डेटा साइंस के व्यावहारिक पहलुओं से रूबरू हुए राजीव एकेडमी के विद्यार्थी
डेटा साइंटिस्ट प्रतीक गुप्ता ने प्रमुख लाइब्रेरीज की उपयोगिताएं बताईं
मथुरा। राजीव एकेडमी फॉर टेक्नोलॉजी एण्ड मैनेजमेंट, मथुरा के बीसीए छात्र-छात्राओं को आधुनिक तकनीकों और उद्योग में उपयोग होने वाले नवीनतम टूल्स की जानकारी देने के लिए “डेटा साइंस के लिए पायथन” विषय पर अतिथि व्याख्यान का आयोजन किया गया। अतिथि वक्ता ड्यूकैट के डेटा साइंटिस्ट प्रतीक गुप्ता ने विद्यार्थियों को डेटा साइंस के व्यावहारिक पहलुओं और वास्तविक उद्योग में इसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
डेटा साइंटिस्ट श्री गुप्ता ने बताया कि वर्तमान समय में डेटा साइंस विभिन्न क्षेत्रों में निर्णय लेने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना रहा है। उन्होंने पायथन को डेटा एनालिसिस, विज़ुअलाइज़ेशन और मशीन लर्निंग के लिए एक अत्यंत शक्तिशाली भाषा बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से जटिल डेटा से उपयोगी जानकारी निकालना सम्भव हो गया है। उन्होंने छात्र-छात्राओं को पैंडस, नमपाई और साइकिट-लर्न जैसी प्रमुख लाइब्रेरीज की उपयोगिताएं बताते हुए इनके व्यावहारिक उपयोग की जानकारी भी दी।
गेस्ट लेक्चर के दौरान डेटा साइंस इकोसिस्टम का विस्तृत अवलोकन प्रस्तुत किया गया, जिसमें डेटा एनालिसिस, विज़ुअलाइज़ेशन और मशीन लर्निंग में पायथन की भूमिका को सरल तरीके से समझाया गया। इसके साथ ही कोर लाइब्रेरीज़ जैसे नमपाई के माध्यम से न्यूमेरिकल कम्प्यूटिंग, पैंडस के जरिए डेटा मैनिपुलेशन तथा मैटप्लॉटलिब और सीबॉर्न के माध्यम से डेटा विज़ुअलाइज़ेशन पर हैंड्स-ऑन प्रशिक्षण दिया गया। विद्यार्थियों ने लाइव डेमोस्ट्रेशन के जरिए सीखा कि किस प्रकार डेटा को साफ करके उससे सार्थक परिणाम निकाले जा सकते हैं।
मशीन लर्निंग बेसिक्स सत्र में छात्र-छात्राओं को प्रेडिक्टिव मॉडल तैयार करने के लिए साइकिट-लर्न का परिचय कराया गया, इससे उन्हें एआई आधारित निर्णय-निर्माण की मूलभूत समझ मिली। वक्ता ने रियल-वर्ल्ड एप्लीकेशन्स के अंतर्गत डेटा माइनिंग और बिज़नेस इनसाइट्स से जुड़ी केस स्टडीज़ साझा कीं, जिससे विद्यार्थियों को यह समझने में सहायता मिली कि डेटा साइंस केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि उद्योग की समस्याओं के समाधान का एक प्रभावी माध्यम है। इसके अतिरिक्त डेटा एनालिसिस वर्कफ्लो के अंतर्गत डेटा क्लीनिंग, एक्सट्रेक्शन और विज़ुअलाइज़ेशन की पूरी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से समझाया गया।
इंटरेक्टिव सत्र के दौरान विद्यार्थियों ने डेटा साइंस में करियर सम्भावनाओं, आवश्यक स्किल्स और इंडस्ट्री ट्रेंड्स से जुड़े कई प्रश्न पूछे, जिनके अतिथि वक्ता ने विस्तार से जवाब दिए। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने और नई तकनीकों के साथ स्वयं को अपडेट रखने की सलाह दी, ताकि वे भविष्य की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार रह सकें।
राजीव एकेडमी के ट्रेनिंग एण्ड प्लेसमेंट प्रमुख डॉ. विकास जैन ने कहा कि ऐसे गेस्ट लेक्चर विद्यार्थियों के तकनीकी ज्ञान को वास्तविक उद्योग अनुभव से जोड़ते हैं और उन्हें अपने करियर की दिशा तय करने में मदद करते हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान का प्रयास है कि विद्यार्थियों को समय-समय पर विशेषज्ञों से मार्गदर्शन मिलता रहे, जिससे उनकी व्यावसायिक दक्षता में वृद्धि हो।
आर.के. एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन डॉ. रामकिशोर अग्रवाल, उपाध्यक्ष पंकज अग्रवाल, प्रबंध निदेशक मनोज अग्रवाल ने आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान अत्यंत आवश्यक है। संस्थान के निदेशक डॉ. अमर कुमार सक्सेना ने अतिथि वक्ता प्रतीक गुप्ता का छात्र-छात्राओं से बहुमूल्य अनुभव साझा करने के लिए आभार माना। यह अतिथि व्याख्यान बीसीए के छात्र-छात्राओं के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक सिद्ध हुआ।
चित्र कैप्शनः बीसीए छात्र-छात्राओं को डेटा साइंस के व्यावहारिक पहलुओं की जानकारी देते हुए ड्यूकैट के डेटा साइंटिस्ट प्रतीक गुप्ता।
