के.डी. हॉस्पिटल में युवती के पैर से कैंसर गांठ निकाली
विशेषज्ञ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा ने की सर्जरी
मथुरा। पिछले तीन महीने से चलने-फिरने में असमर्थ राया, मथुरा निवासी गुड्डी (उम्र 31) को के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर की विशेषज्ञ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा ने नया जीवन दिया है। डॉ. उमा शर्मा और उनकी टीम ने 17 मई को गुड्डी के दाएं पैर की कैंसर गांठ को निकाल कर न केवल मरीज को दर्द से राहत दी बल्कि उसके पैर को भी बचा लिया। गुड्डी अब पूरी तरह से स्वस्थ है तथा उसे हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है।
चिकित्सकों से मिली जानकारी के अनुसार राया, मथुरा निवासी गुड्डी पिछले तीन महीने से दाएं पैर में गांठ के चलते सामान्य रूप से चलने-फिरने में असमर्थ थी। एक महीने से उसके पैर में असहनीय दर्द होने के चलते पांच मई को उसे के.डी. हॉस्पिटल लाया गया। विशेषज्ञ सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा ने मरीज की सबसे पहले बायोप्सी कराई जिससे पुष्टि हुई कि गांठ कैंसर की है। डॉ. उमा शर्मा ने परिजनों को बताया कि युवती के दाएं पैर के घुटने के नीचे काफी बड़ी कैंसर की गांठ है, जिसका ऑपरेशन किया जाना जरूरी है।
परिजनों की स्वीकृति के बाद 17 मई को सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा द्वारा गुड्डी की सर्जरी की गई। इस सर्जरी में डॉ. उमा शर्मा का सहयोग डॉ. वरुण सिंह सिसोदिया, डॉ. प्रभात, डॉ. सूरज तथा निश्चेतना विशेषज्ञ प्रतिमा ने किया। डॉ. उमा शर्मा ने बताया कि कैंसर पूरी तरह से निकालना व पैर को बचाना चुनौतीपूर्ण था। उन्होंने बताया कि पैर में होने वाले कैंसर (सॉफ्ट टिशू सार्कोमा) को जड़ से खत्म करने के लिए ऑपरेशन के बाद कीमोथेरेपी या रेडिएशन थेरेपी का भी सहारा लिया जाता है।
डॉ. उमा शर्मा ने कहा कि पैर में दर्द रहित या बढ़ती हुई गांठ को सामान्य न समझें। यदि ऐसी परेशानी दिख रही है तो बिना विलम्ब किए योग्य ऑर्थो-ऑन्कोलॉजिस्ट या कैंसर विशेषज्ञ को जरूर दिखा लेना चाहिए। डॉ. उमा शर्मा का कहना है कि जब मैंने उसे देखा, तो मुझे लगा कि उसे ट्यूमर है। इस ट्यूमर को सॉफ्ट टिशू सार्कोमा कहते हैं। उन्होंने कहा कि हर मरीज के इलाज का तरीका अलग होता है। गुड्डी ऑपरेशन के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है तथा उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
मरीज गुड्डी से बात करने पर पता चला कि शुरुआत में उसके पैर के ऊपरी हिस्से के पिछले हिस्से में धीरे-धीरे सूजन आ रही थी। शुरुआत में तो उसने इस पर ध्यान नहीं दिया तथा अपने घरवालों को भी नहीं बताया, लेकिन सूजन बढ़ती गई, दर्द शुरू हो गया तथा चलने-फिरने में जब असमर्थ हो गई तब घर वालों को उसकी बीमारी के बारे में पता चला और उसे के.डी. हॉस्पिटल लाया गया।
के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल, डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह, विभागाध्यक्ष सर्जरी डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने गुड्डी की सफल सर्जरी के लिए सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. उमा शर्मा तथा उनकी टीम को बधाई देते हुए मरीज के स्वस्थ-सुखद जीवन की कामना की है।
