विवादों के साये में भारतीय हॉकी, दोषी खिलाड़ी या सिस्टम?

हॉकी इंडिया के अध्यक्ष, महासचिव और मुख्य चयनकर्ता की सुचिता पर सवाल

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय हॉकी विवादों में आ गई है। हॉकी इंडिया इस मामले को खिलाड़ियों की अनुशासनहीनता से जोड़ रही है तो हॉकी जानकार इसे लेकर कुछ और ही कह रहे हैं। लोगों का कहना है कि हॉकी इंडिया खिलाड़ियों को अनुशासित रखने में अक्षम है। हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह और मुख्य चयनकर्ता आरपी सिंह पर भी उंगलियां उठ रही हैं।

टोक्यो ओलम्पिक में कांस्य पदक दिलाने वाले कप्तान और पेरिस ओलम्पिक में कांस्य विजेता टीम का हिस्सा रहे दिग्गज हॉकी खिलाड़ी मनप्रीत सिंह के अलावा, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को गंभीर अनुशासनहीनता के आरोप में टीम से बाहर किया गया था। इसे लेकर भारतीय हॉकी में जमकर विवाद हुआ क्योंकि मुख्य कोच क्रेग फुल्टन खुलकर मनप्रीत के समर्थन में आगे आए।

फुल्टन ने मनप्रीत को राष्ट्रीय शिविर के लिए सम्भावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर किए जाने का विरोध किया। वह इस कदर नाराज हुए कि उन्होंने इस्तीफा देने तक की पेशकश कर दी थी। हालांकि, हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की व अन्य प्रबंधन कोच अपनी बात समझाने में सफल रहा। विश्वसनीय सूत्र से पता चला है कि फुल्टन ने राउरकेला में एक से सात फरवरी तक 33 कोर सम्भावित खिलाड़ियों के शिविर से मनप्रीत को हटाने के दबाव को बाहरी हस्तक्षेप बताया था।

यह बात सामने आई कि मनप्रीत पिछले साल दिसम्बर में दक्षिण अफ्रीका दौरे के दौरान प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन से जुड़े मामले में शामिल थे। सूत्रों के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका दौरे पर मनप्रीत, दिलप्रीत और कृष्ण बहादुर ने एक खिलाड़ी को प्रतिबंधित नशीला च्युंगम दिया जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। सीनियर खिलाड़ियों के इस आचरण को हॉकी इंडिया ने गंभीरता से लिया। इसके बाद दो बार के ओलम्पिक कांस्य पदक विजेता को 15 साल में पहली बार कोर सम्भावित खिलाड़ियों की सूची से बाहर किया गया। सम्भावित खिलाड़ियों को तय करने के लिए हुई बैठक में हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की, महासचिव भोला नाथ सिंह और मुख्य चयनकर्ता आरपी सिंह ने मिलकर कहा कि मनप्रीत को बाहर किया जाना चाहिए जिसके बाद फुल्टन परेशान हो गए।

सूत्र ने कहा, 'फुल्टन ने मनप्रीत के युवा खिलाड़ियों के लिए मेंटोर होने की बात कही। लेकिन इस पर दिलीप ने कहा कि खिलाड़ी दूसरे सीनियर खिलाड़ियों से सीखेंगे। हॉकी इंडिया ने मनप्रीत से जिस तरह का व्यवहार किया, उससे कुछ खिलाड़ी खुश नहीं थे।' फुल्टन ने गुस्से में हाल में समाप्त हुई हॉकी इंडिया लीग (एचआईएल) के चेन्नई चरण के एक दिन बाद इस्तीफा देने की पेशकश की। हालांकि टिर्की के बहुत समझाने के बाद वह अनुभवी खिलाड़ी को आराम देने के आधिकारिक बयान पर मानने को तैयार हो गए। फुल्टन ने एचआईएल के दौरान मनप्रीत की फिटनेस और फॉर्म की बार-बार तारीफ की है। मुख्य कोच चाहते हैं कि मनप्रीत कम से कम इस साल के एशियाई खेलों और विश्व कप तक टीम का हिस्सा रहें। विश्व कप अगस्त में और सितम्बर में एशियाई खेल होंगे।

