आरसीबी ने दूसरी बार जीता महिला प्रीमियर लीग का खिताब
दिल्ली चौथी बार चूकी, छह विकेट से मिली शिकस्त
स्मृति मंधाना ने अपने शानदार खेल से जीता दिल
खेलपथ संवाद
वडोदरा। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की उप कप्तान स्मृति मंधाना ने व्यक्तिगत परेशानियों के बावजूद अपने शानदार खेल और कप्तानी से अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को महिला प्रीमियर लीग-2026 का खिताब जिताया। आरसीबी की बतौर कप्तान स्मृति का यह दूसरा महिला प्रीमियर लीग खिताब है। दिल्ली कैपिटल्स को लगातार चौथी बार फाइनल में पराजय का सामना करना पड़ा है।
फाइनल में स्मृति ने केवल 41 गेंदों में 87 रन बनाए, जिसमें 12 चौके और तीन छक्के शामिल थे। उनकी धुआंधार पारी ने आरसीबी की टीम को 204/4 के चुनौतीपूर्ण लक्ष्य तक पहुंचाया। आरसीबी ने दिल्ली को फाइनल में छह विकेट से हराया। फाइनल में स्मृति की आक्रामक बल्लेबाजी और टीम के अन्य खिलाड़ियों का सहयोग विजयी रास्ता सुनिश्चित करने में निर्णायक साबित हुआ।
पहले बल्लेबाजी करने उतरी दिल्ली टीम की ओर से लिजेल ली ने 30 गेंद में 37 रन और शेफाली वर्मा ने 13 गेंद में 20 रन की पारी खेली। वोल्वार्ड्ट ने 25 गेंद में तीन चौके और दो छक्के की मदद से 44 रन बनाए। इसके अलावा कप्तान जेमिमा रॉड्रिग्स ने 37 गेंद में आठ चौके की मदद से 57 रन की पारी खेली। चिनेल हेनरी 15 गेंद में चार चौके और दो छक्के की मदद से 35 रन की नाबाद तूफानी पारी खेली। दिल्ली ने 20 ओवर में चार विकेट गंवाकर 203 रन बनाए। आरसीबी की ओर से लॉरेन बेल ने चार ओवर में केवल 19 रन दिए, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला। सयाली सतघरे, अरुंधति रेड्डी और नदिन डी क्लर्क को एक-एक विकेट मिला।
जवाब में आरसीबी को नौ रन पर पहला झटका लगा था। शानदार फॉर्म में चल रहीं ग्रेस हैरिस नौ रन बनाकर आउट हो गई थीं। इसके बाद कप्तान मंधाना और जॉर्जिया वॉल ने 92 गेंद में 165 रन की विजयी साझेदारी की। वॉल ने 54 गेंद में 14 चौके की मदद से 79 रन की पारी खेली। ऋचा घोष छह रन बनाकर आउट हुईं। नदिन सात रन और राधा 12 रन बनाकर नाबाद रहीं। आरसीबी ने 19.4 ओवर में लक्ष्य हासिल किया। दिल्ली की ओर से चिनेल ने दो विकेट लिए। इसके अलावा नंदिनी और मिन्नू को एक-एक विकेट मिला।
स्मृति मंधाना हाल ही में अपने व्यक्तिगत जीवन में कठिन दौर से गुजर रही थीं। उनकी और संगीतकार पलाश मुछाल की शादी, जो 23 नवंबर को महाराष्ट्र के सांगली में होनी थी, अनिश्चितकाल के लिए टल गई और बाद में रद्द कर दी गई। दोनों की लव स्टोरी किसी फिल्मी कहानी की तरह शुरू हुई, लेकिन उसका अंत काफी दर्दनाक था। मंधाना ने 17 दिन बाद चुप्पी तोड़ी और स्पष्ट किया कि शादी टूट गई है।
स्मृति ने इंस्टाग्राम पर पोस्ट करते हुए स्पष्ट किया, 'पिछले कुछ सप्ताह से मेरे जीवन को लेकर काफी अटकलें लगाई जा रही हैं और मुझे लगता है कि इस समय मेरे लिए खुलकर बोलना जरूरी है। मैं बहुत निजी इंसान हूं और मैं इसे इसी तरह रखना चाहती हूं, लेकिन मुझे यह स्पष्ट करना होगा कि शादी रद्द कर दी गई है। मैं आपसे अनुरोध करती हूं कि इस समय दोनों परिवारों की निजता का सम्मान करें और हमें अपनी गति से आगे बढ़ने का समय दें।' स्मृति ने अपने संदेश में यह भी कहा कि उनका ध्यान हमेशा देश के लिए खेल और ट्रॉफियां जीतने पर रहेगा और उन्होंने वही कर दिखाया। पुरानी यादों को पीछे छोड़ अपनी टीम को खिताब दिलाने में मदद की।
हल्दी सेरेमनी 21 नवंबर को हुई थी, जिसमें स्मृति की टीम की साथी खिलाड़ी भी मौजूद थीं। 22 नवंबर को मेहंदी सेरेमनी हुई और 23 नवंबर को शादी की सभी तैयारियां पूरी थीं। मंधाना के पिता की अचानक तबीयत बिगड़ने और पलाश की बीमारियों के कारण शादी स्थगित हुई। इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर अटकलें तेज हो गईं और तरह-तरह की बातें की गईं। इसके बाद स्मृति ने कहा कि उनका फोकस अब खेल और देश की सेवा पर रहेगा।
स्मृति की इस सफलता ने यह साबित किया कि व्यक्तिगत परेशानियां किसी की पेशेवर प्रतिभा को कम नहीं कर सकतीं। शादी के टूटने और जीवन की चुनौतियों के बावजूद, उन्होंने अपने खेल और टीम के लिए नेतृत्व का प्रदर्शन किया और आरसीबी को दूसरी बार महिला प्रीमियर लीग का खिताब दिलाया। इससे पहले टीम 2024 में भी चैंपियन बनी थी। इतना ही नहीं, मंधाना सीजन की टॉप स्कोरर भी रहीं। उन्होंने इस सीजन नौ पारियों में 53.86 की औसत और 153.25 के स्ट्राइक रेट से 377 रन बनाए। इनमें तीन अर्धशतक शामिल हैं। उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली और वह प्लेयर ऑफ द फाइनल भी रहीं।
