महिला शतरंज की नई सनसनी बेटी दिव्या देशमुख

भारत की शतरंज शक्ति के आगे बेदम हुई दुनिया

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। महिला शतरंज में जो कभी नहीं हुआ उसे 19 साल की भारतीय बेटी दिव्या देशमुख ने कर दिखाया। महाराष्ट्र की बेटी ने बातुमी (जॉर्जिया) में हुए फिडे वर्ल्ड कप  में अपनी शातिर चालों से हर उस प्रतिद्वंद्वी को चौंकाया जिसे सम्भावित विश्व चैम्पियन माना जा रहा था। दिव्या देश की पहली महिला विश्व चैम्पियन बन चुकी है।

खेलों में बहुत कम ऐसे मौके आते हैं, जब कोई आत्मविश्वास से कह सके- ‘जीतेगा तो इंडिया ही’। आप यह क्रिकेट, हॉकी, बैडमिंटन या किसी अन्य खेल में शायद ही कह सकते हैं। लेकिन शतरंज में आजकल आप निश्चिंत होकर कह सकते हैं कि ‘जीतेगा तो इंडिया ही'। अब शतरंज में भारत की ताकत और गहराई सबसे अलग है। बातुमी (जॉर्जिया) में हुआ फिडे वर्ल्ड कप -2025 भारत की इसी मजबूत पकड़ को दिखाता है।

भारत की युवा चेस सनसनी दिव्या देशमुख ने फिडे महिला चेस विश्व कप का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया है। फाइनल में उन्होंने अपने ही देश की दिग्गज कोनेरू हम्पी को टाई-ब्रेकर मुकाबले में मात दी। इस जीत के साथ ही 19 साल की दिव्या फिडे महिला विश्व कप जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं। इस जीत के बाद दिव्या भावुक हो गईं। ऐसे में एक तरफ भारत की एक बेटी की आंख में जीत के आंसू थे तो दूसरी को फाइनल में पहुंचकर हारने का गम था।

इस जीत से 19 साल की दिव्या ने न सिर्फ यह प्रतिष्ठित टूर्नामेंट जीता बल्कि साथ ही ग्रैंडमास्टर भी बन गईं जो टूर्नामेंट की शुरुआत में असम्भव लग रहा था। वह ग्रैंडमास्टर बनने वाली सिर्फ चौथी भारतीय महिला और कुल 88वीं खिलाड़ी हैं। दिव्या ने शनिवार और रविवार को खेले गए दो क्लासिकल मुकाबलों के ड्रॉ होने के बाद टाईब्रेकर में जीत दर्ज की।

सोमवार को समय नियंत्रित टाईब्रेकर की पहली बाजी में सफेद मोहरों से खेलते हुए दिव्या देशमुख ने हम्पी को फिर से ड्रॉ पर रोका लेकिन दूसरी बाजी में काले मोहरों से खेलते हुए उन्होंने दो बार की विश्व रैपिड चैंपियन को हराकर 2.5-1.5 से जीत दर्ज की। ऐसे में आइए जानते हैं कौन हैं दिव्या देशमुख।

19 साल की दिव्या देशमुख महाराष्ट्र के नागपुर की रहने वाली हैं। दिव्या का जन्म 9 दिसम्बर, 2005 को हुआ। दिव्या जब 5 साल की थीं तो उन्होंने चेस खेलना शुरू कर दिया था। दिव्या के माता-पिता पेशे से डॉक्टर हैं। फिडे महिला विश्व कप से पहले दिव्या ने चेस में कई सारी उपलब्धियों को हासिल किया है। इसके अलावा वह भारत की तरफ से अलग-अलग एज ग्रुप की कई बड़ी प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन कर चुकी हैं।

दिव्या साल 2012 में अंडर-7 नेशनल चैम्पियनशिप, 2014 में अंडर-10 वर्ल्ड यूथ टाइटल और 2017 में अंडर-12 विश्व युवा खिताब अपने नाम कर चुकी हैं। साल 2021 में वह भारत की 21वीं महिला ग्रैंडमास्टर बनीं थीं। वहीं अब दिव्या देशमुख ने सिर्फ 19 साल की उम्र में फिडे महिला विश्व कप 2025 का खिताब जीतकर इतिहास रचा है।

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