भारतीय तीरंदाज सुखमणि पर लगा डोपिंग का डंक

महाराष्ट्र के सुखमणि गजानन बाबरेकर ने अस्थायी प्रतिबंध स्वीकारा

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। वैश्विक खेल पटल पर इन दिनों भारत की खूब चर्चा हो रही है। चर्चा किसी अच्छी बात की नहीं बल्कि खिलाड़ियों की बेईमानी की है। जी हां भारत डोपिंग के मामले में शीर्ष पर पहुंच गया है। विश्व एथलेटिक्स महासंघ भी भारत में डोपिंग के बढ़ते चलन से चिंतित है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सुखमणि गजानन बाबरेकर को डोपिंग का डंक लगा है।

डोपिंग की काली छाया से दूर रहने वाले खेल तीरंदाजी पर भी अब खतरा मंडराने लगा है। नाडा की ओर से की गई टेस्टिंग में अंतरराष्ट्रीय तीरंदाज सुखमणि गजानन बाबरेकर डोप पॉजिटिव पाए गए हैं। उनके सैंपल में विश्व डोप रोधी एजेंसी (वाडा) की सूची एस-3 के अंतर्गत प्रतिबंधित बीटा-2 एगोनिस्ट टरब्यूटालाइन पाया गया है। नाडा ने सुखमणि से इस प्रतिबंधित पदार्थ के बारे में जवाब मांगा है।

महाराष्ट्र के सुखमणि ने अस्थायी प्रतिबंध स्वीकार कर लिया है। तीरंदाजी में डोपिंग दुर्लभ बात मानी जाती है। यह देश की तीरंदाजी में डोपिंग का महज तीसरा मामला है। कुछ वर्ष पूर्व पंजाब के एक तीरंदाज को डोपिंग के लिए प्रतिबंधित किया गया था। अगर सुखमणि नाडा को संतोषजनक उत्तर नहीं देते हैं तो सुनवाई के दौरान उन पर दो से चार साल का प्रतिबंध लग सकता है।

2017 की विश्व यूथ चैम्पियनशिप और 2018 के एशिया कप स्टेज-3 में रजत पदक जीतने वाले रिकर्व तीरंदाज सुखमणि औरंगाबाद स्थिति एनसीओई में थे। जहां उनका नाडा ने आउट ऑफ कम्पटीशन सैम्पल लिया था। उनसे इस वर्ष 19 फरवरी को बी सैम्पल कराने के बारे में पूछा गया। उन्होंने बी सैम्पल नहीं कराया और अस्थायी प्रतिबंध स्वीकार कर लिया। अब उनसे इस प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन की स्वीकारोक्ति के बारे में पूछा गया है। उन्हें इस माह तक जवाब देना है।

कुछ दिन पूर्व नाडा ने 2023 के एशियाई खेलों में कम्पाउंड टीम स्वर्ण जीतने वाले प्रथमेश जावकर से भी नाडा ने तीन व्हेयर अबाउट फेल्योर (टेस्ट के लिए पता नहीं बताना) पर जवाब मांगा है। अगर वह संतोषजनक उत्तर नहीं दे पाए तो उन पर भी प्रतिबंध लगेगा, जिससे वह एशियाई खेलों में भाग नहीं ले पाएंगे। अब सुखमणि का केस सामने आने पर भारतीय तीरंदाजी महासंघ (एएआई) डोपिंग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए तीरंदाजों के लिए दिशा निर्देश निकालने जा रहा है। जिसमें तीरंदाजों को नाडा के नियमों का सख्ती से पालन करने की हिदायत दी जाएगी।

 

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