यूपी के अनुदेशकों ने जीती लड़ाई, अब शिक्षा मित्र लेंगे अंगड़ाई

13 साल की लड़ाई के बाद सात का 17 हजार हुआ मानदेय

अनुदेशकों को 2017-18 से 17,000 रुपये मानदेय मिलेगा

उत्तर प्रदेश सरकार को छह माह में एरियर भुगतान के निर्देश

खेलपथ संवाद

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों को करीब 13 साल बाद बड़ी खुशखबरी मिली है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब अनुदेशकों को वर्ष 2017-18 से हर माह 17 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। इसके साथ ही उन्हें पिछले वर्षों का एरियर भी दिया जाएगा। साथ ही लगातार 10 साल सेवा पूरी करने वाले अनुदेशक व्यावहारिक रूप से स्थायी माने जाएंगे।

उत्तर प्रदेश में कुल 24,717 अंशकालिक अनुदेशक कार्यरत हैं। पहले इन्हें सात हजार फिर 8470 रुपये मिलता था। वर्तमान में हर माह नौ हजार रुपये मानदेय मिल रहा था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बेसिक शिक्षा विभाग आदेश के अनुपालन की तैयारियों में जुट गया है। इस निर्णय से प्रदेश के सभी परिषदीय उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत अंशकालिक अनुदेशकों को सीधा लाभ मिलेगा।

प्रदेश के अनुदेशकों का हर वर्ष नवीनीकरण किया जाता है, जिसका अनुमोदन जिलाधिकारी द्वारा किया जाता है। अनुदेशक वर्ष 2013 से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे थे। साल 2017 में मानदेय बढ़ाने का निर्णय हुआ था, लेकिन सरकार बदलने के बाद इसे लागू नहीं किया गया। इसके बाद अनुदेशक सरकार के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट पहुंचे। हाईकोर्ट ने अनुदेशकों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिसके खिलाफ राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट गई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की अपील खारिज कर अनुदेशकों के पक्ष में अंतिम आदेश दे दिया है।

राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ उत्तर प्रदेश (प्राथमिक संवर्ग) के प्रदेश अध्यक्ष शिवशंकर सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा कि वर्ष 2017 से चल रही कानूनी लड़ाई में एरियर की बहाली अनुदेशकों की बड़ी जीत है। प्रदेश महामंत्री प्रदीप तिवारी ने कहा कि संगठन लम्बे समय से अनुदेशकों को सम्मानजनक मानदेय देने की मांग कर रहा था। प्रदेशीय कोषाध्यक्ष नीलमणि शुक्ला, मीडिया प्रमुख बृजेश श्रीवास्तव, मंत्री डॉ. श्वेता, संयुक्त मंत्री रविंद्र पंवार, प्रियंका शुक्ला, सोनल शर्मा और उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है। सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को उत्तर प्रदेश के हजारों अंशकालिक अनुदेशकों के लिए बड़ी कानूनी और आर्थिक जीत माना जा रहा है।

प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 1,42,929 शिक्षामित्रों को वर्तमान में 10,000 रुपये मासिक मानदेय मिल रहा है। अनुदेशकों को 17,000 रुपये मानदेय दिए जाने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शिक्षामित्रों में भी उम्मीद बढ़ी है। शिक्षामित्रों के मानदेय को लेकर अब प्रदेश सरकार को निर्णय लेना है, जिसकी घोषणा कभी भी हो सकती है।

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