युवा खिलाड़ियों को विश्वनाथन आनंद ने दिया गुरु मंत्र

कहा- ज्ञान की भीड़ में गहरी समझ ही बनाती है चैम्पियन

खेलपथ संवाद

नई दिल्ली। पांच बार के विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद ने कहा कि ऐसे युग में, जहां खिलाड़ी कम्प्यूटर से मिलने वाली सहायता से अभिभूत हैं, खेल की गहरी समझ आधुनिक शतरंज में एकमात्र असली निर्णायक कारक बन गई है। आनंद ने तीन दिवसीय शतरंज कार्यशाला के उद्घाटन समारोह में कहा, 'दिलचस्प बात यह है कि आपको जितना अधिक ज्ञान उपलब्ध कराया जाता है, उतना ही कम आप जान पाते हैं।

विश्वनाथन आनंद ने कहा कि यदि हर दिन आपको 20-30 नए निष्कर्ष मिलते हैं, तो आप उन्हें कैसे समझ पाएंगे? मेरा मानना है कि आज के शतरंज खिलाड़ियों को अलग करने वाली एकमात्र चीज गहरी समझ है।' कई साल पहले जब आनंद ने कम्प्यूटर का उपयोग करना सीखा था, उस समय का उदाहरण देते हुए इस ग्रैंडमास्टर ने कहा कि नए विचारों के प्रति खुला रहना मददगार होता है, लेकिन बारीकियों को समझना ही किसी खिलाड़ी को नए स्तर पर ले जाता है।

आनंद ने यह भी स्पष्ट किया कि शतरंज में महारत हासिल करना रटने के बजाय पैटर्न पहचानने पर आधारित है। उन्होंने कहा, 'हमारा दिमाग हमारी क्षमता से कहीं अधिक पैटर्न बनाता है। किसी का खेल देखने के हफ्तों बाद भी खिलाड़ियों के दिमाग में नए विचार आ जाते हैं। उन्हें यह अहसास नहीं होता कि वे कहीं और से कुछ नकल कर रहे हैं।'

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