एशियाई खेलों में बिना कोच चेतन और अलीशा दिखाएंगे कौशल
खेल मंत्री मनसुख मांडविया के प्रयासों से जा रहे दोनों खिलाड़ी
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। एशियाई खेलों में पदक की बड़ी दावेदार और जून में एशियाई चैम्पियन बनीं कराटे खिलाड़ी अलीशा चौधरी बिना कोच के दावेदारी पेश करने जा रही हैं। एशियाई खेलों में अलीशा (55 किलो) और चेतन भट्ट (84 किलो) कराटे में भारतीय चुनौती पेश करेंगे, लेकिन इन दोनों के साथ कोच नहीं बल्कि मैनेजर भेजा जा रहा है। टीम लीडर को मैट पर बतौर कोच बैठने की मंजूरी नहीं होगी।
कोचिंग कॉर्नर में बैठा कोच अपने खिलाड़ी के साथ अन्याय होने की स्थिति में रिव्यू लेता है। अलीशा का कहना है कि वह अपने कोच विकास को साथ भेजने की गुहार आईओए से लगा रही हैं, लेकिन अंत में एक ऐसे टीम लीडर आदिकेशवा पेरुमल को उनके साथ भेजा जा रहा है, जिसे उन्होंने कभी देखा भी नहीं है।
कराटे की फेडरेशन में विवाद होने के कारण जुलाई माह तक यह तय हो गया था कि कराटे की टीम एशियाड में नहीं खेलेगी, लेकिन मामला खेल मंत्री मनसुख मांडविया के पास पहुंचा तो उन्होंने इस वर्ष बाली में एशियाई चैम्पियन बनने वाली अलीशा और पांचवें स्थान पर रहने वाले चेतन भट्ट को एशियाई खेलों में भाग लेने की मंजूरी दिलवाई। कराटे के किसी भी कोच का नाम एशियाई खेलों की लांग लिस्ट में नहीं डाला गया था। जब अलीशा का एशियाड में जाना तय हो गया तो उन्होंने बीते माह आईओए से अपने कोच को साथ भेजने की गुहार लगाई।
अलीशा ने आईओए से कई बार सम्पर्क साधा। इस दौरान उन्हें तैयारियों के लिए कोच के साथ 20 अगस्त से तीन सितम्बर तक इस्तांबुल (तुर्किये) भी भेजा गया। अलीशा का कहना है कि उन्हें टीम लीडर से ज्यादा कोच की जरूरत है। कोच वजन के दौरान भी उनके साथ होता। कोच वजन सेट कराता है। उसके पास कोचिंग का लाइसेंस होता है। आईओए के अधिकारी का कहना है कि लांग लिस्ट में नाम नहीं होने के कारण कोच नहीं जा रहा है, लेकिन उनके पास यह जवाब नहीं था कि टीम लीडर को फिर कैसे भेजा जा रहा है।
