राजीव एकेडमी और देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग के मध्य अनुबंध

छात्र-छात्राओं को मिलेगा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित डिजिटल मार्केटिंग प्रशिक्षण

मथुरा। आधुनिक तकनीकी शिक्षा एवं रोजगारपरक कौशल विकास को बढ़ावा देने के उद्देश्य से राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट तथा देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग के बीच एक महत्वपूर्ण अनुबंध हुआ है। इस अनुबंध के तहत देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग छात्र-छात्राओं को एआई आधारित डिजिटल मार्केटिंग, नवीन तकनीकी जानकारी तथा इंडस्ट्री ओरिएंटेड स्किल्स का प्रशिक्षण प्रदान करेगी।

राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट तथा देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग के बीच तीन साल का अनुबंध हुआ है। अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना और प्रोजेक्ट हेड सिद्धार्थ जैन ने किए। एमओयू के अंतर्गत देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग समय-समय पर कॉलेज परिसर में सेमिनार, वर्कशॉप एवं वेबिनार आयोजित करेगा, इससे छात्र-छात्राओं को डिजिटल मार्केटिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के क्षेत्र में व्यावहारिक एवं तकनीकी जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही इच्छुक विद्यार्थियों के लिए विशेष स्किल डेवलपमेंट कोर्स भी संचालित किए जाएंगे।

संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने कहा कि यह सहयोग विद्यार्थियों को रोजगार एवं स्वरोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें आधुनिक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार करने में सहायक सिद्ध होगा। वहीं देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग के प्रोजेक्ट हेड प्रोजेक्ट हेड सिद्धार्थ जैन ने बताया कि संस्थान का उद्देश्य “अर्न व्हाइल लर्न” मॉडल के माध्यम से छात्र-छात्राओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे पढ़ाई के साथ-साथ अपने कौशल का भी विकास कर सकें।

राजीव एकेडमी के सीआरसी हेड डॉ. विकास जैन तथा देहली इंस्टीट्यूट ऑफ डिजिटल मार्केटिंग के हेड ट्रेनिंग डिलीवरी एंड प्लेसमेंट वैभव शर्मा इस अनुबंध के साक्षी रहे। डॉ. विकास जैन ने बताया कि यह एमओयू आगामी तीन वर्षों तक प्रभावी रहेगा तथा दोनों संस्थान संयुक्त रूप से छात्र-छात्राओं के कौशल विकास एवं डिजिटल शिक्षा को नई दिशा देने का कार्य करेंगे।

आर.के. एज्यूकेशन हब के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने अनुबंध की प्रशंसा की। डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने कहा कि छात्र-छात्राओं को शैक्षणिक ज्ञान के साथ ही उद्योगों के अनुरूप व्यावहारिक जानकारी दिया जाना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि इस अनुबंध से छात्र-छात्राओं का कौशल निखरेगा तथा उन्हें तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर बनाने में मदद मिलेगी।

चित्र कैप्शनः अनुबंध पत्रों पर हस्ताक्षर करते तथा एक-दूसरे को प्रदान करते डॉ. अमर कुमार सक्सेना एवं प्रोजेक्ट हेड सिद्धार्थ जैन।

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