भारतीय युवा एथलीटों का अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप दिखा दम

एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स टीम ने जीते 10 स्वर्ण सहित 19 पदक

खेलपथ संवाद

सिंगापुर। भारत ने 22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैम्पियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 19 पदक अपने नाम किए। भारतीय दल ने 10 स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य पदक जीतकर पदक तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया। मेजबान चीन 25 पदकों और 14 स्वर्ण पदकों के साथ शीर्ष पर रहा, जबकि जापान 18 पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा। भारतीय खिलाड़ियों के इस शानदार प्रदर्शन की देशभर में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया पर भारतीय दल को बधाई दी।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा, '22वीं एशियन अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 10 स्वर्ण सहित 19 पदक जीतने के लिए भारतीय दल को बधाई। यह शानदार प्रदर्शन हमारे युवा एथलीटों के दृढ़ संकल्प और उत्कृष्टता को दर्शाता है। मुझे उम्मीद है कि उनकी ये उपलब्धियां आने वाले वर्षों में और अधिक युवा भारतीयों को खेलों की ओर प्रेरित करेंगी।' प्रधानमंत्री के इस संदेश को भारतीय एथलेटिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।

चैम्पियनशिप के अंतिम दिन भारत ने तीन स्वर्ण पदक जीतकर अपने अभियान का शानदार समापन किया। सबसे यादगार प्रदर्शन महिलाओं की 4x400 मीटर रिले टीम ने किया। नीरू पाठक, भूमिका संजय नेहते, तहूरा खातून और सेहनूर बावा की चौकड़ी ने 3:38.07 सेकेंड का समय निकालते हुए नया चैम्पियनशिप रिकॉर्ड बनाया और स्वर्ण पदक जीता। यह प्रदर्शन प्रतियोगिता के सबसे बड़े आकर्षणों में शामिल रहा। महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में मुस्कान ने 16:53.08 के समय के साथ स्वर्ण पदक जीता। वहीं, वेंकटराम रेड्डी मोगली ने पुरुषों की 800 मीटर दौड़ में 1:48.27 सेकेंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय निकालकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

फील्ड इवेंट्स में निश्चय ने पुरुषों की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 60.10 मीटर का थ्रो कर रजत पदक जीता। यह नया भारतीय अंडर-20 राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी है। इसके साथ ही वह इस वर्ग में 60 मीटर की दूरी पार करने वाले पहले भारतीय एथलीट बन गए। महिलाओं की 4x100 मीटर रिले टीम ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीता। काजल हीराभाई वाजा, भावना जी, आरती और निपम ने 45.05 सेकेंड का समय निकालकर भारत को दूसरा स्थान दिलाया।

भविष्य के सितारों ने दिखाई ताकत

इस चैम्पियनशिप में भारतीय खिलाड़ियों ने न सिर्फ पदक जीते बल्कि कई राष्ट्रीय और चैम्पियनशिप रिकॉर्ड भी बनाए। इससे यह स्पष्ट हुआ कि भारतीय एथलेटिक्स की नई पीढ़ी अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल करने के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री मोदी का संदेश भी इसी विश्वास को मजबूत करता है कि भारत के युवा खिलाड़ी आने वाले वर्षों में विश्व स्तर पर देश का नाम और ऊंचा करेंगे।

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