हिमा की हिमालयीन सफलता को हिन्दुस्तान का सलाम

श्रीप्रकाश शुक्ला भारत में आज एक ही बेटी चर्चा में है। नाम है हिमा दास। हिमा की उपलब्धियों से भारत ही नहीं समूचा खेल-जगत पुलकित है। इस गौरवशाली लम्हे में हम हिमा की हिमालयीन सफलता के साथ उसके प्रशिक्षक निपोन दास को भी सलाम करते हैं। सलामी इसलिए कि उन्होंने ही एक दुबली-पतली बेटी को फौलाद की शक्ल दी है, जोकि ट्रैक पर अपनी बिजली सी फुर्ती से समूचे हिन्दुस्तान को दुनिया भर में गौरवान्वित कर रही है। हिमा दास ने दो जुल.......

अर्जुन भाटी ने जीती जूनियर विश्व गोल्फ चैम्पियनशिप

भारत के अर्जुन भाटी ने ताइवान की जेरेमी चेन को हराकर कैलिफोर्निया में एफसीजी कालवे जूनियर विश्व गोल्फ चैंपियनशिप 2019 का खिताब जीता। इस टूर्नामेंट में 40 देशों के 637 गोल्फरों ने हिस्सा लिया था जिनमें अर्जुन ने पहला स्थान हासिल किया। उन्होंने तीन दिन के फ.......

वेटलिफ्टर स्नेहा सोरेन की कहानी उसी की जुबानी

-चार साल पहले पिता की मृत्यु के बाद ऑस्ट्रेलिया जाने से पहले मां का डायरिया से हुआ स्वर्गवास -वेटलिफ्टिंग फेडरेशन ने खेल मंत्री, साई को सुनाई उड़ीसा की स्नेहा सोरेन की दुख भरी कहानी -18 साल की लिफ्टर यूथ ओलंपिक.......

फुटबॉल के माध्यम से 200 लड़कियों के जीवन में बदलाव

झारखंड: फुटबॉल से बदल रही आदिवासी लड़कियों की जिंदगी रांची. 51 साल की आदिवासी महिला तेत्री अशिक्षित हैं। तेत्री ने अपनी जिंदगी में काफी संघर्ष किया है लेकिन अपनी सबसे छोटी बेटी अंशू कच्चाप को फुटबॉल के खेल में आगे बढ़ते देखना और इंटर स्कूल फुटबॉल टूर्नमेंट के लिए ब्रिटेन जाते हुए देखना उनके लिए सपने के सच होने जैसा है। इसी ने उन्हें अपनी उम्मीदों, सपनों के लिए लड़ाई लड़ने के लिए प्रेरित किया। अंशू जैसी कई और लड़कियों को खेल के माध्यम से दूसरों को प्रेर.......

निखत जरीन के मुक्कों में बला की ताकत

ओलम्पिक में स्वर्ण पदक जीतना है लक्ष्य श्रीप्रकाश शुक्ला उदीयमान मुक्केबाज निखत जरीन के मुक्कों में बला की ताकत है। जूनियर स्तर पर अपने मुक्कों की धाक जमा चुकी तेलंगाना राज्य की यह बेटी अब ओलम्पिक में भारत के लिए सोने का तमगा जीतना चाहती है। जूनियर महिला चैम्पियनशिप का खिताब जीत सभी की नजरों में आने वाली तेलंगाना की मुक्केबाज निखत जरीन अब पीछे मुड़कर नहीं देखना चाहती। वह लगातार अपने खेल को बेहतर करते हुए आगे बढ़ रही है। अपने शानदार सीधे पंचों के लिए मशहूर निखत व.......

मां बॉबी ने लगाए बेटी किरन के सपनों को पंख

मां तुझे सलाम श्रीप्रकाश शुक्ला आज महिलाएं कहीं भी सुरक्षित नहीं हैं। रेप, अपहरण और छेड़छाड़ के मामले बढ़ रहे हैं। खेलों में भी महिला खिलाड़ियों के शोषण की बातें सामने आती रही हैं। पुरुष कोच शोषण जैसे गंभीर आरोपों में फंस चुके हैं। इन्हीं सब बातों को देखते हुए एक मां खुद कोच.......

नौ साल की उम्र से हर्ष टोकस जूडो और कुराश में दिखा रहे हैं दम

हर्ष जब 9 साल के थे, तब उनकी दादी उन्हें एक दफा मुनिरका गांव स्थित बाबा गंगनाथ जूडो कुराश अकेडमी में ले गईं। हर्ष को यह जगह इतनी रास आई कि वह आज 7 साल बाद भी यहां से अलग नहीं हुए हैं। हर्ष जल्द ही अपनी प्रतिभा से कोच के पसंदीदा खिलाड़ी बन गए। वह किसी भी ने.......

हरफनमौला ओशिन को मेरा सलाम

14 साल की इंटरनेशनल खिलाड़ी बेटी ने जीते 22 पदक                                  श्रीप्रकाश शुक्ला हिन्दी में एक प्रसिद्ध कहावत है- होनहार बिरवान के होत चीकने पात अर्थात होनहार बच्चे के.......

मां लक्ष्मी के नक्शेकदम पर चल रही गायत्री

आज की पीढ़ी को मिल रही हैं सुविधाएं पुलेला जी होते मेरे कोच तो मैं भी जीतती ओलम्पिक मैडलः पीवीवी लक्ष्मी                                         श्रीप्रकाश शुक्ला देश में बैडमिंटन को पूरी तरह से समर्पित बस ए.......

मैं देश के लिए दौड़ना चाहती हूं- अनिता कुमारी

भूखे पेट दौड़ना मुश्किल, मुझे एक अदद नौकरी की तलाश श्रीप्रकाश शुक्ला मैं देश के लिए दौड़ना चाहती हूं। मैं देश को मैडल दिलाना चाहती हूं। देश का गौरव बढ़ाना चाहती हूं। मैं दिन-रात मेहनत भी कर रही हूं। मैंने अपने राज्य उत्तराखंड को 400, 800 और 1500 मीटर दौड़ में दर्जनों मैडल दिलाए हैं लेकिन मैं अपने गरीब माता-पिता पर आखिर कब तक बोझ बनकर रहूंगी। मेरे पिता तांगा चलाते हैं, उनके सामने परिवार के भरण-पोषण की तमाम चुनौतियां हैं। तीन बहनों और दो भाइ.......