मुक्केबाज लवलीना-अरुंधति की अगुआई में भारत का शानदार प्रदर्शन
बॉक्सम एलीट इंटरनेशनल 2026 मुक्केबाजी टूर्नामेंटः नौ स्वर्ण पदक जीते
खेलपथ संवाद
नई दिल्ली। ओलम्पिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन और पूर्व यूथ विश्व चैम्पियन अरुंधति चौधरी के शानदार प्रदर्शन की बदौलत भारत ने बॉक्सम एलीट इंटरनेशनल 2026 मुक्केबाजी टूर्नामेंट में जबरदस्त दबदबा बनाते हुए कुल नौ स्वर्ण पदक अपने नाम किए। स्पेन में आयोजित इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट में भारत ने विशेष रूप से महिला वर्ग में ऐतिहासिक प्रदर्शन किया।
शनिवार को खेले गए मुकाबलों में भारत की सात महिला मुक्केबाजों ने फाइनल में जगह बनाई और सभी ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया। 54 किलोग्राम भार वर्ग में तो खिताबी मुकाबला पूरी तरह भारतीय मुक्केबाजों के बीच ही खेला गया। बॉक्सम एलीट 2026 में 20 देशों के 200 से अधिक मुक्केबाजों ने हिस्सा लिया, जो सीज़न की शुरुआत में एक उच्च स्तरीय अंतरराष्ट्रीय चुनौती थी।
भारत ने प्रतियोगिता में नौ स्वर्ण, तीन रजत और सात कांस्य पदकों के साथ सबसे सफल टीम के रूप में अभियान समाप्त किया। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) के अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा, ' बॉक्सम एलीट ने हमें वही अंतरराष्ट्रीय अनुभव दिया जिसकी हमें इस चरण पर आवश्यकता थी। फाइनल मुकाबलों में शानदार सफलता हमारी तैयारी और कार्यक्रम की प्रगति को दर्शाती है। आने वाला वर्ष चुनौतीपूर्ण है और यह टूर्नामेंट हमारी तैयारियों के लिए बेहद अहम साबित हुआ।'
महिला वर्ग में मंजू रानी (48 किलोग्राम) और नीतू (51 किलोग्राम) ने स्पेन की मुक्केबाजों के खिलाफ एकतरफा जीत के साथ स्वर्ण पदक अभियान की शुरुआत की। इसके बाद पूनम (54 किलोग्राम) ने कड़े मुकाबले में अपनी साथी प्रीति को हराकर खिताब जीता। प्रिया (60 किलोग्राम) और अरुंधति (70 किलोग्राम) ने यूक्रेन की मुक्केबाज़ों के खिलाफ 5-0 के स्पष्ट फैसले से जीत दर्ज की। वहीं लवलीना बोरगोहेन (75 किलोग्राम) ने इंग्लैंड की मैरी-केट स्मिथ को 4-1 से हराकर अपना क्लासिक नियंत्रण और अनुभव दिखाया। नैना (80 किलोग्राम) ने भी यूक्रेन की राइसा पिस्कुन को मात देकर स्वर्ण पदकों की झड़ी पूरी की।
पुरुष वर्ग में इन्होंने दर्ज की जीत
पुरुष वर्ग में सचिन (60 किलोग्राम) ने कनाडा के केओमा-अली अल अहमदियेह को 3-2 से हराकर रोमांचक जीत दर्ज की। वहीं आकाश (75 किग्रा) ने कजाखस्तान के अमान कोंसबेगॉव को करीबी मुकाबले में 3-2 से हराकर स्वर्ण पदक जीता।दीपक (70 किग्रा) और अंकुश (80 किग्रा) को क्रमशः कजाखस्तान और यूक्रेन के मुक्केबाजों के खिलाफ कड़े मुकाबलों में रजत पदक से संतोष करना पड़ा।
