राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी की छात्रा प्रियंका चौधरी का एमपीआरडब्ल्यू में चयन

बहुराष्ट्रीय अनुसंधान कम्पनी में जूनियर एग्जीक्यूटिव पद से हुआ करियर आगाज

मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी, मथुरा की बी.फार्मा (चतुर्थ वर्ष) की मेधावी छात्रा प्रियंका चौधरी ने अपनी उत्कृष्ट बौद्धिक क्षमता, तकनीकी कौशल और प्रखर प्रतिभा की बदौलत अग्रणी अनुसंधान संस्था 'एमपीआरडब्ल्यू रिसर्च कम्पनी' में सेवा का अवसर हासिल किया है। वैश्विक मानकों वाली प्रतिष्ठित कम्पनी में आकर्षक पैकेज पर जूनियर एग्जीक्यूटिव पद मिलने से न केवल छात्रा बल्कि उसके परिजन भी बेहद खुश हैं।

संस्थान के निदेशक डॉ. हिमांशु चोपड़ा ने बताया कि प्रियंका चौधरी ने हाल ही में आयोजित प्रतिस्पर्धी प्लेसमेंट प्रक्रिया में अपने कड़े परिश्रम, विषय पर मजबूत पकड़ और उत्कृष्ट अकादमिक रिकॉर्ड के दम पर यह शानदार सफलता अर्जित की है। डॉ. चोपड़ा ने बधाई देते हुए कहा, "प्रियंका की यह सफलता संस्थान की उच्चस्तरीय शिक्षण प्रणाली, शोध-परक वातावरण और अनुभवी संकाय सदस्यों के कुशल मार्गदर्शन का प्रत्यक्ष परिणाम है। प्रियंका चौधरी ने यह सिद्ध कर दिया कि यदि संकल्प दृढ़ हो तो सही दिशा में की गई मेहनत से किसी भी वैश्विक मंच पर स्थान पाया जा सकता है।

डॉ. चोपड़ा ने कहा कि संस्थान अपने विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को वैश्विक स्तर की आधुनिक प्रयोगशालाएं और उन्नत उपकरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। यहां फार्माकोलॉजी, फॉर्मास्युटिकल केमिस्ट्री और फार्मास्यूटिक्स जैसे कोर क्षेत्रों में व्यावहारिक व प्रयोगात्मक अध्ययन पर विशेष बल दिया जाता है। शिक्षा के साथ-साथ छात्र-छात्राओं को कॉर्पोरेट जगत की नैतिक जिम्मेदारियों के लिए भी तैयार किया जाता है। राजीव एकेडमी का मूल ध्येय केवल उपाधि प्रदान करना नहीं बल्कि विद्यार्थियों को अत्याधुनिक अनुसंधान और उद्योग-उन्मुख व्यावहारिक अनुभव से समृद्ध करना है।

ट्रेनिंग एंड प्लेसमेंट कोआर्डिनेटर सौम्यदीप मुखर्जी और मनु शर्मा ने प्रियंका की उपलब्धि को सराहते हुए कहा कि संस्थान का प्लेसमेंट सेल लगातार विद्यार्थियों को फार्मास्युटिकल उद्योग की आधुनिक आवश्यकताओं और कॉर्पोरेट संस्कृति के अनुरूप ढालने के लिए विशेष कार्यशालाएं, मॉक इंटरव्यू, एप्टीट्यूड टेस्ट और एडवांस स्किल डेवलपमेंट सत्र आयोजित करता है। प्रियंका का यह चयन हमारी टीम के निरंतर प्रयासों और उद्योग जगत के साथ हमारे मजबूत संबंधों को रेखांकित करता है, जो भविष्य में अन्य विद्यार्थियों के लिए भी उच्च कॉर्पोरेट घरानों के द्वार खोलेगा।

अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए प्रियंका चौधरी ने इसका पूरा श्रेय संस्थान के शैक्षणिक परिवेश को दिया। बी.फार्मा अंतिम वर्ष की छात्रा के रूप में अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए उन्होंने कहा, "राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी में व्यतीत हमारे चार वर्षों के इस सफर ने न केवल सैद्धांतिक ज्ञान को सुदृढ़ किया, बल्कि फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री के व्यावहारिक व तकनीकी पहलुओं से भी गहराई से रू-ब-रू कराया। यहां की उन्नत लैब सुविधाएं, नवीन फॉर्मूलेशन तकनीकें और इंडस्ट्रियल ओरिएंटेशन प्रोग्राम्स ने मेरे आत्मविश्वास को बढ़ाया, जिसके कारण मैं इस कठिन चयन प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पार कर सकी। मेरे करियर की इस स्वर्णिम शुरुआत के लिए प्लेसमेंट सेल और शिक्षकों का मार्गदर्शन अमूल्य रहा है।"

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संस्थान के अध्यक्ष डॉ. रामकिशोर अग्रवाल और प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने छात्रा प्रियंका चौधरी को बधाई देते हुए उसके उज्ज्वल और समृद्ध भविष्य की कामना की। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि राजीव एकेडमी फॉर फार्मेसी हमेशा यह सुनिश्चित करती है कि छात्र-छात्राओं को केवल किताबी ज्ञान न मिले बल्कि वे व्यावहारिक और अनुसंधान-आधारित कौशल में भी पारंगत हों, ताकि वे वैश्विक स्तर पर फार्मास्युटिकल उद्योग और अनुसंधान जगत में अपना उत्कृष्ट व युगांतरकारी योगदान दे सकें।

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