भारतीय सितारों की प्रतिबद्धताओं पर कपिल देव ने उठाए सवाल

बुमराह को लेकर बीसीसीआई से पूछा सवाल
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली।
भारत को 1983 में विश्व कप जिताने वाले कप्तान कपिल देव अपने बयानों को लेकर चर्चा में है। वह लगातार टीम इंडिया को अलग-अलग मामलों पर घेर रहे हैं और भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) से सवाल पूछ रहे हैं। प्रमुख खिलाड़ियों की चोटों के कारण बड़े टूर्नामेंट में टीम के प्रदर्शन पर असर पड़ने पर कपिल ने भारतीय सितारों की प्रतिबद्धताओं पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को मामूली चोटों के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) खेलने में कोई आपत्ति नहीं होती, लेकिन जब राष्ट्रीय टीम के लिए भी ऐसा करने की बात आती है, वे बाहर बैठना पसंद करते हैं।
कपिल देव ने एक इंटरव्यू में लगभग एक साल से भारतीय टीम से बाहर चल रहे तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह की स्थिति पर सवाल उठाया। वनडे विश्व कप का आयोजन अक्तूबर-नवंबर में होना है। ऐसे में कपिल देव को लगता है कि अगर बुमराह इस टूर्नामेंट के लिए ठीक नहीं हुए तो यह समय की बर्बादी होगी। उन्होंने कहा, ''बुमराह को क्या हुआ? उन्होंने बहुत विश्वास के साथ काम करना शुरू किया, लेकिन अगर वह वहां (विश्व कप सेमीफाइनल/फाइनल में) नहीं हैं... तो हमने उनके ऊपर समय बर्बाद किया। ऋषभ पंत इतने शानदार क्रिकेटर हैं। वह होते तो हमारा टेस्ट क्रिकेट बेहतर होता।"
टीम इंडिया के प्रमुख खिलाड़ी हैं चोटिल
विश्व कप से पहले भारतीय टीम युवा खिलाड़ियों को लगातार मौके दे रही है। टीम के प्रमुख खिलाड़ी जसप्रीत बुमराह, श्रेयस अय्यर और केएल राहुल अभी भी अपनी चोटों से जूझ रहे हैं। जबकि दिसंबर में एक गंभीर कार दुर्घटना के बाद ऋषभ पंत भी अनुपलब्ध हैं। सब कुछ मिला दें, तो स्थिति कम से कम इस समय रोहित शर्मा की टीम के लिए सकारात्मक नहीं लगती।
आईपीएल को लेकर कपिल देव ने कही यह बात
कपिल देव को लगता है कि आईपीएल एक अद्भुत चीज है, लेकिन वह खिलाड़ियों को टी20 लीग को अपनी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं से ऊपर रखते हुए देखकर खुश नहीं हैं। उन्होंने कहा, ''ऐसा नहीं है कि मैं कभी चोटिल नहीं हुआ। लेकिन आज वे साल में 10 महीने खेल रहे हैं, लेकिन हर किसी को अपना ख्याल रखना होगा। आईपीएल एक अच्छी चीज है लेकिन वह आपको खराब भी कर सकता है। हल्की चोट में आप आईपीएल खेल लेते हो, लेकिन जब भारत के लिए ऐसा करने की बात आती है तो आप ब्रेक ले लेते हैं।''
कपिल ने खिलाड़ियों के वर्कलोड के खराब प्रबंधन के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा, ''क्रिकेट बोर्ड को यह समझना होगा कि खिलाड़ियों को कितना क्रिकेट खेलना चाहिए। यही मूल बात है। अगर आज आपके पास संसाधन हैं, पैसा है, लेकिन आपके पास तीन या पांच साल का कैलेंडर नहीं है। ऐसे में क्रिकेट बोर्ड में कुछ गड़बड़ है।''

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