योग रोगमुक्त, संतुलित एवं समृद्ध जीवन का आधारः स्वामी डॉ. परमार्थ देव
रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में योगोत्सव में हुए विविध कार्यक्रम
खेलपथ संवाद
भोपाल। रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय, भोपाल के योग विभाग द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में “योगोत्सव” कार्यक्रम का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं गरिमामय वातावरण में टीएनएसडी ग्राउंड में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज में योग के प्रति जागरूकता का प्रसार करना तथा स्वस्थ जीवनशैली को प्रोत्साहित करना रहा।
यह कार्यक्रम आयुष मंत्रालय एवं मोरारजी देसाई अंतरराष्ट्रीय योग संस्थान, भारत सरकार द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में प्रारम्भ की गई “100 दिन – 100 शहर – 100 संस्थान” श्रृंखला के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसके तहत देशभर में योग जागरूकता हेतु विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में रवीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय में आयोजित यह कार्यक्रम इस श्रृंखला का 54वां पड़ाव रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के पूजन के साथ किया गया। तत्पश्चात् योग विभागाध्यक्ष डॉ. रत्नेश पाण्डेय द्वारा स्वागत उद्बोधन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा एवं उद्देश्यों की जानकारी दी गई एवं अतिथियों का स्वागत किया गया।
इसके पश्चात् योग विभाग के विद्यार्थियों द्वारा योगासन का आकर्षक प्रदर्शन (डेमो) प्रस्तुत किया गया, जिसने उपस्थित जनसमूह को अत्यंत प्रभावित किया। इसके उपरांत सभी प्रतिभागियों को “कॉमन योगा प्रोटोकॉल” का विधिवत अभ्यास कराया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों, एनजीओ के विद्यार्थियों, योग साधकों एवं विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं सहित कुल 600 से अधिक प्रतिभागियों ने सक्रिय सहभागिता की।
कार्यक्रम के प्रारंभ में विश्वविद्यालय की कुलसचिव ने प्रेरणादायक उद्बोधन दिया गया, जिसमें उन्होंने योग को जीवन में आत्मानुशासन, सकारात्मकता एवं संतुलन स्थापित करने का प्रभावी माध्यम बताया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार एवं भारत स्वाभिमान केंद्र अध्यक्ष स्वामी डॉ. परमार्थ देव उपस्थित रहे। उन्होंने “डिजीज फ्री लाइफ थ्रू योग” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए योग को रोगमुक्त, संतुलित एवं समृद्ध जीवन का आधार बताया।
विशिष्ट अतिथि सेवानिवृत्त आईपीएस अधिकारी एवं अध्यक्ष, योगासन स्पोर्ट्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश वेदप्रकाश शर्मा ने “लाइफ मोटिवेशन” विषय पर अपने प्रेरणादायक विचार प्रस्तुत किए। विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में आयुष मंत्रालय, नई दिल्ली से पधारे डॉ. रामनारायण मिश्रा रिसर्च आफीसर ने अपने उद्बोधन में बताया कि योग जीवन के प्रत्येक पहलू—शारीरिक, मानसिक, सामाजिक एवं आध्यात्मिक में संतुलन स्थापित करने का एक सशक्त माध्यम है। कार्यक्रम में भारत स्वाभिमान महिला अध्यक्ष, मध्यप्रदेश पुष्पांजलि ने “इंटरनेशनल पीस” के संदर्भ में योग के महत्व को रेखांकित किया तथा इसे वैश्विक शांति एवं सद्भाव का माध्यम बताया।
श्री रावतपुरा सरकार विश्वविद्यालय, रायपुर (छत्तीसगढ़) के प्रो. कप्तान सिंह ने “योग फॉर मॉडर्न लाइफ” विषय पर अपने विचार व्यक्त करते हुए वर्तमान जीवनशैली में योग की आवश्यकता को स्पष्ट किया। एमिटी यूनिवर्सिटी, नोएडा (उत्तर प्रदेश) के डॉ. संजय सिंह ने श्रीमद्भगवद्गीता के माध्यम से योग के आध्यात्मिक पक्षों पर प्रकाश डाला, वहीं बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल की प्रोफेसर साधना दौनारिया ने “अष्टांग योग” के सिद्धांतों एवं उनके व्यावहारिक महत्व को विस्तारपूर्वक समझाया।
कार्यक्रम का संचालन अखिलेश विश्वकर्मा द्वारा किया गया, जिससे सम्पूर्ण आयोजन सुव्यवस्थित एवं प्रभावशाली बना रहा। कार्यक्रम के अंत में डॉ. रत्नेश पाण्डेय द्वारा सभी अतिथियों, प्रतिभागियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर निखिल मोदी द्वारा सभी के प्रति धन्यवाद ज्ञापित करते हुए भविष्य में इस प्रकार के जन-जागरूकता एवं स्वास्थ्यवर्धक कार्यक्रमों के सतत आयोजन का संकल्प व्यक्त किया। यह योगोत्सव कार्यक्रम योग के माध्यम से “स्वस्थ शरीर, शांत मन एवं संतुलित समाज” की स्थापना की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।
