कंगारू गेंदबाजों के सामने भारतीय शीर्ष क्रम ध्वस्त

दो महीने में तीन शतक लगाने वाले पुजारा भी फेल
खेलपथ संवाद
लंदन।
जिसका डर था वही हुआ। एक और आईसीसी नॉकआउट मैच में भारतीय टीम का शीर्ष क्रम फेल हो गया। चैम्पियंस ट्रॉफी 2013 के बाद से नॉकआउट मैचों में टीम इंडिया का प्रदर्शन सुधरने के नाम नहीं ले रहा। कभी बल्लेबाज फेल होते हैं तो कभी गेंदबाज। इस बार आईसीसी टेस्ट चैम्पियनशिप के फाइनल में गेंदबाजों ने पहले जमकर रन लुटाए तो बाद में शीर्ष क्रम के चार अहम बल्लेबाज क्रीज पर आए और कुछ देर में वापस चले गए।
इंग्लैंड के ओवल ग्राउंड में ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए पहली पारी में 469 रन बनाए। टीम इंडिया के सभी गेंदबाज महंगे साबित हुए। गेंदबाजों के प्रदर्शन को ढकने की जिम्मेदारी शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों पर थी, लेकिन वह खुद ही चारो खाने चित्त हो गए। जिस पिच पर स्टीव स्मिथ और ट्रेविस हेड ने शतकीय पारी खेली वही पिच भारत के दिग्गज बल्लेबाजों के लिए मुश्किल बन गई।
भारत ने मैच के दूसरे दिन गुरुवार (आठ जून) को पहली पारी में बल्लेबाजी करने उतरी। भारतीय क्रिकेट के प्रिंस कहे जाने वाले शुभमन गिल के साथ कप्तान रोहित शर्मा उतरे। दोनों सात ओवर के अंदर पवेलियन लौट गए। इनके बाद विराट कोहली और चेतेश्वर पुजारा मैदान के बीच में थे। कुछ समय तक दोनों ने पारी को आगे बढ़ाया और फिर चलते बने। 18.2 ओवर में टीम इंडिया के चार विकेट गिर गए।
भारतीय कप्तान का आईसीसी टूर्नामेंट के फाइनल में अब तक अच्छा प्रदर्शन नहीं रहा था। उनके पास इतिहास को बदलने का मौका था। वह पहली पारी में ऐसा नहीं कर सके। रोहित को ऑस्ट्रेलियाई कप्तान पैट कमिंस ने विकेट के सामने एलबीडब्ल्यू कर दिया। वह 26 गेंद पर 15 रन ही बना सके। रोहित इससे पहले चार फाइनल (2007, 2013, 2014, 2017) में एक भी अर्धशतक नहीं लगा सके थे। अब उन्हें इसके लिए दूसरी पारी का इंतजार करना होगा।
शुभमन गिल: भारतीय क्रिकेट के नए स्टार शुभमन गिल से इस मैच में बड़ी उम्मीदें थीं। उन्हें स्कॉट बोलैंड ने क्लीन बोल्ड कर दिया। शुभमन गेंद को छोड़ना चाह रहे थे, लेकिन बोलैंड की गेंद उम्मीद से ज्यादा स्विंग हो गई और विकेटों से जा लगी। शुभमन ने 15 गेंद पर 13 रन बनाए। उन्होंने आईपीएल में इस साल शानदार प्रदर्शन किया था और ऑरेंज कैप जीतने में सफल रहे थे। उन्होंने 17 मैच में 890 रन बनाए थे। इस दौरान तीन शतक और चार अर्धशतक उनके बल्ले से निकले थे। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करने वाले गिल पहली पारी में तो फेल हो गए। अब देखना है कि वह दूसरी पारी में क्या कमाल दिखा पाते हैं।
विराट कोहली: मौजूदा समय में दुनिया के सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाजों में से एक कोहली ने अपनी पारी की शुरुआत अच्छे से की। उन्होंने रहाणे के साथ मिलकर टीम को आगे बढ़ाना शुरू ही किया था कि मिचेल स्टार्क की एक उठती हुई गेंद को वह ठीक से नहीं खेल पाए। स्टार्क की अचानक बाउंस ही गेंद कोहली के अंगूठे से लगकर स्लिप में चली गई। वहां स्टीव स्मिथ ने उछलते हुए एक शानदार कैच ले लिया। कोहली ने भी आईपीएल में इस बार जनकर रन बनाए थे, लेकिन वह यहां कुछ नहीं कर पाए। विराट ने 14 मैच में 639 रन बनाए थे। टीम इंडिया को दूसरी पारी में कोहली से बड़ी उम्मीदें हैं। अगर वह आईपीएल के फॉर्म को दोहराते हैं और एक बड़ी पारी खेलते हैं तो टीम को काफी मदद मिलेगी।
चेतेश्वर पुजारा: आईपीएल खेलकर सीधे फाइनल खेलने कोई खिलाड़ी नहीं गया था तो वह चेतेश्वर पुजारा थे। पुजारा पिछले दो महीने से इंग्लैंड में थे। वह ससेक्स क्लब के लिए काउंटी क्रिकेट में खेल रहे थे। पुजारा इस दौरान शानदार फॉर्म में थे। उन्होंने दो महीने में ससेक्स के लिए तीन शतक लगाए थे। फैंस को इस बात की उम्मीद थी कि वह इंग्लैंड में लंबे समय से रहने के कारण वहां अच्छा प्रदर्शन करेंगे, लेकिन पहली पारी में काउंटी का फॉर्म पुजारा कायम नहीं रख पाए। कैमरून ग्रीन की एक गेंद उनके विकेट से जा लगी। पुजारा उसे छोड़ना चाह रहे थे, लेकिन गेंद स्विंग होकर विकेटों से जा लगी। पुजारा ने 25 गेंद पर 14 रन बनाए।

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