'आपकी अदालत' देश की अदालत तो नहीं है!
मैरीकॉम पिंकी और निखत जरीन के साथ भी कर चुकीं बदतमीज़ी
राजेंद्र सजवान
नई दिल्ली। बेशक, मैरीकॉम भारत की श्रेष्ठ महिला मुक्केबाज हैं। देश के लिए पहला ओलम्पिक पदक जीतने वाली पहली महिला बॉक्सर हैं। विश्व कप, एशियाड और अन्य बड़े आयोजनों में उसने पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया। लेकिन वह यह सब इसलिए कर पाईं क्योंकि उसके पीछे दोस्त, प्रेमी और पति ओनलर कॉम का हाथ था। यह सब खुद मैरीकॉम ने अनेक अवसरों पर सरेआम कहा और स्वीकार किया कि वह जो कुछ भी हैं उसमें उसके पति का बड़ा हाथ रहा है।
दुख की बात है कि आज वह सरे बाजार अपने पति को कोस रही हैं और नाकारा, बेरोजगार व पत्नी के पैसों पर जीने-खाने वाला बता रही हैं। हैरानी वाली बात यह है कि पति को कोसने के लिए उसने देश की अदालत की राह पकड़ने की बजाय रजत शर्मा की अदालत को चुना। हो सकता है दोनों के बीच कोई बड़ी डील हुई हो। वह भूल रही हैं कि कभी इसी पति के त्याग और तपस्या के कसीदे गढ़ा करती थीं। आज उसे कोसते हुए कह रही हैं, “उसने कुछ भी नहीं कमाया। वह जरूर फुटबॉल खेलता था पर कौन सा सुनील छेत्री बन गया? उसने कौन सा बलिदान दे दिया? उसके जैसे फुटबॉलर गली-गली में खेलते हैं।”
मैरीकॉम का आरोप है कि उसके पति ने उसके बैंक खाते से लाखों निकाले। तारीफ की बस यह है कि दोनों पिछले 18 सालों से एक साथ रह रहे हैं। दोनों के काम बंटे हुए थे। मैरीकॉम मुक्के भांज रही थीं तो पतिदेव बच्चों के लालन-पालन और पढ़ाई-लिखाई का बीड़ा उठाए था। लेकिन जब उनके बीच तीसरे आदमी का प्रवेश हुआ तो सबकुछ बिगड़ गया। पति ने उस पर कई मर्दों से संबंध रखने का आरोप लगाया है।
रजत शर्मा की अदालत में मैरीकॉम ने अपने पति को बुरी तरह धोया। निकम्मा और फालतू बताया लेकिन मुक्केबाजी और खेलों से जुड़े खिलाड़ी, कोच और तमाम लोग मैरीकॉम को बुरा भला कह रहे हैं। इस प्रकरण के बाद मैरीकॉम पर चौतरफा आरोप लग रहे हैं। उसे घमंडी, बड़बोली और ना जाने क्या-क्या कहा जा रहा है। जो कभी देशभर की महिला खिलाड़ियों की आदर्श थी उसे कोई भी भाव देने को तैयार नहीं है।
पति से वादाखिलाफी करने वाली इस मुक्केबाज के बारे में उसकी समकालीन खिलाड़ी भी मुंह खोलने लगी हैं। मुक्केबाजी से जुड़े लोग यह नहीं भूले होंगे कि पिंकी जांगड़ा और निखत ज़रीन जैसी मंजी हुई मुक्केबजों को मैरीक़ॉम ने किस कदर हैरान परेशान किया था। इस बड़बोली पर उंगलियां उठनी शुरू हो गई हैं। ऐसा होना ही था। जो महिला अपने परिवार, बच्चों और पति को त्याग दे उसे आप क्या कहेँगे? फैसला आपकी अदालत पर छोड़ते हैं।
