राजीव इंटरनेशनल स्कूल के छात्र लक्ष शर्मा की गोल्डन हैट्रिक
तीसरी उत्तर प्रदेश रोलर स्केट चैम्पियनशिप में किया कमाल
इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी दर्ज करा चुका अपना नाम
खेलपथ संवाद
मथुरा। इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुके होनहार स्केटर लक्ष शर्मा ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और कौशल का नायाब उदाहरण पेश किया है। राजीव इंटरनेशनल स्कूल के प्रतिभाशाली छात्र लक्ष शर्मा ने गाजियाबाद में हुई तीसरी उत्तर प्रदेश रोलर स्केट चैम्पियनशिप में तीन स्वर्ण पदक जीतकर समूचे प्रदेश में ब्रज क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।
प्राचार्या प्रिया मदान ने बताया कि आरआईएस का चमकता सितारा लक्ष शर्मा स्केटिंग जैसे जोखिम भरे खेल में नित नए कीर्तिमान बना रहा है। लक्ष के नाम अब तक कई ऐतिहासिक उपलब्धियां दर्ज हो चुकी हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश रोलर स्पोर्ट्स एसोसिएशन के मार्गदर्शन तथा रोलर स्पॉर्ट्स एसोसिएशन गाजियाबाद द्वारा आयोजित तीसरी उत्तर प्रदेश रोलर स्केट चैम्पियनशिप में लक्ष शर्मा ने 200 मीटर, 400 मीटर तथा 600 मीटर रेस में गोल्ड मेडलों की हैट्रिक लगाकर खेलप्रेमियों को दांतों तले उंगली दबाने को विवश कर दिया।
प्राचार्या मदान ने कहा कि प्रत्येक छात्र-छात्रा की प्रतिभा को पहचान कर उसे प्रगति पथ पर अग्रसर करना ही राजीव इंटरनेशनल स्कूल का उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यहां के छात्र-छात्राएं इसी तरह सफलताएं हासिल कर अपने जिले मथुरा को गौरवान्वित करेंगे। गाजियाबाद में लक्ष की स्वर्णिम हैट्रिक से उसके माता-पिता तथा कोच भी बहुत खुश हैं। कोच का कहना है कि लक्ष में सीखने और बेहतर करने की गजब की क्षमता है। इस उम्र में हासिल उसकी उपलब्धियां सुनहरे भविष्य का सूचक हैं।
राजीव इंटरनेशनल स्कूल के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने लक्ष शर्मा की शानदार उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ब्रज के होनहार ने अपने प्रदर्शन से इस कहावत को चरितार्थ कर दिया कि प्रतिभा उम्र की मोहताज नहीं होती। श्री अग्रवाल ने कहा कि इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुके लक्ष का स्टेट लेवल पर तीन स्वर्ण पदक जीतना बहुत बड़ी बात है। चेयरमैन श्री अग्रवाल ने लक्ष को शाबाशी देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
श्री अग्रवाल ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में भी लक्ष राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन कर अपने जनपद, प्रदेश और देश का नाम रोशन करेगा। श्री अग्रवाल ने कहा कि कठिन परिश्रम, धैर्य और लगन से ही ऐसे हीरे निखर कर आते हैं। उन्होंने कहा कि इससे अन्य बच्चों को भी खेल के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने की प्रेरणा मिलेगी। श्री अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं से पढ़ाई के साथ कुछ समय खेलों को भी देने का आह्वान किया।
चित्र कैप्शऩः स्वर्ण पदकों के साथ होनहार लक्ष।
