खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने खेल संघों से पारदर्शी चयन पर दिया जोर

एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की तैयारियों को लेकर हुई मंत्रणा

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने गुरुवार को राष्ट्रीय खेल महासंघों (एनएसएफ) के साथ दिन भर चली समीक्षा बैठक में समय पर चुनाव और पारदर्शी चयन पर जोर दिया और साथ ही उनसे डोपिंग की समस्या से सख्ती से निपटने का भी आग्रह किया। बैठक में 37 एनएसएफ के प्रतिनिधियों, भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) की अध्यक्ष पीटी ऊषा, खेल सचिव हरि रंजन राव और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने हिस्सा लिया।

इस बैठक का मकसद इस साल होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के लिए भारत की तैयारियों पर चर्चा करना था। खेल मंत्रालय द्वारा जारी बयान में मांडविया ने जोर देते हुए कहा कि भारत का खेल भविष्य खिलाड़ियों, महासंघों और सरकारों के बीच बेहतर तालमेल पर निर्भर करता है। उन्होंने एनएसएफ के भीतर अधिक पारदर्शिता, समय पर चुनाव और जवाबदेही की मांग की जिससे कि मजबूत संस्थागत तंत्र सुनिश्चित किया जा सके जो खिलाड़ियों के कल्याण में सहायक हो।

मांडविया ने डोपिंग के मुद्दे पर भी बात की जो भारतीय खेलों के लिए एक बड़ी समस्या बनी हुई है। कुछ ही हफ्ते पहले विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) ने डोपिंग को अपराध घोषित करने का आग्रह किया था। इस पर मांडविया पहले ही कह चुके हैं कि मौजूदा कानून में संशोधन करने और खिलाड़ियों को प्रतिबंधित पदार्थ उपलब्ध कराने वालों के लिए जेल की सजा और जुर्माने का प्रावधान करने के प्रयास जारी हैं। पिछले तीन वर्षों से भारत वाडा की डोप उल्लंघन करने वालों की सूची में शीर्ष पर है।

खेल मंत्री ने महासंघों, कोच और सहयोगी कर्मचारियों से आग्रह किया कि वे खिलाड़ियों को शिक्षित और जागरूक करके इस दिशा में अपना योगदान दें। उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और 2028 के लॉस एंजिलिस ओलम्पिक में भारत के पदक जीतने की संभावनाओं को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक प्रशिक्षण, नियमित प्रतिस्पर्धी अनुभव, निजी क्षेत्र की भागीदारी, खेल लीग, अकादमियों और प्रशासन सुधारों के महत्व पर भी जोर दिया। राष्ट्रमंडल खेल जुलाई-अगस्त में ग्लास्गो में होने हैं जिसके बाद सितम्बर-अक्टूबर में जापान में एशियाई खेल होंगे।

इस बैठक से यह स्पष्ट संकेत मिला कि भारत अब खेलों में केवल भागीदारी नहीं, बल्कि प्रदर्शन और परिणाम पर आधारित दृष्टिकोण अपनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। साथ ही, डोपिंग नियंत्रण, पारदर्शिता और फेडरेशन सुधार जैसे मुद्दों को भी केंद्र में रखा गया।

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