मेडिकल छात्र-छात्राओं ने पैथोलॉजी की खूबियों पर साझा किए विचार

के.डी. मेडिकल कॉलेज में हुई राष्ट्रीय इंटर मेडिकल कॉलेज पैथ-आर्टः 3.0 प्रतियोगिता

मथुरा। छात्र-छात्राओं की रचनात्मकता, ज्ञान और शोध क्षमताओं को बढ़ावा देने के उद्देश्य से केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा शिक्षा संस्थान के.डी. मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के पैथोलॉजी विभाग द्वारा सोमवार को राष्ट्रीय पैथोलॉजी दिवस पर राष्ट्रीय यूजी लेवल इंटर मेडिकल कॉलेज पैथ-आर्टः 3.0 प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों और मेडिकल कॉलेजों के छात्र-छात्राओं ने वीडियो के माध्यम से पैथोलॉजी की महत्ता और खूबियों पर अपने विचार साझा किए।

प्रतियोगिता का शुभारम्भ केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल, केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के डीन और प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, प्रति-कुलपति डॉ. गौरव सिंह, डॉ. हरेन्द्र कुमार राष्ट्रीय उपाध्यक्ष इंडियन एसोसिएशन ऑफ पैथोलॉजी एण्ड माइक्रोबायलॉजी, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगनदीप सिंह, विभागाध्यक्ष पैथालॉजी डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह, डॉ. संगीता सिंह आदि ने  मां सरस्वती तथा पैथोलॉजी के जनक डॉ. वसंत राव खानोलकर के छायाचित्रों पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलित कर किया।

कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने अपने सम्बोधन में कहा कि पैथोलॉजी चिकित्सा उपचार की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि शरीर की संरचना और उसकी कार्यविधि की जानकारी होना प्रत्येक मेडिकल विद्यार्थी के लिए अति आवश्यक है क्योंकि डॉक्टर का काम ही उचित जांच निदान पर निर्भर होता है। इस अवसर पर प्राचार्य और डीन डॉ. आर.के. अशोका ने पैथोलॉजी विभाग के प्रयासों की सराहना करते हुए अन्य विभागाध्यक्षों से भी इस तरह के आयोजन करने का आह्वान किया। डॉ. अशोका ने कहा कि मरीज के शरीर के किस अंग में समस्या है या सही कार्य नहीं कर रहा, इसकी जानकारी पैथोलॉजी से ही मिल सकती है। डॉ. अशोका ने सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि प्रतिस्पर्धा में जीत-हार से अधिक जरूरी उसमें प्रतिभाग करना है।

मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल ने सभी छात्र-छात्राओं से भारतीय पैथोलॉजी के जनक डॉ. वसंत राव खानोलकर के कृतित्व से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। पैथोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. प्रणीता जसवंत सिंह ने अपने स्वागत भाषण में सभी गणमान्य अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि पैथ-आर्टः 3.0 प्रतियोगिता का उद्देश्य भावी चिकित्सकों को पैथोलॉजी की गूढ़ बातों से रूबरू कराना है ताकि वह चिकित्सा उपचार में महारत हासिल कर समाज को निरोगी रखने में अपना योगदान दे सकें।

राष्ट्रीय इंटर मेडिकल कॉलेज पैथ-आर्टः 3.0 प्रतियोगिता में बरेली, सैफई हापुड़, मथुरा, पीलीभीत, मेरठ, ग्रेटर नोएडा आदि से आए प्रतिभागी मेडिकल छात्र-छात्राओं ने शरीर के आंतरिक हिस्सों में फैलने वाले विभिन्न रोगों की जांच में प्रयोग होने वाली तकनीकों और यंत्रों की जानकारी वीडियो विजुअल के माध्यम से दी। इस अवसर पर के.डी. मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सभी विभागाध्यक्षों ने करतल ध्वनि से उनका उत्साहवर्धन किया। निर्णायकों ने सभी ग्रुप प्रतिस्पर्धियों से प्रश्न पूछते हुए उनका बौद्धिक मूल्यांकन किया तथा परिणाम घोषित किए। अतिथियों ने विजेता तथा उपविजेता छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र तथा ट्रॉफी प्रदान कर पुरस्कृत किया।

केडी विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल तथा प्रति-कुलाधिपति मनोज अग्रवाल ने पैथोलॉजी विभाग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता की सराहना करते हुए विजेता छात्र-छात्राओं के साथ ही सभी प्रतिभागियों को बधाई दी। कुलाधिपति डॉ. रामकिशोर अग्रवाल ने छात्र-छात्राओं को अपने रचनात्मक कौशल का उपयोग कर जटिल अवधारणाओं को समझने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने ऐसे शैक्षिक कार्यक्रमों को एमबीबीएस छात्र-छात्राओं के लिए बहुत उपयोगी बताया।

के.डी. मेडिकल कॉलेज में हुई पैथ-आर्टः 3.0 प्रतिस्पर्धा की सफलता में आयोजन सचिव डॉ. संगीता सिंह, संयुक्त सचिव डॉ. अम्बरीश कुमार, डॉ. जी. य़ामिनी प्रिया, डॉ. योगिता सिंह, डॉ. आकांक्षा अग्रवाल, डॉ. सोनम बिलावारिया, डॉ. निखिल मेहरोत्रा, डॉ. शुभम सोलंकी आदि का अहम योगदान रहा। अंत में आयोजन समिति की सचिव डॉ. संगीता सिंह ने सभी का आभार माना।

चित्र कैप्शनः इंटर मेडिकल कॉलेज पैथ-आर्टः 3.0 प्रतियोगिता का दीप प्रज्वलित कर शुभारम्भ करते तथा मंचासीन अतिथि।

 

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