब्ध कराना होगा। अगर कोई खिलाड़ी पुनर्वास में है और तो उसे एशियाड में जाने के मेडिकली प्रमाण देने होंगे। 

 

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