दक्षिणेश्वर सुरेश की हैट्रिक से डेविस कप में जीता भारत
वर्ल्ड नबर 6 को हराकर भारतीय टेनिस खिलाड़ियों ने रचा इतिहास
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। भारतीय टेनिस टीम ने डेविस कप में बड़ा उलटफेर किया। भारत ने वर्ल्ड नम्बर 6 की टीम नीदरलैंड्स को हराकर क्वालिफायर्स के दूसरे राउंड में जगह बनाई। इस मैच में दक्षिणेश्वर सुरेश हीरो बनकर चमके जिन्होंने यादगार प्रदर्शन करते हुए तीन मैच जीते। भारत ने यह रोमांचक मुकाबला 3-2 से अपने नाम किया। भारत ने 2019 में डेविस कप का नया फॉर्मेट शुरू होने के बाद से पहली बार क्वालीफायर्स के दूसरे दौर में जगह बनाई है। अगले दौर में उसका सामना कोरिया से हो सकता है।
नीदरलैंड्स अपने दो टॉप सिंगल खिलाड़ी टालोन ग्रीकस्पूर ( विश्व रैंकिंग 29) और बोटिच वान डे जैंडशल्प (67) के बिना यह मुकाबला खेल रहा था। मैच के पहले दिन भारतीय स्टार खिलाड़ी सुमित नागल को हार का सामना करना पड़ा। उन्हें गाय डेन ओडने ने 6-0,4-6,6-3 से हराया। इसके साथ ही नीदरलैंड्स ने 1-0 की लीड हासिल की। इसके बाद दिन के दूसरे सिंगल मैच में दक्षिणेश्वर सुरेश ने डच खिलाड़ी जेसपर डी जोंग को 6-4,7-5 से हराकर पहले दिन के आखिर तक भारत को 1-1 से बराबरी दिला दी।
दूसरे दिन सबसे पहले डबल्स मुकाबला खेला जाना था। मुकाबले में दक्षिणेश्वर और भांबरी ने डेविड पेल और सैंडर एरेंड्स को 7-6, 3-6, 7-6 से हराकर भारत को 2-1 से बढत दिला दी थी। तीन घंटे तक चले बराबरी के मुकाबले में एन श्रीराम बालाजी की जगह दक्षिणेश्वर को उतारने का भारतीय कप्तान रोहित राजपाल का फैसला सटीक साबित हुआ। रिवर्स सिंगल में सुमित नागल को हार मिली। नागल एक सेट जीतने के बाद दुनिया के 88वें नंबर के खिलाड़ी जेस्पर डि जोंग से करीब तीन घंटे तक मुकाबला 7-5, 1-6, 4-6 से हार गए। इसके बाद स्कोर 2-2 से बराबर हो गया और सारी उम्मीदें दक्षिणेश्वर पर टिक गईं।
इसके बाद 22 साल बाद 25 साल के दक्षिणेश्वर ने पेस वाला कारनामा करते हुए पांचवें मुकाबले में गाय डि ओडेन को 6-4, 7-6 से हराया। मुकाबला जीतते ही दक्षिणेश्वर पीठ के बल लेट गए और सारे साथी खिलाड़ी उन्हें गले लगाने दौड़ पड़े। भारतीय टीम ने उन्हें कंधे पर उठा लिया। दक्षिणेश्वर केवल दूसरी ही बार डेविस कप खेल रहे हैं। इस खिलाड़ी ने अपने दोनों सिंगल्स मुकाबले जीते वहीं युकी भांबरी के साथ डबल्स मुकाबला भी अपने नाम किया। इसी तरह का प्रदर्शन साल 2004 में लिएंडर पेस ने पेस किया था जब उन्होंने जापान के खिलाफ तीन मैच जीते थे।
