'फिट इंडिया मूवमेंट' की सबसे युवा ब्रांड एम्बेसडर बनीं आजीन
गौतम गम्भीर की लाड़ली को खेल मंत्री के हाथों मिला सम्मान
'संडेज ऑन साइकिल' के 88वें संस्करण में दिखा गर्व और भावुक पल
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। नई दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में रविवार 30 अगस्त को बीआरआईसीएस के सहयोग से आयोजित 'संडेज ऑन साइकिल' कार्यक्रम के 88वें संस्करण में एक बेहद गर्व और भावुक कर देने वाला पल देखने को मिला। भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गम्भीर की 12 वर्षीय बड़ी बेटी आजीन गम्भीर को 'फिट इंडिया एम्बेसडर' की उपाधि से नवाजा गया।
केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्री मनसुख मांडविया ने आजीन को इस खास सम्मान से पुरस्कृत किया। आजीन 'फिट इंडिया मूवमेंट' की सबसे युवा ब्रांड एम्बेसडर बनीं। इस मौके पर खुद गौतम गम्भीर भी मौजूद रहे। एक पिता के रूप में यह उनके लिए एक बेहद गौरवशाली क्षण था। कार्यक्रम के 'नेशनल स्पोर्ट्स डे' एडिशन में खेल मंत्री, कोच गौतम गम्भीर के अलावा पहलवान संग्राम सिंह और एक्टर मधुरिमा तुली ने प्रतिभागियों का नेतृत्व किया।
आजीन को यह अहम जिम्मेदारी युवाओं और आम लोगों के बीच एक स्वस्थ व सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से दी गई है। यह सम्मान इसलिए भी खास है क्योंकि आजीन के पिता गम्भीर हमेशा से क्रिकेट के मैदान पर अपने कड़े अनुशासन और बेहतरीन फिटनेस के लिए जाने जाते रहे हैं। गम्भीर की कोचिंग में ही हाल ही में टीम इंडिया ने टी20 विश्व कप 2026 का खिताब अपने नाम किया था। साथ ही पिछले वर्ष चैम्पियंस ट्रॉफी पर भी ऐतिहासिक कब्जा जमाया था।
भारतीय दिग्गज गौतम गंभीर 28 अक्टूबर 2011 को नताशा जैन के साथ विवाह बंधन में बंधे थे। इस कपल ने एक मई 2014 को अपनी पहली बेटी आजीन का स्वागत किया था। इसके बाद साल 2017 में उनकी छोटी बेटी अनाइजा का जन्म हुआ।
डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा कि इस 88वें संस्करण का खास महत्व है क्योंकि भारत 12-13 सितम्बर को भारत मंडपम में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है। उन्होंने कहा, "इस हफ्ते का संस्करण ब्रिक्स के उन सम्मानित अतिथियों और सदस्यों को समर्पित है जो 12 और 13 तारीख को होने वाले शिखर सम्मेलन का हिस्सा बनेंगे। हमें आज उनका स्वागत करते हुए खुशी हो रही है।"
गौतम गम्भीर ने कहा, "सरकार की ओर से 'फिट इंडिया' के लिए आयोजित यह कार्यक्रम एक बेहतरीन पहल है। मेरा मानना है कि भारत जितना फिट रहेगा, उतना ही मजबूत और आत्मनिर्भर बनेगा। इसलिए, हमें इसे सिर्फ एक कार्यक्रम के तौर पर नहीं, बल्कि एक आंदोलन के तौर पर देखना चाहिए। यह हमारी जिम्मेदारी है, खासकर इस कार्यक्रम में मौजूद युवाओं की, कि हम इसे एक आंदोलन का रूप दें और यह पक्का करें कि हमारे युवा और बाकी सभी लोग फिट रहें, जिससे देश और भी फिट और मजबूत बने।"
क्या है 'संडेज ऑन साइकिल' अभियान?
जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में जुटे सैकड़ों लोगों ने साइकिलिंग के जरिए देश को फिटनेस का कड़ा संदेश दिया। इस खास पहल का आगाज दिसम्बर 2024 में केंद्रीय खेल और युवा मामलों के मंत्रालय द्वारा किया गया था। इस अभियान का लक्ष्य लोगों को रविवार की सुबह घरों से बाहर निकलकर साइकिल चलाने और शारीरिक गतिविधियों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित करना है। अब तक इसके 88 संस्करण सफलतापूर्वक आयोजित किए जा चुके हैं, जो यह दर्शाता है कि फिटनेस का यह अभियान अब एक बड़े जन आंदोलन का रूप ले चुका है।
