हरियाणा में 2036 ओलम्पिक की तैयारी अभी से होगी
आठ साल की उम्र में खोजे जाएंगे चैम्पियन, तैयार होगी ‘गोल्डन जनरेशन’
‘खेलो हरियाणा ऐप’ बनेगा खिलाड़ियों का डिजिटल साथी
खेलपथ संवाद
चंडीगढ़। ओलम्पिक पदकों की फसल रातोंरात नहीं उगती, उसके लिए वर्षों पहले बीज बोने पड़ते हैं। इसी सोच के साथ हरियाणा सरकार ने वर्ष 2036 ओलम्पिक खेलों को लक्ष्य बनाकर खेल प्रतिभाओं की नई पीढ़ी तैयार करने का खाका तैयार किया है। राज्य की महत्वाकांक्षी पहल ‘मिशन ओलम्पिक्स-2036 : विजयी भवः’ के तहत अब 8 से 10 वर्ष की आयु के प्रतिभाशाली बच्चों की पहचान कर उन्हें वैज्ञानिक प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी ताकि वे भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी बन सकें।
इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम को हरियाणा खेल विश्वविद्यालय के माध्यम से संचालित किया जाएगा और इसके लिए वित्त विभाग से प्रारम्भिक वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हो चुकी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने सभी विभागों को राष्ट्रीय रोडमैप के अनुरूप स्वीकृत कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने और बेहतर समन्वय के साथ लक्ष्यों को हासिल करने के निर्देश दिए। बैठक में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक यश गर्ग, खेल विभाग के अतिरिक्त निदेशक अश्वनी मलिक तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में बुधवार को यहां आयोजित उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में बताया गया कि राज्य सरकार खेल नीति में व्यापक संशोधन करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। वर्ष 2015 के बाद पहली बार खेल नीति को आधुनिक जरूरतों और राष्ट्रीय खेल नीति के अनुरूप अपडेट किया जाएगा। खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने बताया कि वर्तमान व्यवस्था की समीक्षा तथा सुधारों के सुझाव देने के लिए एक विशेष कार्य समूह का गठन किया गया है। नई नीति में खिलाड़ियों के कल्याण, प्रतिभा विकास, खेल अवसंरचना और संस्थागत सहायता तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर रहेगा।
हरियाणा खेल विश्वविद्यालय खेल संस्कृति को नई दिशा देने के लिए ई-स्पोर्ट्स, खेल पत्रकारिता, खेल संचार और खेल प्रबंधन जैसे आधुनिक विषयों में भी विशेष कार्यक्रम संचालित कर रहा है। इससे युवाओं को खेल जगत में खिलाड़ी के अलावा प्रबंधन, मीडिया और तकनीकी क्षेत्रों में भी रोजगार और करियर के अवसर मिलेंगे।
बैठक में ‘खेलो हरियाणा ऐप’ की भी जानकारी दी गई। यह ऐप खिलाड़ियों के लिए वन-स्टॉप डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके माध्यम से छात्रवृत्ति, नकद पुरस्कार, रोजगार लाभ, खेल ग्रेडेशन प्रमाण-पत्र, पेंशन और बीमा जैसी विभिन्न सरकारी सेवाओं को एक ही मंच पर उपलब्ध कराया जाएगा। इसके अलावा ब्लॉक स्तर से लेकर राज्य स्तर तक होने वाली खेल प्रतियोगिताओं की निगरानी और पूरे प्रदेश की खेल अवसंरचना का रियल-टाइम रिकॉर्ड रखने के लिए तकनीक आधारित प्रणाली विकसित करने की योजना भी बनाई जा रही है।
खेल नर्सरी से ओलम्पिक पोडियम तक तैयार हो रही व्यूह-रचना
अधिकारियों ने बताया कि हरियाणा में पहले से ही खेल नर्सरी, आवासीय अकादमियों और उत्कृष्टता केंद्रों का मजबूत नेटवर्क मौजूद है। यह बहुस्तरीय व्यवस्था ग्रामीण स्तर से प्रतिभाओं की पहचान कर उन्हें उच्च स्तरीय प्रशिक्षण और प्रतिस्पर्धी खेलों तक पहुंचाने में मदद कर रही है।
‘माई भारत’ में 6.61 लाख युवा, फिटनेस और वेलनेस पर भी जोर
बैठक में बताया गया कि राज्य में ‘माई भारत’ मंच पर 6.61 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। इस पहल से बड़ी संख्या में यूथ क्लब, शैक्षणिक संस्थान और स्वयंसेवी संगठन जुड़े हैं, जिससे युवाओं की नेतृत्व क्षमता और सामाजिक भागीदारी को बढ़ावा मिला है। शिक्षा, स्वास्थ्य, आयुष तथा विकास एवं पंचायत विभागों ने भी बच्चों और युवाओं में शारीरिक साक्षरता, फिटनेस और वेलनेस को बढ़ावा देने के लिए किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। योग कार्यक्रम, फिटनेस गतिविधियां और शारीरिक साक्षरता मूल्यांकन जैसी पहलों के माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा दिया जा रहा है।
