सुपर आठ में टीम इंडिया को अजेय टीमों से करना होगा मुकाबला

ग्रुप चरण में सभी मैच जीतकर शीर्ष पर रहने वाली टीमें ग्रुप-1 में शामिल

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 का रोमांच प्रशंसकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। ग्रुप चरण का समापन लगभग हो चुका है और अब बारी है सुपर-8 की। आठ टीमें इस टूर्नामेंट के अगले चरण के लिए क्वालिफाई कर चुकी हैं, जिन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-1 में भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें हैं। वहीं, ग्रुप-2 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका हैं।

दिलचस्प बात यह है कि ग्रुप-1 में जो टीमें पहुंचीं हैं वह ग्रुप चरण में एक भी मुकाबला नहीं हारी हैं और अपने-अपने ग्रप में शीर्ष पर रही हैं। वहीं, ग्रुप-2 की स्थिति इससे बिल्कुल उलटी है। उसकी टीमों को ग्रुप चरण में एक न एक मैच में हार मिली है। आईसीसी द्वारा तय प्री-सीडिंग के मुताबिक, सुपर-8 के लिए जिन टीमों ने क्वालिफाई किया है उन्हें दो ग्रुप में बांटा गया है। ग्रुप-1 में भारत, दक्षिण अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे की टीमें शामिल हैं। इन चारों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप में शानदार प्रदर्शन करते हुए एक भी मुकाबला नहीं गंवाया।

ग्रुप चरण में इन टीमों का प्रदर्शन- भारत (ग्रुप A) – 4 मैच, 4 जीत, 8 अंक, +2.500 नेट रन रेट, जिम्बाब्वे (ग्रुप B) – 4 मैच, 3 जीत, 1 नो रिजल्ट, 7 अंक, वेस्टइंडीज (ग्रुप C) – 4 मैच, 4 जीत, 8 अंक, दक्षिण अफ्रीका (ग्रुप D) – 4 मैच, 4 जीत, 8 अंक। इन चारों टीमों ने अपने-अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और अपराजित रहते हुए सुपर-8 में प्रवेश किया। यही वजह है कि ग्रुप-1 को 'टेबल टॉपर्स का ग्रुप' कहा जा रहा है।

ग्रुप-2: हर टीम को मिली कम से कम एक हारः इसके विपरीत सुपर-8 के ग्रुप-2 में इंग्लैंड, न्यूजीलैंड, पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें हैं। इन सभी टीमों को ग्रुप चरण में कम से कम एक मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और ये अपनी-अपनी तालिका में दूसरे स्थान पर रहीं।

ग्रुप चरण में इन टीमों का प्रदर्शनः पाकिस्तान (ग्रुप A) – 4 मैच, 3 जीत, 1 हार, 6 अंक, श्रीलंका (ग्रुप B) – 4 मैच, 3 जीत, 1 हार, 6 अंक, इंग्लैंड (ग्रुप C) – 4 मैच, 3 जीत, 1 हार, 6 अंक, न्यूजीलैंड (ग्रुप D) – 4 मैच, 3 जीत, 1 हार, 6 अंक। चारों टीमों ने अच्छा प्रदर्शन जरूर किया, लेकिन अपराजित नहीं रह सकीं और अपने-अपने ग्रुप में रनर-अप के रूप में क्वालिफाई किया।

प्री-सीडिंग से बना दिलचस्प समीकरण

आईसीसी द्वारा पहले से तय प्री-सीडिंग व्यवस्था के चलते ग्रुप-1 में सभी अपराजित और टेबल टॉपर टीमें एक साथ आ गई हैं, जबकि ग्रुप-2 में वे टीमें हैं जिन्हें ग्रुप चरण में कम से कम एक हार मिली। इस कारण सुपर-8 का ग्रुप-1 बेहद कड़ा और संतुलित नजर आ रहा है, जहां चारों टीमें शानदार फॉर्म में हैं वहीं, ग्रुप-2 में भी मुकाबला कम रोचक नहीं होगा, क्योंकि यहां चारों टीमें वापसी की क्षमता रखती हैं और नॉकआउट में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंकेंगी। अब देखने वाली बात होगी कि क्या ग्रुप-1 की अपराजित टीमें अपनी लय बरकरार रख पाती हैं या ग्रुप-2 की टीमें सुपर-8 में नया समीकरण गढ़ती हैं।

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