वेटरन्स इंडिया के राष्ट्रीय वेबिनार में राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति पर चर्चा

मेजर जनरल जी.डी. बक्शी ने वीपीआरएफ  को दी आज़ाद हिन्द फौज-2.0 की संज्ञा

कहा- देश को अनुशासित, राष्ट्रवादी एवं सेवाभावना से प्रेरित स्वयंसेवियों की जरूरत

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली/चेन्नई। वेटरंस इंडिया द्वारा वीपीआरएफ-स्वयंसेवी देशभक्ति रिजर्व बल के बैनर तले “राष्ट्रवाद एवं देशभक्ति” विषय पर एक भव्य राष्ट्रीय वेबिनार का सफल आयोजन किया गया। इस वेबिनार में देशभर से पूर्व सैनिकों, युवाओं, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं देशभक्त नागरिकों ने गूगल मीट एवं विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से सहभागिता की।

वेबिनार का उद्घाटन डॉ. अशोक कुमार लेंका, नेशनल सेक्रेटरी स्पोर्ट्स, वेटरन्स इंडिया एवं वीपीआरएफ वेबिनार के राष्ट्रीय समन्वय प्रभारी द्वारा किया गया। उन्होंने मुख्य अतिथि एवं सभी प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए वीपीआरएफ के राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण मॉड्यूल तथा राष्ट्र निर्माण के उद्देश्य पर विस्तृत प्रकाश डाला। कार्यक्रम का संचालन जी. मुरली आचार्य, नेशनल सेक्रेटरी ऑफिस, वेटरन्स इंडिया द्वारा मास्टर ऑफ सेरेमनी के रूप में किया गया।

वेबिनार के मुख्य वक्ता सेवानिवृत्त मेजर जनरल जी.डी. बक्शी ने राष्ट्रवाद, देशभक्ति, राष्ट्रीय सुरक्षा एवं राष्ट्र निर्माण पर अत्यंत प्रेरणादायक एवं ऊर्जावान सम्बोधन दिया। उन्होंने युवाओं एवं नागरिकों से राष्ट्रहित में संगठित होकर कार्य करने का आह्वान किया। अपने सम्बोधन में मेजर जनरल बक्शी ने वीपीआरएफ  को “आज़ाद हिन्द फौज 2.0” की संज्ञा देते हुए कहा कि आज देश को एक अनुशासित, राष्ट्रवादी एवं सेवा-भावना से प्रेरित स्वयंसेवी बल की आवश्यकता है। उन्होंने नेताजी सुभाष चन्द्र बोस एवं आज़ाद हिन्द फौज के वीर सैनिकों के सम्मान में एक भव्य युद्ध स्मारक स्थापित करने की मांग की।

मेजर जनरल जी.डी. बक्शी ने डॉ. बिनय कुमार मिश्रा की विशेष सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने वीपीआरएफ जैसी दूरदर्शी एवं राष्ट्रहितकारी अवधारणा को उत्कृष्ट रूप से संरचित किया है। तत्पश्चात डॉ. बिनय कुमार मिश्रा ने वर्तमान वैश्विक एवं राष्ट्रीय परिस्थितियों में वीपीआरएफ की आवश्यकता एवं महत्व पर विस्तृत जानकारी दी। मेजर जनरल बक्शी ने वीपीआरएफ के 1.5 करोड़ लक्ष्य अभियान को अत्यंत तीव्र गति से आगे बढ़ाने पर भी विशेष बल दिया और इसे देश के सबसे बड़े राष्ट्रवादी जन आंदोलनों में परिवर्तित करने का आह्वान किया।

वेबिनार में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में पूर्व सैनिकों, छात्रों, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं राष्ट्रप्रेमी नागरिकों ने भाग लिया। सभी प्रतिभागियों ने वीपीआरएफ  की राष्ट्र निर्माण की इस अनूठी पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। वेबिनार के अंत में डॉ. एम.बी. सिंह चौहान, उपाध्यक्ष एवं राष्ट्रीय समन्वयक, वीपीआरएफ ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों एवं आयोजकों का आभार व्यक्त किया। इसके पश्चात राष्ट्रगान के साथ वेबिनार का समापन हुआ।

वेबिनार की मुख्य विशेषताएँ: वीपीआरएफ को “आज़ाद हिन्द फौज 2.0” बताया गया, आज़ाद हिन्द फौज के लिए युद्ध स्मारक की मांग, वीपीआरएफ के राष्ट्रव्यापी प्रशिक्षण मॉड्यूल की जानकारी, 1.5 करोड़ वीपीआरएफ लक्ष्य अभियान पर जोर, युवा नेतृत्व एवं राष्ट्र निर्माण, अनुशासन, सेवा एवं देशभक्ति का संदेश, पूर्व सैनिकों के नेतृत्व में राष्ट्रीय जागरण।

ध्येय वाक्य: एक राष्ट्र, एक मिशन, एक गौरव

रिलेटेड पोस्ट्स