यूपी में प्रशिक्षक बनेंगे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, आवेदन मांगे

35 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में नियुक्त किए जाएंगे प्रशिक्षक

खेलपथ संवाद

लखनऊ। खेल निदेशालय लखनऊ एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से बतौर प्रशिक्षक सेवाएं लेने का मन बना रहा है। प्रदेश के आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए उत्तर प्रदेश खेल निदेशालय की ओर से अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षकों के आवेदन मांगे गए हैं। डेढ़ लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय वाले इन प्रशिक्षकों के आवेदन करने की अंतिम तिथि 10 अप्रैल निर्धारित की गई है।

मिली जानकारी के अनुसार फुटबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट, जूडो में पुरुष प्रशिक्षक और हैंडबाल में महिला और हॉकी, वॉलीबाल, तैराकी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनस, बॉस्केटबाल, कबड्डी और कुश्ती में पुरुष व महिला दोनों में ही मानदेय प्रशिक्षकों पर तैनाती की जानी है। प्रशिक्षक पद के लिए वही खिलाड़ी आवेदन कर सकते हैं जिन्होंने ओलम्पिक, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स या वर्ल्ड कप या वर्ल्ड चैम्पियनशिप (चार वर्ष में होने वाली) में प्रतिभाग किया हो। इसके अतिरिक्त पद्मश्री, खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य या ध्यानचंद अवॉर्ड से सम्मानित खिलाड़ी अथवा भारतीय टीम को इन अंतरराष्ट्रीय स्तरों पर प्रशिक्षित करने वाले भी आवेदन कर सकते हैं।

प्रदेश के आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी और प्रशिक्षक उभरते हुए खिलाड़ियों को जीत का मंत्र सिखाएंगे। शासन के निर्देश पर खेल विभाग ने प्रदेश के 35 आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में 15 खेलों के लिए 40 अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों की तैनाती का निर्णय लिया है। इसके लिए चयनित प्रशिक्षकों को 1.50 लाख रुपये प्रतिमाह का मानदेय दिया जाएगा। आगरा मंडल में एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम और मैनपुरी में पंडित जवाहर लाल नेहरू स्पोर्ट्स स्टेडियम में आवासीय छात्रावास हैं। इच्छुक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और प्रशिक्षक 10 अप्रैल तक अपने अपने क्षेत्रीय खेल कार्यालयों में आवेदन जमा कर सकते हैं। इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के सरकारी हॉस्टलों में रह रहे खिलाड़ियों को विश्वस्तरीय तकनीक और अनुभव का लाभ दिलाना है।

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