हरियाणा के मुख्यमंत्री ने खिलाड़ियों पर लुटाया प्यार

राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता खिलाड़ी सम्मानित

24 खिलाड़ियों को मिली 13.97 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि

खेलपथ संवाद

पंचकुला हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने एक गरिमामय राज्य स्तरीय सम्मान समारोह में 2026 राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेताओं और हिस्सा लेने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इस मौके पर 24 खिलाड़ियों को कुल 13.97 करोड़ रुपये की नकद पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

खिलाड़ियों की उपलब्धियों पर गर्व व्यक्त करते हुए सैनी ने कहा कि किसी खिलाड़ी की कहानी पदक से शुरू नहीं होती। उन्होंने कहा, ‘‘यह उस मिट्टी से शुरू होती है, जहां उन्होंने पहली बार दौड़ना सीखा, उस मैदान से, जहां उन्होंने पहली बार हार का अनुभव किया और उन सुबहों से, जब बाकी दुनिया सो रही थी और वे अपने सपने को हासिल करने के लिए मेहनत कर रहे थे।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुनिया किसी खिलाड़ी को कुछ पलों के लिए पोडियम पर देखती है, लेकिन अक्सर उन वर्षों के संघर्ष को नहीं देख पाती, जो उसे वहां तक लेकर गए।’’ सैनी ने कहा कि हरियाणा के खिलाड़ियों ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में दुनिया के सामने अपनी ताकत और प्रतिभा का प्रदर्शन किया। हरियाणा के खिलाड़ियों ने इन खेलों में कुल 11 पदक जीते जिनमें सात स्वर्ण, दो रजत और दो कांस्य पदक शामिल हैं। भारत के कुल पदक में उनका योगदान 28 प्रतिशत से अधिक रहा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह मौका सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित करने का नहीं है, बल्कि उनके पीछे छिपे वर्षों के धैर्य, संघर्ष और दृढ़ संकल्प को सम्मान देने का भी है। उन्होंने हरियाणा की महिला खिलाड़ियों के प्रदर्शन की भी सराहना की। राज्य के खिलाड़ियों द्वारा जीते गए 11 पदकों में से छह पदक हरियाणा की बेटियों ने जीते जिनमें पांच स्वर्ण पदक शामिल हैं। हरियाणा ने मुक्केबाजी में दबदबा बनाया। राज्य के मुक्केबाजों ने भारत के खेल में जीते गए सात स्वर्ण पदकों में से छह स्वर्ण अपने नाम किए।

सैनी ने कहा कि प्रीति पवार, जैस्मीन लम्बोरिया, साक्षी चौधरी, प्रिया घनघस, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल ने अपने प्रतिद्वंद्वियों को हराकर स्वर्णिम इतिहास रचा। स्वर्ण पदक जीतने वाली पैरा-एथलीट शर्मिला का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने साबित कर दिया कि मानवीय जज्बे की ताकत के सामने कोई बाधा टिक नहीं सकती। नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में रजत पदक जीतकर एक बार फिर अपनी विश्वस्तरीय क्षमता का प्रदर्शन किया। वहीं मुक्केबाज नरेंद्र बेरवाल ने भी रजत पदक जीतकर राज्य का गौरव बढ़ाया।

सैनी ने बताया कि हरियाणा की उत्कृष्ट खिलाड़ियों की भर्ती नियमावली के तहत अब तक 260 खिलाड़ियों को ग्रुप ए, बी और सी श्रेणी में सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। सैनी ने कहा कि पिछले करीब 12 वर्षों में राज्य सरकार ने 17,544 खिलाड़ियों को कुल 742 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं। सम्मान समारोह के बाद सैनी ने खिलाड़ियों के साथ विशेष संवाद भी किया। इस दौरान खेल राज्य मंत्री गौरव गौतम, शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा, सांसद रेखा शर्मा, मेयर श्यामलाल बंसल, खेल विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी. कुमार, खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता, उपायुक्त सतपाल शर्मा, मुख्यमंत्री के मीडिया सचिव प्रवीण अत्रे समेत खिलाड़ी और उनके परिजन उपस्थित रहे।

हरियाणवी खिलाड़ियों का योगदान 28 प्रतिशत से अधिक:

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की कुल आबादी में हरियाणा की हिस्सेदारी महज 2 प्रतिशत है लेकिन इन खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले 122 खिलाड़ियों में 24 खिलाड़ी हरियाणा के थे। इनमें से लगभग हर दूसरा खिलाड़ी पदक लेकर लौटा। हरियाणा के खिलाड़ियों ने कुल 11 पदक जीते, जिनमें 7 स्वर्ण, 2 रजत और 2 कांस्य पदक शामिल हैं। इस प्रकार देश की कुल पदक संख्या में हरियाणा के खिलाड़ियों का योगदान 28 प्रतिशत से अधिक रहा है। यह हरियाणा की खेल प्रतिभा, मेहनत और जुझारूपन की वह ताकत है, जिसने दुनिया के मंच पर एक बार फिर तिरंगे की शान बढ़ाई है। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की पौने तीन करोड़ जनता और ग्लासगो में तिरंगा ऊंचा करने वाले हरियाणा के पदक विजेताओं समेत प्रत्येक प्रतिभागी खिलाड़ी का अभिनंदन किया। उन्होंने खिलाड़ियों के माता-पिता और प्रशिक्षकों को भी बधाई दी।

भारत बड़ी खेल शक्ति:

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2028, 2032 और 2036 के ओलम्पिक खेलों में हरियाणा के खिलाड़ियों के बलबूते भारत दुनिया की बड़ी खेल शक्ति के रूप में उभरेगा। ग्लासगो में खिलाड़ियों ने तिरंगा ऊंचा किया है और आगामी वर्षों में वे ओलम्पिक के पोडियम पर भी तिरंगा ऊंचा करेंगे। उन्होंने कहा कि 23वें कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान प्राप्त किया। यह खिलाड़ियों की इच्छाशक्ति, आत्मविश्वास और राष्ट्र के प्रति समर्पण का परिणाम है।

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