राष्ट्रीय प्रशिक्षक पर नाबालिग शूटर के 'यौन उत्पीड़न' का आरोप
हरियाणा पुलिस ने राष्ट्रीय शूटिंग कोच के खिलाफ किया मामला दर्ज
नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने किया निलम्बित
खेलपथ संवाद
चंडीगढ़। फरीदाबाद में 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की शूटर द्वारा यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए जाने के बाद हरियाणा पुलिस ने राष्ट्रीय शूटिंग कोच के खिलाफ मामला दर्ज किया है। प्राथमिकी के अनुसार, यह घटना 16 दिसम्बर, 2025 को हुई थी, जब एथलीट ने दक्षिण दिल्ली के डॉ. कर्णी सिंह शूटिंग रेंज में एक राष्ट्रीय स्तर की शूटिंग प्रतियोगिता में भाग लिया था।
पीड़िता ने जो एफआईआर दर्ज करवायी है, उसके अनुसार, पिछले महीने कर्णी सिंह रेंज में एक अभ्यास सत्र के बाद यह घटना घटी थी। पिछले साल अगस्त से भारद्वाज के साथ प्रशिक्षण ले रही इस युवा निशानेबाज ने बताया कि वह इस घटना से सदमे में है और उन्होंने बार-बार पूछे जाने पर एक जनवरी को अपनी मां को इसकी जानकारी दी। अपनी एफआईआर में 17 वर्षीय खिलाड़ी ने आरोप लगाया है कि भारद्वाज उसे मोहाली, पटियाला, देहरादून और दिल्ली जैसे स्थानों पर प्रशिक्षण के लिए बुलाते थे, लेकिन वह हमेशा उसी दिन घर लौट आती थी।
पीड़िता ने कहा कि घटना वाले दिन वह राष्ट्रीय चैम्पियनशिप में भाग लेने के लिए टैक्सी से अकेले ही कर्णी सिंह रेंज गई थी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता समाप्त होने के बाद जब वह घर जा रही थी, तो कोच ने उसे अपने प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए रुकने को कहा। इस युवा खिलाड़ी ने अपनी शिकायत में बताया कि कोच ने पहले उसे फरीदाबाद के सूरजकुंड इलाके में एक होटल की लॉबी में मिलने के लिए कहा। लेकिन वहां पहुंचने पर कोच ने कथित तौर पर उसे अपने कमरे में आने के लिए मजबूर किया और कहा कि उसके प्रदर्शन को लेकर अधिक गहन चर्चा करने की जरूरत है।
पीड़ित खिलाड़ी ने बताया, ‘कोच ने मुझे लिफ्ट वाले एरिया में आने को कहा। जब मैं लिफ्ट वाले एरिया में गई तो कोच ने मुझसे कहा कि उन्होंने यहां एक कमरा बुक किया है, इसलिए मेरे कमरे में आ जाओ। मैं तुमसे वहां खेल के बारे में बात करूंगा।’ उन्होंने फिजियोथेरेपी तकनीक का जिक्र करते हुए कहा, ‘वह मुझे तीसरी मंजिल पर एक कमरे में ले गए और मैच के बारे में चर्चा की।
कुछ देर बाद मैंने सर से कहा कि मैं घर जाना चाहती हूं, लेकिन उन्होंने मुझसे कहा कि वह मेरी पीठ की हड्डी चटका (एक तरह का व्यायाम) देंगे।’ पीड़िता ने एफआईआर में बताया, ‘मैंने तुरंत इनकार कर दिया लेकिन इसके बावजूद सर ने मुझे जबरदस्ती पेट के बल लिटाया और मेरा यौन उत्पीड़न किया। जब मैंने विरोध किया तो उन्होंने मुझे धमकी दी।’ उन्होंने कहा, ‘कोच ने मुझे धमकी दी कि मैं इस घटना के बारे में किसी को नहीं बताऊं वरना वह मेरे पेशेवर करियर को बर्बाद कर देगा। इस घटना के बाद मैं बहुत डर गई और मैंने किसी को कुछ नहीं बताया।' इस खिलाड़ी में बताया कि घटना के बाद उनके व्यवहार में बदलाव देखकर जब उसकी मां ने बार-बार उससे पूछा, तब जाकर उसने आखिरकार सब कुछ बताया।
पूर्व पिस्टल निशानेबाज भारद्वाज को अपने करियर के दौरान बीटा-ब्लॉकर के इस्तेमाल के लिए 2010 में डोपिंग प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। निशानेबाजी, तीरंदाजी और बिलियर्ड्स के खिलाड़ियों के लिए बीटा-ब्लॉकर प्रतिबंधित है क्योंकि यह हृदय गति, मांसपेशियों में कम्पन और चिंता को कम करने में मदद करते हैं। पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद, एनआईटी फरीदाबाद के महिला पुलिस थाने ने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम की धारा 6 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) के तहत मामला दर्ज किया है।
‘न्यूज 18’ की रिपोर्ट के अनुसार, फरीदाबाद पुलिस के जनसम्पर्क अधिकारी यशपाल यादव ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए होटल प्रशासन को तुरंत सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने कहा कि फोरेंसिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाने के लिए कई टीमें तैनात की गई हैं। जांचकर्ताओं ने होटल के कर्मचारियों और अन्य सम्भावित गवाहों के बयान दर्ज करना शुरू कर दिया है।
अधिकारियों ने कहा कि आरोपी कोच से जल्द ही पूछताछ किए जाने की सम्भावना है और सभी प्रासंगिक सबूतों को सुरक्षित रखने के प्रयास जारी हैं। इस बीच, नेशनल राइफल एसोसिएशन ऑफ इंडिया के महासचिव पवन कुमार सिंह ने कहा कि महासंघ को मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से इन आरोपों का पता चला है और जांच पूरी होने तक कोच को सभी दायित्वों से निलम्बित कर दिया गया है।