खिलाड़ियों के खिलाफ हॉकी इंडिया द्वारा लिए गए फैसले को सही मान भी लिया जाए तब भी सवाल यह उठता है कि खिलाड़ियों के पास नशीला च्युइंगम कहां से आया। क्या भारतीय हॉकी खिलाड़ी नशे के आगोश में रहते हैं, उन्हें नशीले पदार्थ का सेवन करने और पास में रखने की छूट है। कुछ लोग इसे अनुशासनात्मक कारण मानने की बजाय इसे अलग तरीक से देख रहे हैं।

ऐसी अटकलें लगाई जा रही थीं कि किसी भारतीय खिलाड़ी के सर्वाधिक अंतरराष्ट्रीय मैचों का हॉकी इंडिया अध्यक्ष दिलीप टिर्की के (412) रिकॉर्ड की बराबरी से रोकने के लिए मनप्रीत को बाहर किया गया है। मनप्रीत इस रिकॉर्ड से एक मैच दूर हैं। टीम के करीबी सूत्रों ने हालांकि बताया कि मनप्रीत सिंह, दिलप्रीत सिंह और गोलकीपर कृष्ण बहादुर पाठक को बाहर करने का फैसला पिछले साल दिसम्बर में दक्षिण अफ्रीका दौरे पर ही ले लिया गया था। भारतीय टीम ने दक्षिण अफ्रीका में सात से दस दिसम्बर 2025 के बीच दो टेस्ट और एक नुमाइशी मैच खेले थे।

इस मामले की जानकारी रखने वाले सूत्र ने बताया, दक्षिण अफ्रीका दौरे पर अनुशासनहीनता का गम्भीर मामला प्रकाश में आया था जब एक खिलाड़ी टीम बैठक से गायब था। सूत्र ने कहा, बाद में पता चला कि उसे मनप्रीत, दिलप्रीत और पाठक ने कथित तौर पर प्रतिबंधित पदार्थ वाली च्युइंगम खिलाई थी जिससे वह बेहोश हो गया और पूरी रात उसे सम्भालना पड़ा।

सूत्र के अनुसार, अगली सुबह वह टीम बैठक में भी नहीं जा सका। खिलाड़ियों ने अपने साथी खिलाड़ी को प्रतिबंधित पदार्थ खिलाने के लिए बाद में माफी मांगी लेकिन टीम बैठक में तब ही उन्हें आगामी शिविर से बाहर रखने का फैसला सुना दिया गया था। यह भी पता चला है कि कोच क्रेग फुल्टन की ओर से घटना की कोई लिखित रिपोर्ट हॉकी इंडिया को नहीं दी गई।

राउरकेला में अगले महीने होने वाले प्रो लीग के आगामी सत्र के लिए हॉकी इंडिया ने गुरुवार को संभावित खिलाड़ियों की सूची जारी की जिसमें कोच ने कहा कि कार्यभार प्रबंधन के लिए कुछ सीनियर खिलाड़ियों को आराम दिया गया है। राउरकेला में 10 से 15 फरवरी तक होने वाले एफआईएच प्रो लीग मैचों से पहले एक से सात फरवरी तक यह शिविर आयोजित किया जाएगा।

मनप्रीत की सह कप्तानी में रांची रॉयल्स टीम हॉकी इंडिया लीग के फाइनल में पहुंची थी और टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन भी काबिले तारीफ रहा जिससे उन्हें बाहर किए जाने को लेकर सवाल उठने लाजमी हैं वहीं गोलकीपर पाठक और दिलप्रीत एचआईएल जीतने वाली कलिंगा लांसर्स टीम का हिस्सा थे।

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