एशियाड स्वर्ण पदक विजेता जिनसन जॉनसन का संन्यास

कहा- दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना जीवन के गौरवशाली पल

देश, कोच और सिस्टम के प्रति आभार जताया आभार

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। भारतीय एथलेटिक्स को अंतरराष्ट्रीय मंच पर नई पहचान दिलाने वाले एशियाई खेलों के स्वर्ण पदक विजेता और राष्ट्रीय रिकॉर्डधारी मध्यम दूरी के धावक जिनसन जॉनसन ने बुधवार को अपने संन्यास की घोषणा कर दी। 34 वर्षीय केरल के इस एथलीट ने 15 साल लम्बे करियर के बाद खेल को अलविदा कहते हुए कहा कि अब उनके जीवन में कुछ नया शुरू करने का समय आ गया है।

जिनसन जॉनसन ने सोशल मीडिया पर अपने संन्यास की घोषणा करते हुए लिखा, 'कोलकाता से एक सपने देखने वाले लड़के के रूप में शुरू हुई यह यात्रा हांगझोउ एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंची। धन्यवाद एथलेटिक्स।' उन्होंने आगे लिखा, 'कुछ यात्राएं मीटर और सेकेंड में मापी जाती हैं, और कुछ आंसुओं, त्याग, विश्वास और उन लोगों से, जिन्होंने आपको कभी गिरने नहीं दिया।'

जिनसन जॉनसन के करियर का सबसे यादगार साल 2018 रहा। उन्होंने जकार्ता एशियन गेम्स में 1500 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीतते हुए 3 मिनट 44.72 सेकेंड का समय निकाला। इसी प्रतियोगिता में उन्होंने 800 मीटर में रजत पदक भी अपने नाम किया। इसी साल उन्होंने गुवाहाटी में आयोजित नेशनल इंटर-स्टेट चैम्पियनशिप में दिग्गज श्रीराम सिंह का 42 साल पुराना 800 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा।

2018 कॉमनवेल्थ गेम्स (गोल्ड कोस्ट) में उन्होंने 1500 मीटर में 3:37.86 का समय निकालकर बहादुर प्रसाद का 23 साल पुराना राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। बाद में उन्होंने 2019 में बर्लिन मीट में 3:35.24 सेकेंड का समय निकालकर अपना ही रिकॉर्ड फिर बेहतर किया। अपने करियर पर बात करते हुए जॉनसन ने कहा, 'दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना और भारतीय एथलेटिक्स में योगदान देना मेरे जीवन के सबसे गर्व के पलों में से एक रहेगा।'

2019 के बाद कोविड-19 और गंभीर एचिलीज़ टेंडन चोट ने उनके करियर को गहरा झटका दिया। तीन साल तक संघर्ष और रिकवरी के बाद उन्होंने 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में 1500 मीटर में कांस्य पदक जीतकर शानदार वापसी की। यही उनकी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आखिरी दौड़ साबित हुई।

जिनसन ने अपने कोच, साथी खिलाड़ियों, सरकार और एथलेटिक्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एएफआईI) का धन्यवाद करते हुए कहा, 'यह यात्रा अकेले मेरी नहीं थी। पर्दे के पीछे काम करने वाले हर व्यक्ति का दिल से धन्यवाद। आपने दर्द को ताकत और संघर्ष को मजबूती में बदला।'

रिलेटेड पोस्ट्स